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गहन जांच के बाद निशाने पर आया पाकिस्तानी साजिश का सोशल मीडिया नेटवर्क

देश के खिलाफ चलाए जा रहे दुष्प्रचार अभियान के तहत एक संदिग्ध सोशल मीडिया नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जो युवाओं को बरगलाने का काम कर रहा था।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रमुख हैंडलर शहजाद भट्टी

प्रमुख हैंडलर शहजाद भट्टी

नई दिल्ली, दिल्ली। देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने और भारतीय युवाओं को बरगलाने के लिए सीमा पार से संचालित एक बेहद खतरनाक मॉड्यूल का बड़ा खुलासा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस पूरे तंत्र को ध्वस्त करने के लिए अपनी जांच को बहुत तेज कर दिया है जो डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर रहा था। आईएएनएस की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे मामले में एक प्रमुख हैंडलर शहजाद भट्टी का नाम सामने आया है जो इस शातिर सोशल मीडिया नेटवर्क के माध्यम से सीधे तौर पर नए लोगों की भर्ती कर रहा था। [1]

साजिश का तरीका

अधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया नेटवर्क का यह पूरा सिंडिकेट इंटरनेट पर मौजूद उन लोगों पर पैनी नजर रखता है जो किसी भी कारण से प्रशासनिक नीतियों के खिलाफ अपनी राय व्यक्त करते हैं। ऐसे संवेदनशील लोगों को चिन्हित कर उनके आर्थिक संकट का लाभ उठाने का प्रयास किया जाता है। शुरुआत में इन युवाओं को बहुत छोटे डिजिटल काम सौंपे जाते हैं जिनमें देश के भीतर होने वाली विभिन्न घटनाओं पर भड़काऊ टिप्पणियां करना और नकारात्मक सामग्री को प्रसारित करना मुख्य रूप से शामिल होता है।

इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी छवि का निर्माण करना है जो देश के आंतरिक हितों और वैश्विक प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुँचा सके। इसके लिए सीमा पार बैठे कई अन्य हैंडलर जैसे अबू मूसा और अमजद गुज्जर भी सक्रिय रूप से अलग-अलग डिजिटल खातों का संचालन कर रहे हैं। एजेंसियों ने हाल ही में विभिन्न राज्यों में 200 से अधिक संदिग्ध ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की है ताकि इस पूरे अवैध तंत्र की जड़ों को पूरी तरह से उखाड़ा जा सके।

भविष्य का संकट

खुफिया रिपोर्टों के अनुसार इस सिंडिकेट के सदस्य आने वाले समय में देश के कुछ अत्यंत संवेदनशील और रणनीतिक राज्यों में अपनी गतिविधियों को और अधिक तीव्र करने की योजना बना रहे हैं। स्थानीय सुरक्षा बलों और आतंकवाद विरोधी दस्तों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी प्रकार की अवांछित घटना को समय रहते रोका जा सके। डिजिटल फोरेंसिक टीमें भी संदिग्ध खातों की गहनता से तकनीकी जांच कर रही हैं ताकि सभी जुड़े हुए लिंक का पता लगाया जा सके।

नागरिकों से भी यह अपील की गई है कि वे इंटरनेट का उपयोग करते समय पूरी सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को दें। आने वाले दिनों में यह अभियान और अधिक कड़ा हो सकता है क्योंकि सरकार इस तरह के दुष्प्रचार को रोकने के लिए कड़े कदम उठा रही है। इस खतरनाक सोशल मीडिया नेटवर्क के जरिए फैलाई जा रही नफरत और देश विरोधी साजिशों को पूरी तरह से नाकाम करने के लिए सभी खुफिया इकाइयां निरंतर प्रयासरत हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। राष्ट्रीय सुरक्षा, डिजिटल कानूनों और साइबर सुरक्षा से संबंधित किसी भी रणनीतिक निर्णय के लिए अधिकृत सुरक्षा और प्रशासनिक स्रोतों से परामर्श लें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
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