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सावधान! कहीं आपका स्मार्ट टीवी आपके निजी पलों को तो नहीं चुरा रहा

स्मार्ट टीवी आपकी निजता से जुडी जानकारियाँ चुरा सकता है। अनेक मुकदमों ने निजी डेटा, ACR तकनीक और निजता की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली, भारत। बेशक यह खबर या इससे जुड़े तथ्य पुराने क्यों ना हों लेकिन यह समस्या आज भी हमारे सामने खडी है। इसलिए सावधानी आवश्यक है। क्योंकि, स्मार्ट टीवी अब सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रह गया है। इंटरनेट से जुड़े इन उपकरणों में ऐसी तकनीक मौजूद हो सकती है जो स्क्रीन पर चल रही सामग्री, आपकी सर्चिंग हिस्ट्री, आपकी विडियो कॉल आदि से जुड़ा डेटा जुटाती है। यहाँ तक की वोईस कमांड कंट्रोल तकनीक द्वारा आपकी बातचीत तक रिकॉर्ड करने की सम्भावना है। यही वजह है कि स्मार्ट टीवी को लेकर निजता की सुरक्षा का सवाल अदालतों तक पहुंच चुका है। अमेरिका में 2025 में 5 बड़ी टीवी कंपनियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए। टेक्सास के अटॉर्नी जनरल के मुताबिक इन मामलों में ACR तकनीक के जरिए उपभोक्ताओं की देखने की गतिविधि से जुड़ा डेटा जुटाने के आरोप लगाए गए हैं। [1]

स्क्रीन पर क्या देखा 

मामले का केंद्र Automatic Content Recognition यानी ACR तकनीक है। आरोप है कि यह तकनीक टीवी पर दिखाई देने वाली सामग्री की पहचान कर सकती है और उससे देखने की आदतों का रिकॉर्ड तैयार किया जा सकता है। टेक्सास अटॉर्नी जनरल के 15 दिसंबर 2025 के मुकदमों में कहा गया कि संबंधित तकनीक स्क्रीन को हर 500 मिलीसेकंड पर कैप्चर कर सकती है और उस जानकारी को कंपनी तक भेज सकती है। चाहे वह आपकी विडियो कॉल से जुडी जानकारी हो। यहां यह समझना जरूरी है कि ये अदालत में लगाए गए आरोप हैं। अंतिम निर्णय अभी आना शेष है और सभी स्मार्ट टीवी के बारे में समान निष्कर्ष निकालना भी सही नहीं होगा।

टेक्सास में 15 दिसंबर 2025 को Sony, Samsung, LG, Hisense और TCL के खिलाफ अलग अलग मामले दायर किए गए। Samsung का मामला 380-09751-2025, LG का 067-372971-25, Sony का 2025DCV-5234-H, Hisense का C2025-1321D और TCL का 25-3563-C368 केस नंबर के तहत दर्ज है। ये मामले अलग अलग जिला अदालतों में दायर किए गए और Texas Deceptive Trade Practices Act के तहत आरोप लगाए गए। राज्य ने ACR डेटा के संग्रह, इस्तेमाल, साझा करने और बिक्री पर रोक जैसी राहत मांगी।

पुराने मामले ने चेताया

इस विवाद की जड़ केवल 2025 के मुकदमों तक सीमित नहीं है। 6 फरवरी 2017 को Federal Trade Commission और New Jersey के अधिकारियों ने VIZIO के खिलाफ कार्रवाई की थी। मामले का केस नंबर 2:17-cv-00758 था। आरोप था कि VIZIO ने करीब 1.1 करोड़ स्मार्ट टीवी से देखने की गतिविधियों का डेटा उपभोक्ताओं की पर्याप्त जानकारी या सहमति के बिना जुटाया। FTC के अनुसार कंपनी ने 2.2 मिलियन डॉलर के समझौते पर मामला निपटाया। इस मामले ने टीवी देखने की आदतों को भी संवेदनशील उपभोक्ता जानकारी मानने की बहस तेज की।

VIZIO मामले में FTC ने बताया था कि कंपनी की Smart Interactivity सुविधा के जरिए देखने से जुड़ा डेटा एकत्र किया जाता था और उपभोक्ताओं को इस संग्रह के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई थी। डेटा को विज्ञापन और उपभोक्ता प्रोफाइलिंग से जुड़े उद्देश्यों में इस्तेमाल करने के आरोप भी सामने आए। इसलिए स्मार्ट टीवी से जुड़ी चिंता केवल कैमरा या माइक्रोफोन की मौजूदगी तक सीमित नहीं है। स्क्रीन पर क्या देखा जा रहा है, कितनी देर देखा जा रहा है और उस जानकारी का आगे क्या होता है, यह भी निजता का बड़ा सवाल है।

अदालत में क्या हुआ

Samsung मामले में 5 जनवरी 2026 को 380वें न्यायिक जिला न्यायालय, Collin County ने अस्थायी रोक का आदेश दिया। केस नंबर 380-09751-2025 में आदेश ने Samsung को Texas उपभोक्ताओं के ACR डेटा को इकट्ठा करने, इस्तेमाल करने, साझा करने, बेचने या स्थानांतरित करने से रोका था। लेकिन 6 जनवरी 2026 को उसी अदालत ने यह अस्थायी रोक रद्द कर दी और आदेश को प्रभावहीन कर दिया। बाद में 26 फरवरी 2026 को Texas अटॉर्नी जनरल ने Samsung के साथ समझौते की घोषणा की, जिसके तहत स्पष्ट सहमति के बिना ACR डेटा संग्रह रोकने की बात कही गई।

Hisense के मामले में भी 17 दिसंबर 2025 को Texas अटॉर्नी जनरल ने अस्थायी रोक हासिल करने की घोषणा की थी। केस नंबर C2025-1321D में अदालत का आदेश कंपनी को Texas उपभोक्ताओं के ACR डेटा को इकट्ठा करने, इस्तेमाल करने, बेचने, साझा करने, बताने या स्थानांतरित करने से रोकने के लिए था। इसके बाद 11 मई 2026 को LG के साथ समझौते की घोषणा हुई। LG ने ACR के जरिए देखने का डेटा बिना सूचित सहमति के जुटाने से रोकने और स्पष्ट जानकारी तथा बाहर निकलने का विकल्प देने पर सहमति जताई। अगस्त 2026 तक Sony, Hisense और TCL के मामले जारी थे।

हमारी सुरक्षा हमारे हाथ 

इन मामलों का मतलब यह नहीं है कि हर स्मार्ट टीवी आपके कमरे की हर गतिविधि या निजी बातचीत रिकॉर्ड कर रहा है। असली चिंता यह है कि इंटरनेट से जुड़े टीवी में मौजूद ACR जैसी तकनीक आपकी स्क्रीन पर चल रही सामग्री और देखने की आदतों से जुड़ा डेटा एकत्र कर सकती है। कुछ उपकरणों में कैमरा और माइक्रोफोन जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी हो सकती हैं, जिनका जोखिम अलग है। इसलिए टीवी खरीदते या इस्तेमाल करते समय गोपनीयता की शर्तें और डेटा संग्रह की अनुमति को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।

स्मार्ट टीवी इस्तेमाल करने वालों को अपने टीवी की Privacy या Terms सेटिंग जरूर देखनी चाहिए। वहां Smart TV Experience, Viewing Information Services, Personalized Ads या इसी तरह के विकल्प दिखाई दे सकते हैं। जरूरत न होने पर ACR और निजी विज्ञापन से जुड़े डेटा संग्रह विकल्प बंद किए जा सकते हैं। यह प्रक्रिया हर कंपनी और मॉडल में अलग हो सकती है। स्मार्ट टीवी को सुरक्षित रखने के लिए उसका सॉफ्टवेयर अपडेट रखना, अनजान ऐप से बचना और कैमरा या माइक्रोफोन की अनुमति की समीक्षा करना भी उपयोगी सावधानी है। स्मार्ट टीवी की सुविधा के साथ अपनी निजता पर नजर रखना अब पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट आधिकारिक सरकारी दस्तावेजों, अदालती रिकॉर्ड और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। रिपोर्ट में कंपनियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए और ACR तकनीक का उपयोग हर टीवी मॉडल में समान नहीं होता। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief