WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

शुभशक्ति योजना के भुगतान में देरी पर वारंट से मचा हड़कंप

शुभशक्ति योजना की 1.35 लाख रुपये सहायता नहीं मिली तो जालौर आयोग ने पूर्व कलेक्टर पूजा पार्थ के खिलाफ वारंट जारी कर तलब किया, अब आयोग का रुख और सख्त है।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

जालौर, राजस्थान। शुभशक्ति योजना के तहत बेटियों की शादी के लिए स्वीकृत सहायता राशि नहीं मिलने का मामला अब अवमानना कार्रवाई तक पहुंच गया है। जिला उपभोक्ता आयोग ने वर्ष 2021 के आदेश की पालना नहीं होने पर जालौर की पूर्व कलेक्टर और वर्तमान श्रम आयुक्त पूजा पार्थ के खिलाफ वारंट जारी किया है। आयोग ने उन्हें तलब करते हुए दोनों बेटियों के विवाह की सहायता सहित मानसिक वेदना, शारीरिक कष्ट और परिवाद व्यय के लिए कुल 1.35 लाख रुपये देने का आदेश दिया था। [1]

आदेश की अनदेखी

मामला रानीवाड़ा क्षेत्र की मोवनीदेवी से जुड़ा है। उन्होंने बेटियों विमला और संगीता के विवाह के लिए शुभशक्ति योजना के तहत सहायता राशि मांगी थी। रकम नहीं मिलने पर उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद पेश किया। आयोग ने 2 सितंबर 2021 को परिवाद स्वीकार करते हुए श्रम आयुक्त, जिला श्रम कल्याण अधिकारी और जालौर के प्राधिकृत अधिकारी को राशि का भुगतान करने का आदेश दिया था। आदेश में कहा गया था कि भुगतान संयुक्त या अलग अलग रूप से किया जा सकता है और तय अवधि में राशि देनी होगी।

आयोग के आदेश के मुताबिक दोनों बेटियों के विवाह के लिए 55 55 हजार रुपये यानी कुल 1.10 लाख रुपये दो महीने के भीतर देने थे। इसके अलावा मानसिक वेदना के लिए 10 हजार रुपये, शारीरिक कष्ट के लिए 10 हजार रुपये और परिवाद व्यय के लिए 5 हजार रुपये तय किए गए थे। इस तरह कुल 1.35 लाख रुपये का भुगतान होना था। आदेश के खिलाफ अपील भी की गई लेकिन वह खारिज हो गई। इसके बावजूद भुगतान नहीं हुआ तो मोवनीदेवी ने अवमानना कार्रवाई की मांग करते हुए आयोग का दरवाजा फिर खटखटाया।

वारंट से बढ़ी सख्ती

मामला लंबित रहने के दौरान आयोग ने आदेश की पालना नहीं होने का संज्ञान लिया और वर्तमान श्रम आयुक्त पूजा पार्थ के खिलाफ वारंट जारी कर दिया। आयोग ने उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए जालौर एसपी को पत्र भेजा है। साथ ही विशेष वाहक के जरिए वारंट की तामील कराने के निर्देश दिए गए हैं। पूर्व कलेक्टर के खिलाफ वारंट जारी होने के बाद मामला चर्चा में है। इस कार्रवाई से साफ है कि आयोग ने अपने पुराने आदेश की पालना नहीं होने को गंभीरता से लिया है और अब मामले में अगला कदम काफी अहम होगा।

शुभशक्ति योजना का लाभ लेने वाले लोगों के लिए इस मामले से एक अहम सीख भी सामने आती है। जानकारों के अनुसार आवेदन संख्या, रसीद, स्वीकृति पत्र, आधार या जनआधार विवरण, बैंक रिकॉर्ड और विभागीय पत्राचार की प्रतियां सुरक्षित रखना जरूरी है। आवेदन लंबित हो तो आरटीआई के जरिए यह जानकारी मांगी जा सकती है कि मामला किस अधिकारी के पास है, पात्रता का सत्यापन कब हुआ और भुगतान किस वजह से रोका गया। इस मामले में अब आयोग की कार्रवाई और भुगतान की स्थिति पर नजर रहेगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। आयोग के आदेश, वारंट और संबंधित प्रशासनिक रिकॉर्ड के आधार पर ही मामले की अंतिम कानूनी स्थिति तय होगी और रिपोर्ट में वर्णित आरोप या कार्रवाई को अंतिम दोषसिद्धि नहीं माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief