जंगल में मिला नवजात, चरवाहे ने बचाई जान, ग्रामीणों ने दूध पिलाया
जंगल में मिला नवजात मिलने से हड़कंप मचा, चरवाहों ने बचाया और ग्रामीणों ने दूध पिलाया। पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया और माता पिता की तलाश शुरू की।
जंगल में मिला नवजात
जयपुर, राजस्थान। रविवार को कानपुरिया जंगल में मिला नवजात लावारिस हालत में मिला। पशु चरा रहे चरवाहों ने जंगल से रोने की आवाज सुनी तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां बच्चा भूख और प्यास से रो रहा था। चरवाहों ने ग्रामीणों को सूचना दी। ग्रामीणों ने बच्चे को दूध पिलाकर शांत कराया और पुलिस को खबर दी। सूचना मिलते ही तुंगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को सुरक्षित कब्जे में लेकर जेके लोन अस्पताल पहुंचाया। बच्चे की हालत पर चिकित्सकीय निगरानी रखी गई। [1]
बची जान
जंगल में मिला नवजात देखकर ग्रामीणों ने तुरंत उसकी मदद की। चरवाहों की सूचना पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बच्चे को संभाला। पुलिस के पहुंचने तक ग्रामीणों ने उसे दूध पिलाया और शांत कराया। पुलिस ने बच्चे को अस्पताल पहुंचाने के बाद उसकी देखभाल और संरक्षण की व्यवस्था की। नवजात को बाद में बाल कल्याण समिति के हवाले कर दिया गया। घटना सामने आने के बाद इलाके में यह चर्चा तेज हो गई कि इतनी छोटी उम्र के बच्चे को जंगल में किसने और क्यों छोड़ा।
जंगल में मिला नवजात मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बच्चे के माता पिता का पता लगाने के साथ उसे जंगल में छोड़ने वालों की पहचान करने में जुटी है। जंगल और आसपास सीसीटीवी कैमरे नहीं होने से जांच में चुनौती बनी हुई है। इसके बावजूद पुलिस आसपास के गांवों और संभावित रास्तों से जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटनाक्रम से जुड़ी सभी कड़ियों को जोड़ने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस की जांच
पुलिस ने मामले की जांच के लिए डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा और एडिशनल डीसीपी ईस्ट पारसमल जैन के निर्देशन में स्पेशल टीमें गठित की हैं। ये टीमें आसपास के इलाकों में लोगों से पूछताछ कर रही हैं और पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नवजात को जंगल तक कौन लेकर आया था। पुलिस संभावित रास्तों और आसपास मौजूद लोगों से मिली जानकारी का मिलान कर रही है। जंगल में मिला नवजात अब जांच का अहम केंद्र बन गया है और जिम्मेदार लोगों की तलाश जारी है।
मासूम की पहचान और उसके माता पिता तक पहुंचना पुलिस के सामने सबसे अहम चुनौती है। फिलहाल बच्चा सुरक्षित है और उसकी देखभाल बाल कल्याण समिति की निगरानी में की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्चे को जंगल में छोड़ने की वजह क्या थी। जंगल में मिला नवजात मिलने की घटना ने लोगों को झकझोर दिया है। अब जांच का फोकस बच्चे के परिजनों और उसे वहां छोड़ने वाले लोगों तक पहुंचने पर है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट उपलब्ध पुलिस जानकारी और दिए गए समाचार तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। नवजात के माता पिता और उसे जंगल में छोड़ने वाले लोगों से संबंधित तथ्य पुलिस जांच पूरी होने तक अंतिम रूप से पुष्ट नहीं माने जाने चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।