राजस्थान के 41 जिलों में 80वें स्वाधीनता दिवस पर ध्वजारोहण
स्वाधीनता दिवस पर राजस्थान के सभी 41 जिलों में उत्साहपूर्वक ध्वजारोहण हुआ, 24 जिलों में मंत्रियों और बाकी जिलों में कलेक्टरों ने तिरंगा फहराया।
स्वाधीनता दिवस समारोह
जयपुर, राजस्थान। देश आज 80वां स्वाधीनता दिवस मना रहा है। राजस्थान में भी सभी 41 जिलों के जिला मुख्यालयों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। राज्य सरकार ने पहले ही जिला मुख्यालयों पर ध्वजारोहण की जिम्मेदारियां तय कर दी थीं। 25 जिलों में जनप्रतिनिधि स्तर पर जिम्मेदारी दी गई थी, जबकि अन्य जिला मुख्यालयों पर जिला कलेक्टरों को ध्वजारोहण करना था। बीकानेर में राज्य स्तरीय समारोह हुआ, जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तिरंगा फहराया। विभिन्न जिलों में निर्धारित जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्य समारोहों की अगुवाई की।
जनप्रतिनिधियों द्वारा
अजमेर में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने जिला स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण किया। स्वाधीनता दिवस के मुख्य कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार ने अजमेर की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी थी।
अलवर में संजय शर्मा ने जिला स्तरीय समारोह में तिरंगा फहराया। राज्य सरकार की ओर से स्वाधीनता दिवस पर अलवर के मुख्य समारोह की जिम्मेदारी उन्हें दी गई थी।
ब्यावर में अविनाश गहलोत ने जिला मुख्यालय के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। स्वाधीनता दिवस पर राज्य सरकार की मंत्रीवार व्यवस्था में ब्यावर की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी।
भरतपुर में सुरेश सिंह रावत ने जिला स्तरीय मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। स्वाधीनता दिवस पर भरतपुर में ध्वजारोहण की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने उन्हें दी थी।
भीलवाड़ा में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। स्वाधीनता दिवस के जिला स्तरीय आयोजन के लिए उन्हें भीलवाड़ा की जिम्मेदारी दी गई थी।
बीकानेर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य स्तरीय स्वाधीनता दिवस समारोह में ध्वजारोहण किया। डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री ने तिरंगा फहराया और प्रदेशवासियों को संबोधित किया।
बाड़मेर में के.के. बिश्नोई ने जिला स्तरीय मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। स्वाधीनता दिवस के लिए राज्य सरकार ने बाड़मेर की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी थी।
बूंदी में हीरालाल नागर ने जिला मुख्यालय पर आयोजित मुख्य समारोह में तिरंगा फहराया। स्वाधीनता दिवस के कार्यक्रम में ध्वजारोहण की जिम्मेदारी उन्हें दी गई थी।
चित्तौड़गढ़ में गौतम कुमार ने जिला स्तरीय समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। राज्य सरकार की मंत्रीवार सूची में स्वाधीनता दिवस पर चित्तौड़गढ़ की जिम्मेदारी उन्हें दी गई थी।
डीग में जवाहर सिंह बेढम ने मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। स्वाधीनता दिवस पर डीग जिला मुख्यालय में तिरंगा फहराने की जिम्मेदारी उन्हें दी गई थी।
डीडवाना कुचामन में विजय सिंह ने जिला स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण किया। राज्य सरकार की ओर से स्वाधीनता दिवस पर इस जिले की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी।
हनुमानगढ़ में सुमित गोदारा ने जिला मुख्यालय के मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। स्वाधीनता दिवस पर हनुमानगढ़ में ध्वजारोहण की जिम्मेदारी उन्हें दी गई थी।
जालौर में मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने जिला स्तरीय मुख्य समारोह में तिरंगा फहराया। स्वाधीनता दिवस पर जालौर की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने उन्हें दी थी।
जयपुर में कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। राज्य सरकार की मंत्रीवार व्यवस्था के अनुसार स्वाधीनता दिवस पर जयपुर की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी।
जोधपुर में जोगाराम पटेल ने जिला स्तरीय मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। स्वाधीनता दिवस पर जोधपुर में ध्वजारोहण की जिम्मेदारी उन्हें दी गई थी।
कोटा में मदन दिलावर ने मुख्य समारोह में तिरंगा फहराया। राज्य सरकार ने स्वाधीनता दिवस पर कोटा जिला मुख्यालय की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी थी।
नागौर में डॉ. मंजू बाघमार ने जिला स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण किया। स्वाधीनता दिवस पर नागौर में मुख्य समारोह की जिम्मेदारी उन्हें दी गई थी।
पाली में जोराराम कुमावत ने जिला मुख्यालय के समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। स्वाधीनता दिवस पर पाली की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने उन्हें सौंपी थी।
प्रतापगढ़ में हेमंत मीणा ने मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। स्वाधीनता दिवस पर प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय में तिरंगा फहराने की जिम्मेदारी उन्हें दी गई थी।
सवाई माधोपुर में किरोड़ी लाल ने जिला स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण किया। स्वाधीनता दिवस पर मुख्य समारोह की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने उन्हें दी थी।
सीकर में झाबर सिंह खर्रा ने जिला मुख्यालय पर तिरंगा फहराया। स्वाधीनता दिवस के मुख्य समारोह के लिए सीकर की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी।
सिरोही में ओटा राम देवासी ने जिला स्तरीय मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। स्वाधीनता दिवस पर सिरोही में मुख्य समारोह की जिम्मेदारी उन्हें दी गई थी।
टोंक में कन्हैया लाल ने जिला मुख्यालय पर आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। स्वाधीनता दिवस पर टोंक की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने उन्हें सौंपी थी।
फलोदी में गजेंद्र सिंह ने जिला स्तरीय मुख्य समारोह में तिरंगा फहराया। स्वाधीनता दिवस पर फलोदी में ध्वजारोहण की जिम्मेदारी उन्हें दी गई थी।
उदयपुर में बाबूलाल खराड़ी ने जिला मुख्यालय के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। स्वाधीनता दिवस पर उदयपुर की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने उन्हें सौंपी थी।
प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा
बालोतरा में जिला कलेक्टर ने जिला मुख्यालय के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। स्वाधीनता दिवस पर बालोतरा के लिए मंत्री को अधिकृत नहीं किया गया था, इसलिए जिला कलेक्टर ने मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
बांसवाड़ा में जिला कलेक्टर ने मुख्य जिला स्तरीय समारोह में तिरंगा फहराया। स्वाधीनता दिवस के लिए जारी मंत्रीवार सूची में बांसवाड़ा को मंत्री की जिम्मेदारी वाले जिलों में शामिल नहीं किया गया था।
बारां में जिला कलेक्टर ने जिला मुख्यालय के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। स्वाधीनता दिवस पर बारां में मंत्री को अधिकृत नहीं किया गया था, इसलिए यह जिम्मेदारी जिला प्रशासन ने संभाली।
चूरू में जिला कलेक्टर ने मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। स्वाधीनता दिवस पर चूरू के लिए मंत्री की नियुक्ति नहीं की गई थी और ध्वजारोहण की जिम्मेदारी जिला कलेक्टर ने संभाली।
दौसा में जिला कलेक्टर ने जिला स्तरीय मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। स्वाधीनता दिवस के लिए जारी व्यवस्था में दौसा उन जिला मुख्यालयों में था जहां मंत्री को ध्वजारोहण के लिए अधिकृत नहीं किया गया था।
धौलपुर में जिला कलेक्टर ने मुख्य समारोह में तिरंगा फहराया। स्वाधीनता दिवस पर धौलपुर के लिए राज्य सरकार की मंत्रीवार सूची में किसी मंत्री को जिम्मेदारी नहीं दी गई थी।
डूंगरपुर में जिला कलेक्टर ने जिला मुख्यालय के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। स्वाधीनता दिवस पर डूंगरपुर के लिए मंत्री को अधिकृत नहीं किया गया था, इसलिए जिला प्रशासन ने मुख्य समारोह की जिम्मेदारी संभाली।
जैसलमेर में जिला कलेक्टर ने मुख्य जिला स्तरीय समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। स्वाधीनता दिवस के लिए जारी मंत्रीवार व्यवस्था में जैसलमेर को मंत्री की जिम्मेदारी वाले जिलों में शामिल नहीं किया गया था।
झालावाड़ में जिला कलेक्टर ने जिला मुख्यालय के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। स्वाधीनता दिवस पर झालावाड़ के लिए मंत्री को अधिकृत नहीं किया गया था, इसलिए जिला कलेक्टर ने तिरंगा फहराया।
झुंझुनूं में जिला कलेक्टर ने मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। स्वाधीनता दिवस के लिए जारी सूची में झुंझुनूं को मंत्री की जिम्मेदारी वाले जिला मुख्यालयों में शामिल नहीं किया गया था।
करौली में जिला कलेक्टर ने जिला स्तरीय मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। स्वाधीनता दिवस पर करौली के लिए मंत्री को अधिकृत नहीं किया गया था और मुख्य समारोह की जिम्मेदारी जिला प्रशासन ने संभाली।
खैरथल तिजारा में जिला कलेक्टर ने मुख्य समारोह में तिरंगा फहराया। स्वाधीनता दिवस पर इस जिला मुख्यालय के लिए मंत्री की नियुक्ति नहीं की गई थी, इसलिए ध्वजारोहण जिला कलेक्टर ने किया।
कोटपूतली बहरोड़ में जिला कलेक्टर ने जिला मुख्यालय के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। स्वाधीनता दिवस पर राज्य सरकार की मंत्रीवार सूची में इस जिले के लिए मंत्री को अधिकृत नहीं किया गया था।
राजसमंद में जिला कलेक्टर ने मुख्य जिला स्तरीय समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। स्वाधीनता दिवस पर राजसमंद के लिए मंत्री को अधिकृत नहीं किया गया था, इसलिए ध्वजारोहण की जिम्मेदारी जिला प्रशासन ने संभाली।
सलूंबर में जिला कलेक्टर ने जिला मुख्यालय के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। स्वाधीनता दिवस पर सलूंबर उन जिलों में रहा जहां मंत्री को ध्वजारोहण के लिए अधिकृत नहीं किया गया था।
श्रीगंगानगर में जिला कलेक्टर ने मुख्य जिला स्तरीय समारोह में तिरंगा फहराया। स्वाधीनता दिवस के लिए जारी मंत्रीवार सूची में श्रीगंगानगर के लिए मंत्री को अधिकृत नहीं किया गया था, इसलिए जिला कलेक्टर ने ध्वजारोहण किया।
इस तरह राजस्थान के सभी 41 जिलों में स्वाधीनता दिवस के मुख्य समारोहों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। बीकानेर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य स्तरीय समारोह का नेतृत्व किया, जबकि 25 जिला मुख्यालयों पर राज्य सरकार की ओर से अधिकृत मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने ध्वजारोहण किया। शेष 16 जिला मुख्यालयों पर जिला कलेक्टरों ने ध्वजारोहण की जिम्मेदारी संभाली।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट राजस्थान सरकार की ध्वजारोहण संबंधी निर्धारित व्यवस्था और विश्वस्त समाचार स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। स्थानीय स्तर पर समारोह की व्यवस्था या कार्यक्रम में प्रशासनिक बदलाव संभव हो सकते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।