सूर्योदय का नजारा देखने उमड़ी भीड़, तीन समुद्रों का अनोखा संगम
कन्याकुमारी में पर्यटकों ने सूर्योदय का नजारा देखा। गांधी और कामराज मंडपम पहुंचे, नौका विहार किया और समुद्र, स्मारकों का आनंद लिया।
विवेकानंद रॉक
कन्याकुमारी, तमिलनाडु। रविवार को कन्याकुमारी पहुंचे पर्यटकों ने सुबह समुद्र के खुले क्षितिज पर सूर्योदय का नजारा देखा। इसके बाद लोगों ने गांधी और कामराज मंडपम का दौरा किया, नौका विहार किया और तिरुवल्लुवर प्रतिमा तथा विवेकानंद रॉक स्मारक जैसे प्रमुख आकर्षण देखे। कन्याकुमारी भारत की मुख्य भूमि का सबसे दक्षिणी छोर है और यहां बंगाल की खाड़ी, अरब सागर तथा हिंद महासागर के जल क्षेत्र मिलते हैं। यही भौगोलिक खासियत इसे देश के अलग अलग हिस्सों से आने वाले पर्यटकों के लिए खास बनाती है। [विडियो]
सूर्योदय का जादू
कन्याकुमारी का सूर्योदय का नजारा इसलिए खास माना जाता है क्योंकि यहां समुद्र का खुला क्षितिज सुबह के समय सूर्य की पहली किरणों को देखने का साफ मौका देता है। आसमान के रंग धीरे धीरे बदलते हैं और समुद्र की सतह पर सुनहरी रोशनी फैलती दिखाई देती है। इसी तरह शाम के समय पश्चिमी क्षितिज की ओर डूबता सूरज आकाश को नारंगी और गुलाबी रंगों से भर देता है। पर्यटन मंत्रालय के अनुसार, यहां सूर्योदय और सूर्यास्त दोनों प्राकृतिक आकर्षणों में प्रमुख हैं और यही अनुभव यात्रियों को बार बार खींचता है।
कन्याकुमारी की भौगोलिक स्थिति भी इसकी लोकप्रियता की बड़ी वजह है। यह भारत की मुख्य भूमि का दक्षिणी छोर है और यहां बंगाल की खाड़ी, अरब सागर तथा हिंद महासागर के जल क्षेत्र एक साथ दिखाई देते हैं। समुद्र और जमीन की यह अनोखी स्थिति यहां आने वाले लोगों को सामान्य समुद्री पर्यटन से अलग अनुभव देती है। धार्मिक आस्था भी इसका बड़ा कारण है। कन्याकुमारी अम्मन मंदिर के साथ गांधी स्मारक और दूसरे ऐतिहासिक स्थल इस यात्रा में प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिकता और इतिहास को एक साथ जोड़ देते हैं।
समुद्र और स्मारक
पर्यटकों के आकर्षण में सूर्योदय का नजारा और विवेकानंद रॉक स्मारक का विशेष स्थान है। समुद्र के बीच चट्टान पर बने इस स्मारक तक नौका से पहुंचा जाता है। यहां से चारों ओर फैले समुद्र का विस्तृत दृश्य दिखाई देता है और सूर्योदय, सूर्यास्त तथा खास मौकों पर चंद्रमा से जुड़े दृश्य भी आकर्षण का हिस्सा हैं। पास ही तिरुवल्लुवर की विशाल प्रतिमा है, जो तमिल कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर को समर्पित है। 133 फीट ऊंची यह प्रतिमा कन्याकुमारी के समुद्री दृश्य में एक प्रमुख पहचान बन चुकी है।
कन्याकुमारी आने वाले लोगों के लिए यात्रा केवल समुद्र देखने तक सीमित नहीं रहती। यहां गांधी स्मारक महात्मा गांधी की विरासत से जुड़ा प्रमुख स्थल है, जबकि कामराजर मणिमंडपम तमिलनाडु के प्रमुख नेताओं में रहे के कामराज की स्मृति से जुड़ा स्थान है। समुद्र के किनारे घूमने, नौका विहार करने, स्मारकों को देखने और धार्मिक स्थलों के दर्शन के कारण यहां एक ही यात्रा में कई तरह के अनुभव मिलते हैं। इसी वजह से कन्याकुमारी प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति, इतिहास और आस्था को साथ लेकर चलने वाला प्रमुख पर्यटन केंद्र बना हुआ है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मौसम और समुद्री परिस्थितियों के कारण सूर्योदय, सूर्यास्त, नौका सेवा तथा पर्यटन स्थलों की उपलब्धता बदल सकती है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Kanniyakumari, Tamil Nadu: On Sunday, tourists enjoyed the sunrise in Kanyakumari. They also visited the Gandhi and Kamaraj Mandapams, took boat rides and explored key attractions like the Thiruvalluvar Statue and Vivekananda Rock Memorial. pic.twitter.com/NjcP0fS6Rk
— IANS (@ians_india) August 16, 2026