कोरल सागर में भूकंप, 6.2 तीव्रता का झटका, 172 किमी गहराई से राहत
6.2 तीव्रता का कोरल सागर में भूकंप। 172 किमी गहराई के कारण सतह पर बड़े नुकसान और सुनामी का खतरा नहीं। NCS से फिलहाल राहत मिली।
कोरल सागर में भूकंप
कोरल सागर, दक्षिण पश्चिम प्रशांत महासागर। कोरल सागर में भूकंप रविवार 16 अगस्त 2026 को भारतीय समयानुसार सुबह 08:50:23 बजे आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.2 दर्ज की गई और इसका केंद्र जमीन से 172 किलोमीटर नीचे था। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी की एक रिपोर्ट के अनुसार, अत्यधिक गहराई के कारण इस भूकंप का असर सतह पर सीमित रहने की संभावना है। यह क्षेत्र वानुआतु और सोलोमन द्वीप के पास स्थित है और बड़े नुकसान की आशंका नहीं बताई गई है। [1]
भूकंप की गहराई और सुनामी
इस भूकंप की सबसे अहम बात इसकी 172 किलोमीटर गहराई है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, इतनी गहराई पर आने वाले भूकंप के झटके सतह तक पहुंचते समय कमजोर हो जाते हैं। इसके कारण बड़े नुकसान की आशंका कम रहती है। भूकंप का अक्षांश 14.520 डिग्री दक्षिण और देशांतर 167.191 डिग्री पूर्व दर्ज किया गया। कोरल सागर में भूकंप के बावजूद फिलहाल सतह पर किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर स्थिति राहत वाली बताई जा रही है।
कोरल सागर में भूकंप के बाद सुनामी का खतरा भी नहीं बताया गया है। NCS के अनुसार, इतनी अधिक गहराई पर आने वाले समुद्री भूकंप आम तौर पर समुद्र के पानी को पर्याप्त मात्रा में विस्थापित नहीं कर पाते। इसी वजह से बड़ी सुनामी पैदा होने की आशंका नहीं रहती। 6.2 तीव्रता का यह भूकंप 16 अगस्त 2026 को आया, लेकिन इसकी गहराई ने संभावित सतही असर को काफी सीमित कर दिया है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसी बड़े नुकसान की चेतावनी नहीं है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। भूकंप और सुनामी से जुड़े जोखिम आधिकारिक चेतावनियों तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बदल सकते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।