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जनगणना में जाति से लेकर आधार तक, 40 सवालों का पूरा खाका

जनगणना में जाति की जानकारी पहली बार दर्ज होगी। 40 सवालों में आधार, वोटर आईडी, बैंक खाते और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी भी पूछी जाएगी।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली। जनगणना में जाति की जानकारी पहली बार दर्ज होने जा रही है। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को जनसंख्या गणना के दौरान पूछे जाने वाले 40 सवालों को अधिसूचित किया है। इनमें जाति और कोरोना टीकाकरण की जगह से जुड़े सवाल भी शामिल हैं। सरकारी आदेश के मुताबिक बर्फीले इलाकों में जनसंख्या गणना 1 सितंबर से शुरू होगी। भारत के बाकी हिस्सों में यह प्रक्रिया अगले साल होगी। इस बार पूरी जनगणना डिजिटल तरीके से कराने की तैयारी है और कई निजी जानकारियां भी दर्ज की जाएंगी। [1]

पहली बार सवाल

अधिसूचना के मुताबिक लोगों से पूछा जाएगा कि वे अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति से संबंधित हैं या नहीं और उनकी जाति क्या है। जनगणना में जाति को लेकर अलग से जातियों की सूची देने की संभावना नहीं है। सूत्रों के मुताबिक जवाब वही दर्ज किया जाएगा जो व्यक्ति खुद बताएगा। जाति को शामिल करने का फैसला पिछले साल 30 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति ने लिया था। इससे इस बार की जनगणना पहले के मुकाबले काफी अलग हो गई है।

लोगों से उम्र, वैवाहिक स्थिति, शादी के समय उम्र, पति या पत्नी का नाम, नागरिकता, धर्म और माता पिता से जुड़ी जानकारी भी ली जाएगी। इसके अलावा मातृभाषा, दूसरी भाषाओं की जानकारी, साक्षरता, डिजिटल साक्षरता और दिव्यांगता से जुड़े सवाल भी होंगे। शिक्षा और रोजगार की स्थिति भी दर्ज की जाएगी। व्यक्ति किस संस्थान में पढ़ता है, उसकी सबसे ऊंची शैक्षणिक योग्यता और पढ़ाई की धारा जैसे सवाल भी पूछे जाएंगे। कामकाज से जुड़े सवालों में पेशा और काम की प्रकृति भी शामिल होगी।

पहली बार बड़ा दायरा

जनगणना में जाति के साथ लोगों से रोजगार और काम की उपलब्धता से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे। यह भी जानने की कोशिश होगी कि कोई व्यक्ति अपने काम की जगह तक आने जाने के लिए यात्रा करता है या नहीं। प्रवास से जुड़ी जानकारी में जन्मस्थान, पिछला निवास स्थान, वहां से जाने की वजह और नए गांव या शहर में रहने की अवधि पूछी जाएगी। स्थायी निवास का पता भी दर्ज किया जाएगा। इससे देश में लोगों के आवागमन और रोजगार से जुड़े रुझानों की तस्वीर सामने आ सकेगी।

विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और अलग रह रही महिलाओं से बच्चों की संख्या से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे। इसमें वर्तमान में जीवित बच्चों, मौजूदा विवाह से हुए बच्चों और पिछले 1 साल में जीवित जन्मे बच्चों की जानकारी शामिल होगी। इसके अलावा कोरोना टीकाकरण किस जगह हुआ था, कितने बैंक खाते हैं और मोबाइल नंबर क्या है, यह भी पूछा जाएगा। आधार नंबर, वोटर आईडी नंबर और पासपोर्ट नंबर के साथ ड्राइविंग लाइसेंस होने की जानकारी भी सवालों में शामिल है।

डिजिटल होगी प्रक्रिया

सरकार के मुताबिक जनगणना की यह बड़ी कवायद पूरी तरह डिजिटल तरीके से आगे बढ़ेगी। फिलहाल मकान सूचीकरण और आवास जनगणना का पहला चरण 30 सितंबर तक चल रहा है। कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 16 अप्रैल से मैदानी काम शुरू किया जा चुका है। इस चरण में हर घर और इमारत का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। गणनाकर्मी घरों तक जाकर बुनियादी सुविधाओं, परिवार के मुखिया का नाम और लिंग तथा मकान के स्वामित्व जैसी जानकारी जुटा रहे हैं।

बर्फीले इलाकों में जनसंख्या गणना 1 सितंबर से 30 सितंबर तक होगी। इसमें लद्दाख और जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के कुछ गैर समकालिक बर्फीले इलाके शामिल हैं। लोगों को घर घर गणना शुरू होने से पहले 17 अगस्त से 31 अगस्त तक खुद अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प भी दिया गया है। जनगणना में जाति के सवाल के साथ इतनी व्यापक जानकारी जुटाने का मकसद देश की आबादी, सामाजिक स्थिति, शिक्षा, रोजगार और प्रवास से जुड़ा विस्तृत आंकड़ा तैयार करना है।

बड़ा बदलाव

भारत में 2021 में होने वाली दशकीय जनगणना कोरोना महामारी के कारण टाल दी गई थी। अब सरकार ने इसे कराने के लिए 11718 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। नई प्रक्रिया में डिजिटल व्यवस्था के साथ सामाजिक और आर्थिक जानकारी का दायरा भी बढ़ाया गया है। जनगणना में जाति की जानकारी पहली बार शामिल होना इस पूरी कवायद का सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इसके साथ आधार, वोटर आईडी, बैंक खाते और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी पूछे जाने से प्रक्रिया का दायरा भी पहले से काफी व्यापक हो गया है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। जनगणना में मांगी जाने वाली व्यक्तिगत जानकारी और उसके इस्तेमाल से जुड़े नियमों की अंतिम स्थिति संबंधित सरकारी निर्देशों और अधिसूचनाओं के अनुसार ही मानी जानी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief