मानव जीवन को सफल बनाएगा संतों का यह विशेष धर्म प्रवचन
भीलवाड़ा में आध्यात्मिक चेतना जगाने और संस्कारों को समृद्ध करने के लिए संतों की उपस्थिति में एक विशेष धर्म प्रवचन का भव्य आयोजन।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। पंडित रत्नन प्रकाशचंद महाराज की आज्ञानुवर्ती महासती सिद्धि म.सा. आदि ठाणा 3 का मंगलवार को महावीर भवन नाड़ी मोहल्ला में मंगल प्रवेश हुआ। इस पावन अवसर पर आयोजित धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रावक और श्राविकाएं उपस्थित रहीं। इस दौरान आयोजित विशेष धर्म प्रवचन में महासती ने कहा कि भगवान महावीर की वाणी को केवल सुनना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि उसे जीवन में आत्मसात करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जैन कुल में जन्म मिलना अत्यंत दुर्लभ है इसलिए प्रत्येक व्यक्ति का आचरण ऐसा होना चाहिए जिससे संस्कार झलकें।
संस्कारों की सीख
चर्याश्री म.सा. ने अपने संबोधन में कहा कि दैनिक जीवन में आचार विचार की पवित्रता और तप का विशेष महत्व होता है। उन्होंने बताया कि इच्छाओं पर नियंत्रण रखना, क्रोध पर विजय प्राप्त करना और समता के भाव से जीवन जीने का निरंतर प्रयास करना ही आत्मकल्याण का सच्चा मार्ग है। प्रत्येक मनुष्य को विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और संयम बनाए रखते हुए आध्यात्मिक उन्नति की ओर हमेशा अग्रसर रहना चाहिए। संतों की इस अमृतवाणी को सुनकर उपस्थित सभी श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
शहर संघ अध्यक्ष गोवर्धन सिंह कावड़िया ने बताया कि इस धार्मिक सभा में काशीपुरी संघ एवं महावीर भवन संघ के अनेक श्रावक और श्राविकाओं ने उत्साहपूर्वक अपनी सहभागिता दर्ज की। उन्होंने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि 15 जुलाई को भी महावीर भवन नाड़ी मोहल्ला में प्रातः काल में एक विशेष धर्म प्रवचन का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर जैन समाज के सभी परिवारों में भारी उत्साह देखा जा रहा है और तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
धार्मिक सहभागिता
इस भव्य धर्मसभा में शहर संघ अध्यक्ष गोवर्धन सिंह कावड़िया, मंत्री पारसमल कूकड़ा, लक्ष्मीलाल खмеसरा, जब्बर सिंह नाहर, जितेंद्र कुमार डांगी, देवेंद्र खमेसरा, अरविंद कोठारी, कमला देवी कोठारी, मंत्री अर्पिता खमेसरा, ललिता पीपाड़ा, अलका कावड़िया और पिंकी कोठारी सहित समाज के अनेक गणमान्य श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस पूरे गरिमामयी धार्मिक कार्यक्रम का कुशल संचालन शहर संघ मंत्री पारसमल कूकड़ा ने बहुत ही प्रभावी ढंग से संपन्न किया जिसकी सभी ने सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने समाज को संगठित बनाने, जैन संस्कृति की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने तथा अपने नैतिक कर्तव्यों को पूरी मजबूती के साथ निभाने का सामूहिक संकल्प लिया। स्थानीय जैन समाज की ओर से आयोजित यह विशेष धर्म प्रवचन क्षेत्र में धार्मिक जागृति लाने की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। सभी वरिष्ठ सदस्यों ने इस सफल धार्मिक आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने की बात कही।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। जैन समाज के धार्मिक आयोजनों, संतों के मंगल प्रवेश और आध्यात्मिक प्रवचनों की गतिविधियों को रेखांकित करने के लिए इस रिपोर्ट को तैयार किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।