पवित्र जगन्नाथ रथ यात्रा श्रद्धा और एकता का प्रतीक बनी
पवित्र जगन्नाथ रथ यात्रा के पावन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं
पवित्र जगन्नाथ रथ
देश और विदेश में आज पवित्र जगन्नाथ रथ यात्रा का भव्य उत्सव मनाया जा रहा है। इस ऐतिहासिक और धार्मिक अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी नागरिकों को बधाई दी है। यह महापर्व भारतीय संस्कृति की महानता और अटूट आस्था को प्रदर्शित करता है जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
धार्मिक मान्यता और राष्ट्र कल्याण की कामना
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संदेश में कहा कि यह एक अटूट लोक विश्वास है कि इस भव्य उत्सव के दौरान महाप्रभु श्री जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भक्तों से मिलने के लिए स्वयं मंदिर से बाहर आते हैं। उन्होंने प्रार्थना की कि महाप्रभु के आशीर्वाद से पूरे देश में सुख, शांति और समृद्धि का विस्तार हो। यह यात्रा वास्तव में समाज को एक सूत्र में पिरोने का काम करती है।
सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का उत्सव
उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने कहा कि पवित्र जगन्नाथ रथ यात्रा हमारे समाज में समानता, सामूहिक सद्भाव, गहरी आस्था और भक्ति के मूल्यों को दर्शाती है। यह उत्सव भारत की समृद्ध सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊर्जा प्रदान करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पावन पर्व को भारत की शाश्वत आध्यात्मिक परंपराओं का प्रतीक बताया और कहा कि यह पर्व विनम्रता तथा निस्वार्थ सेवा की भावना को मजबूत करता है।
सामूहिक भागीदारी और ऐतिहासिक परंपरा
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पवित्र जगन्नाथ रथ यात्रा पूरे विश्व में भारत की अटूट श्रद्धा और विश्वास का प्रतिनिधित्व करती है। यह हमारी प्राचीन धरोहर को सुरक्षित रखने का माध्यम है। उन्होंने सभी के कल्याण की कामना की। यह उत्सव न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि विभिन्न समुदायों के बीच आपसी भाईचारे और सामूहिक भागीदारी को भी बढ़ाता है जिससे राष्ट्र निर्माण की भावना को बल मिलता है।