पीवी सिंधु ने हान युए को हराकर जापान ओपन क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया
जापान ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में सिंधु की शानदार जीत देखने को मिली है जहां उन्होंने शीर्ष चीनी खिलाड़ी को सीधे गेम में हराकर धमाकेदार प्रवेश किया
पीवी सिंधु ने हान युए को हराकर
भारतीय बैडमिंटन इतिहास की सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने वर्तमान सत्र का अपना सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए जापान ओपन सुपर सात सौ पचास बैडमिंटन टूर्नामेंट के अंतिम आठ में जगह बना ली है। उन्होंने दूसरे दौर के मुकाबले में विश्व की मुख्य पांचवें नंबर की चीनी खिलाड़ी हान युए को सीधे गेमों में पूरी तरह से शिकस्त दी। इस एकतरफा मैच में सिंधु की शानदार जीत देखने को मिली जिससे भारतीय प्रशंसकों की पदक की उम्मीदें एक बार फिर जाग उठी हैं।
मैच का विवरण और खिलाड़ियों का रिकॉर्ड
इस महत्वपूर्ण मुकाबले में भारतीय स्टार खिलाड़ी को कोर्ट पर केवल पैंतीस मिनट का समय लगा। उन्होंने पूरे मैच में अपना दबदबा बनाए रखा और प्रतिद्वंदी चीनी खिलाड़ी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। सिंधु ने पहला गेम इक्कीस सोलह से और दूसरा गेम इक्कीस चौदह से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस बड़ी सफलता के साथ ही सिंधु ने हान युए के खिलाफ अपने करियर के व्यक्तिगत रिकॉर्ड को और बेहतर करते हुए आठ एक की बढ़त हासिल कर ली है जिससे सिंधु की शानदार जीत का सफर आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।
टूर्नामेंट के इस चरण में सिंधु की शानदार जीत भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई है क्योंकि अब वह इस बडे खेल मंच पर देश की एकमात्र जीवित उम्मीद बची हैं। उनके इस शानदार प्रदर्शन ने न केवल देश का मान बढ़ाया है बल्कि आगामी दौर के मैचों के लिए विरोधियों को भी सतर्क कर दिया है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सिंधु इसी तरह अपना आक्रामक खेल जारी रखती हैं तो वह इस साल खिताब जीतने की सबसे प्रबल दावेदार बनकर उभर सकती हैं।
भारतीय टीम के अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन
दूसरी ओर भारतीय बैडमिंटन दल के लिए मिश्रित युगल वर्ग से एक निराशाजनक खबर सामने आई है जहां तनीषा क्रास्टो और ध्रुव कपिला की जोड़ी प्री क्वार्टर फाइनल मुकाबले में हारकर बाहर हो गई। इस भारतीय जोड़ी ने टूर्नामेंट के शीर्ष वरीयता प्राप्त चीनी खिलाड़ियों फेंग यान झे और हुआंग डोंग पिंग के खिलाफ कोर्ट पर करीब सैंतालीस मिनट तक काफी कड़ा संघर्ष किया लेकिन अंत में वे मैच बचाने में पूरी तरह से असफल रहे और उन्हें प्रतियोगिता से विदा लेना पड़ा।
इस कड़े मुकाबले के पहले सेट में भारतीय जोड़ी ने चीनी दिग्गजों को कड़ी टक्कर दी लेकिन वे अंक तालिका में बीस बाईस से पिछड़ गए। इसके बाद दूसरे सेट में भी विरोधी टीम ने अपना नियंत्रण बनाए रखा और सत्रह इक्कीस से गेम जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। हालांकि इस जोड़ी के बाहर होने के बाद भी फैंस निराश नहीं हैं क्योंकि महिला एकल वर्ग में सिंधु की शानदार जीत ने देश की उम्मीदों को टूर्नामेंट में मजबूती के साथ जिंदा रखा हुआ है।