मुख्यमंत्री के दौरे से पहले कांग्रेस की मांग, घेराबंदी की तैयारी
कांग्रेस की मांग में 1000 करोड़ का पैकेज, सड़क, पानी, बिजली, अस्पताल और किसानों से जुड़े मुद्दों पर मुख्यमंत्री की घेराबंदी की तैयारी कर ली है।
कांग्रेस की प्रेस वार्ता
बीकानेर, राजस्थान। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बीकानेर आगमन से पहले कांग्रेस ने जिले और शहर की समस्याओं को लेकर सरकार के सामने कई बड़ी मांगें रखी हैं। बिशनाराम सियाग ने बीकानेर के विकास के लिए 1000 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज देने की मांग की। वहीं मदनगोपाल मेघवाल ने सड़क, पानी, बिजली, चिकित्सा, सफाई, कानून व्यवस्था और यातायात के मुद्दे उठाए। कांग्रेस की मांग है कि मुख्यमंत्री का दौरा केवल औपचारिक घोषणाओं तक सीमित न रहे और समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए बजट मिले।
विकास पैकेज पर जोर
कांग्रेस की मांग में बीडीए के अधीन करीब 40 हजार बीघा गोचर भूमि को वापस राजस्व रिकॉर्ड में गोचर के रूप में दर्ज कराने का मुद्दा प्रमुख रहा। बिशनाराम सियाग ने राजस्थान में खेजड़ी के पेड़ों की कटाई पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए कठोर खेजड़ी बचाओ एक्ट बनाने की मांग की। चिकित्सा क्षेत्र में ग्रामीण उपस्वास्थ्य केंद्रों के जीर्णोद्धार, पर्याप्त दवाइयों और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता पर जोर दिया गया। नोखा में जिला अस्पताल और श्रीडूंगरगढ़ में ट्रॉमा सेंटर शुरू करने की मांग भी रखी गई।
सियाग ने जिले के अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी दूर करने और पीबीएम अस्पताल के लिए 200 करोड़ रुपये का बजट देने की मांग रखी। उन्होंने यूरोलॉजी, एसएसबी, एमसीएच और जनाना वार्ड के जीर्णोद्धार की जरूरत बताई। हार्ट हॉस्पिटल में बाईपास सर्जरी शुरू करने और पीबीएम में पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध कराने की मांग भी सामने आई। शिक्षा के क्षेत्र में ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने तथा जर्जर विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण के लिए बजट देने की बात कही गई। स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों मोर्चों पर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की गई।
किसानों से उद्योग तक
कांग्रेस की मांग में किसानों से जुड़े मुद्दे भी प्रमुख रहे। सियाग ने खाद और बीज में भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच, यूरिया, डीएपी और बीज की पर्याप्त उपलब्धता तथा किसानों को फसल बीमा क्लेम दिलाने की मांग की। नहरी किसानों के लिए पर्याप्त पानी और कातरा लट से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा देने की बात कही गई। बीकानेर में घोषित सिरेमिक हब के लिए गैस पाइपलाइन का काम जमीन पर शुरू करने पर भी जोर दिया गया। उनका कहना है कि इससे उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
सड़क विकास को लेकर बीकानेर कोटपूतली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का काम शुरू करने और लक्ष्मणगढ़ बीकानेर फोरलेन की घोषणा करने की मांग रखी गई। वहीं मदनगोपाल मेघवाल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले काफिले के रास्तों पर ही नाममात्र का डामरीकरण किया जा रहा है। उनका दावा है कि शहर की दूसरी टूटी सड़कों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। गंदे पानी की समस्या, स्वीकृत 16 पानी की टंकियों का काम शुरू नहीं होने, आवारा पशुओं और पब्लिक पार्क क्षेत्र में बंदरों के आतंक का मुद्दा भी उठाया गया।
शहर के सवाल
मेघवाल ने बीकेईएसएल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए रखरखाव, ट्रांसफॉर्मरों की तारबंदी, बिजली कटौती और नए मीटरों से जुड़ी परेशानियों का मुद्दा उठाया। उनका आरोप है कि एफआरटी टीमों की संख्या 30 से घटाकर 4 किए जाने के बाद बिजली के फॉल्ट समय पर ठीक नहीं हो पा रहे हैं। चिकित्सा व्यवस्था को लेकर गंगाशहर चौखूंटी के सैटेलाइट अस्पताल में स्टाफ की कमी और लेबर रूम शुरू नहीं होने की बात कही गई। गंगाशहर और मुक्ताप्रसाद कॉलोनी की सीएचसी में स्टाफ, उपकरण और संसाधनों की कमी का आरोप भी लगाया गया।
सफाई और सीवरेज व्यवस्था को लेकर भी मेघवाल ने सवाल उठाए। उनका कहना है कि गलत सीवरेज लाइनिंग के कारण कई जगह चैंबरों से गंदा पानी सड़कों पर आ रहा है। गंगाशहर और भीनासर की पुरानी नगरपालिकाएं बंद होने से लोगों को छोटे कामों के लिए परेशानी होने का दावा किया गया। कानून व्यवस्था को लेकर चोरी, लूट, बलात्कार और छीनाझपटी जैसी घटनाओं पर चिंता जताई गई। युवाओं में नशे के बढ़ते प्रभाव और स्मैक, चिट्टा तथा शराब की तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई की मांग भी सामने आई। ऑपरेशन नीलकंठ से आमजन को उम्मीद बंधने की बात कही गई।
स्थायी समाधान पर जोर
कांग्रेस की मांग में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए प्रमुख सिग्नल प्वाइंट्स पर पुलिसकर्मियों की तैनाती और जरूरत के अनुसार एकतरफा यातायात लागू करने की बात भी शामिल है। बीडीए कार्यालय को शहर से दूर जोहड़ बीड़ क्षेत्र में ले जाने की योजना पर पुनर्विचार करने की मांग की गई। टूटी सड़कों, नालियों और सीवरेज व्यवस्था में सुधार तथा टेक्नोक्राफ्ट कंपनी की कार्यप्रणाली की समीक्षा का मुद्दा भी उठाया गया। पार्कों और महापुरुषों की मूर्तियों की बदहाली दूर करने की मांग रखी गई। कांग्रेस की मांग अब सरकार के जवाब और इन मुद्दों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट प्रेस वार्ता एवं आयोजकों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। रिपोर्ट में शामिल आरोप और मांगें कांग्रेस नेताओं द्वारा रखे गए पक्ष पर आधारित हैं, इसलिए इन्हें सरकार या संबंधित विभागों की ओर से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।