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रिश्वतखोर पुलिस अधिकारी पर एसीबी की कार्रवाई से मचा हड़कंप

भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एसीबी की कार्रवाई को अंजाम देते हुए पुलिस विभाग के रिश्वतखोर अधिकारी को रंगे हाथ दबोचा गया।

By अजय त्यागी
1 min read
रिश्वतखोर अधिकारी को रंगे हाथ दबोचा

रिश्वतखोर अधिकारी को रंगे हाथ दबोचा

अलवर, राजस्थान। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अरावली विहार थाने के सहायक उप निरीक्षक शंकर लाल शर्मा को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी एएसआई पर परिवादी के बेटे का नाम मुकदमे से हटाने, मारपीट नहीं करने और मामले में मदद करने के बदले 25 हजार रुपए रिश्वत मांगने का संगीन आरोप है। विभाग द्वारा की गई इस एसीबी की कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और भ्रष्टाचार में लिप्त अन्य अधिकारियों में भारी खौफ है। [1]

रिश्वत की मांग

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि एसीबी चौकी पर परिवादी ने एक लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि अरावली विहार थाने में दर्ज एक मुकदमे में जांच अधिकारी एएसआई शंकर लाल शर्मा परिवादी के लड़के का नाम मुकदमे से निकालने एवं मारपीट नहीं करने तथा मदद करने की एवज में 25 हजार रुपए रिश्वत मांग रहा है। परिवादी ने बताया कि आरोपी एएसआई ने 13 जुलाई को परिवादी के घर जाकर 5 हजार रुपए ले लिए थे।

इसके बाद आरोपी ने शेष 20 हजार रुपए की राशि उसी शाम तक लाने का कड़ा दबाव बनाया था। इस गंभीर शिकायत के बाद एसीबी चौकी प्रथम ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान आरोपी ने परिवादी व सह परिवादी से 10 हजार रुपए रिश्वत लेना स्वीकार किया और बाकी 10 हजार रुपए बाद में देने की मांग की। सत्यापन रिपोर्ट में भ्रष्टाचार की पुष्टि होते ही उच्चाधिकारियों ने तुरंत जाल बिछाया और इस एसीबी की कार्रवाई की योजना को पूरी तरह से अंतिम रूप दिया।

रंगे हाथ गिरफ्तार

उप महानिरीक्षक पुलिस प्रथम डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में एसीबी चौकी प्रथम के प्रभारी शब्बीर खान के नेतृत्व में मंगलवार को यह सफल कार्रवाई की गई। इस दौरान टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी एएसआई शंकर लाल शर्मा को सह परिवादी से 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच को बढ़ा दिया गया है।

इस पूरी घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं। आम जनता का मानना है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ ब्यूरो की यह एसीबी की कार्रवाई एक स्वागत योग्य कदम है जिससे कानून व्यवस्था में लोगों का विश्वास और मजबूत होगा। वरिष्ठ अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि यदि कोई भी लोक सेवक किसी कार्य के बदले अनुचित लाभ या रिश्वत की मांग करता है तो तुरंत इसकी सूचना सीधे ब्यूरो को दें ताकि ऐसे अपराधियों को सजा दिलाई जा सके।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। अलवर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा अरावली विहार थाने के एएसआई के खिलाफ की गई रिश्वत विरोधी कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया को रेखांकित करने के लिए इस रिपोर्ट को तैयार किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
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