हेलमेट से सीट बेल्ट तक, चालान कोर्ट जाएगा, नई व्यवस्था लागू
23 ट्रैफिक नियमों के उल्लंघनों में अब सड़क पर जुर्माना नहीं भर सकेंगे। चालान कोर्ट जाएगा, जहां न्यायलय के आदेश के बाद जुर्माना जमा होगा।
प्रतीकात्मक फोटो
जयपुर, राजस्थान। 15 अगस्त से 23 तरह के ट्रैफिक नियमों के उल्लंघनों में मौके पर जुर्माना भरकर मामला खत्म करने की व्यवस्था बदल गई है। अब संबंधित मामलों में प्रवर्तन अधिकारी केवल चालान बनाएंगे और चालान कोर्ट जाएगा। इसके बाद कोर्ट के आदेश के आधार पर जुर्माने का निस्तारण होगा। नई व्यवस्था देशभर में लागू हुई है। सड़क पर जुर्माना भरने की पुरानी प्रक्रिया खत्म होने से वाहन चालकों को अब चालान के बाद न्यायालय की प्रक्रिया से गुजरना होगा। [1]
बदली जुर्माना व्यवस्था
नई व्यवस्था में हेलमेट नहीं पहनना, सीट बेल्ट नहीं लगाना, बिना बीमा वाहन चलाना, ओवरलोडिंग और बिना परमिट वाहन चलाना जैसे मामलों में मौके पर जुर्माना जमा नहीं होगा। परमिट की शर्तों का उल्लंघन, बिना रजिस्ट्रेशन या फिटनेस वाहन चलाना और निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाना भी इसमें शामिल हैं। वाहन में अनधिकृत बदलाव, वायु और ध्वनि प्रदूषण से जुड़े उल्लंघन, निषेध क्षेत्र में हॉर्न बजाना तथा मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल भी नई व्यवस्था के दायरे में बताए गए हैं।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 200 के तहत कंपाउंडिंग से जुड़े प्रावधानों में बदलाव किया है। मंत्रालय की ओर से 24 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना के बाद नई व्यवस्था 15 अगस्त से प्रभावी हुई। यह बदलाव अप्रैल 2026 में संसद से पारित जन विश्वास अधिनियम के तहत मोटर व्हीकल एक्ट में किए गए संशोधनों के अनुरूप बताया गया है। अब कई मामलों में सड़क पर जुर्माना वसूलने के बजाय चालान कोर्ट जाएगा। जहाँ न्यायालय के आदेश के बाद चालान जमा किया जाएगा।
पहली गलती पर चेतावनी
डीसीपी ट्रैफिक योगेश गोयल के अनुसार नई व्यवस्था में वायु और ध्वनि प्रदूषण से जुड़े मामलों में पहली बार पकड़े जाने पर चेतावनी देने का प्रावधान है। दोबारा उल्लंघन मिलने पर जुर्माने की कार्रवाई होगी। इसी तरह बिना रजिस्ट्रेशन और बिना फिटनेस वाले वाहन पहली बार पकड़े जाने पर चेतावनी दी जाएगी। दोबारा उल्लंघन होने पर मामला कोर्ट के जरिए निस्तारित होगा। इससे वाहन चालकों को नियमों का पालन करने और दस्तावेज तथा वाहन की जरूरी स्थिति दुरुस्त रखने की जरूरत बढ़ गई है।
अब तक कई मामलों में ट्रैफिक पुलिस या प्रवर्तन अधिकारी मौके पर चालान बनाकर जुर्माना वसूल लेते थे और मामला वहीं खत्म हो जाता था। नई व्यवस्था में अधिकारी केवल चालान बनाएंगे और संबंधित प्रकरण न्यायालय में पेश होगा। कोर्ट के आदेश के बाद ही जुर्माना जमा किया जा सकेगा। ऐसे में चालान कोर्ट जाएगा और वाहन चालक को आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सड़क पर जुर्माना भरकर तत्काल मामला खत्म करने का विकल्प इन निर्धारित उल्लंघनों में अब उपलब्ध नहीं रहेगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट उपलब्ध सरकारी अधिसूचना संबंधी जानकारी और दिए गए तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। ट्रैफिक नियमों और चालान की कार्रवाई मामले की प्रकृति तथा लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार अलग हो सकती है। वाहन चालक किसी विशेष मामले में संबंधित विभाग या न्यायालय से आधिकारिक जानकारी प्राप्त करें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।