होर्मुज में आवाजाही थमी, तेल बाजार में बढ़ी चिंता, कीमतें उछलीं
होर्मुज में आवाजाही में भारी गिरावट के बीच तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है। ब्रेंट 88.89 डॉलर और डब्ल्यूटीआई 82.57 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा।
होर्मुज में आवाजाही थमी
तेहरान, ईरान। सोमवार के शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की कीमतें लगभग स्थिर रहीं, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट ने वैश्विक आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ब्रेंट क्रूड 0.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ 88.89 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई 0.21 प्रतिशत चढ़कर 82.57 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा। पिछले सप्ताह दोनों बेंचमार्क में 5 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई थी। [1]
होर्मुज पर थमी आवाजाही
सप्ताहांत में व्यापारिक जहाजों के लिए होर्मुज में आवाजाही लगभग ठप रही। केप्लर के आंकड़ों के अनुसार शनिवार को केवल 5 कमोडिटी जहाज इस मार्ग से गुजरे, जबकि रविवार को एक भी ऐसा जहाज दर्ज नहीं किया गया। पिछले सप्ताहांत इसी अवधि में 31 जहाजों की आवाजाही दर्ज हुई थी। होर्मुज में आवाजाही सामान्य स्तर से बेहद नीचे पहुंचने के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बाजार की चिंता बढ़ गई है। यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन रास्तों में शामिल है।
फरवरी में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने से पहले इस मार्ग से रोजाना 130 से अधिक जहाज गुजरते थे। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस के कुल शिपमेंट का करीब पांचवां हिस्सा वहन करता रहा है। शनिवार को यहां से गुजरने वाले जहाजों में एक खाली वेरी लार्ज क्रूड कैरियर भी शामिल था, जिसका ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम बंद था। एक भारतीय ध्वज वाला गैस कैरियर और ईरानी ईंधन तेल ले जा रहा टैंकर भी दर्ज हुआ।
टैंकर हमलों से बढ़ा संकट
जहाजों की सुस्त आवाजाही पिछले सप्ताह ADNOC द्वारा संचालित 3 जहाजों पर हुए हमलों के बाद और गंभीर हुई। संयुक्त अरब अमीरात की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार शुक्रवार को ADNOC संचालित तीसरे जहाज पर उस समय हमला हुआ, जब वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था। इससे पहले यूएई ने गुरुवार शाम ADNOC से जुड़े 2 अन्य मामलों के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया था। इन घटनाओं के बाद समुद्री परिवहन की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशों में भी कोई स्पष्ट प्रगति नहीं हुई है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान ने अभी यह तय नहीं किया है कि वॉशिंगटन के साथ बातचीत फिर शुरू की जाए या नहीं। उन्होंने कहा कि जलडमरूमध्य में सामान्य आवाजाही बहाल होने से पहले अमेरिका को ईरान की शर्तें माननी होंगी। दूसरी ओर अमेरिका ने अनिश्चित काल तक ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखने की बात कही है। होर्मुज में आवाजाही की स्थिति आगे के घटनाक्रम के लिए अहम मानी जा रही है।
बाब अल मंदेब पर भी असर
मध्य पूर्व के तनाव का असर बाब अल मंदेब जलडमरूमध्य पर भी दिखाई दे रहा है। यमन के हूतियों द्वारा 20 जुलाई को सऊदी अरब की नौसैनिक नाकेबंदी की घोषणा के बाद इस मार्ग पर भी व्यापारिक यातायात सुस्त पड़ा है। केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक सप्ताहांत में 49 कमोडिटी जहाजों की आवाजाही दर्ज हुई, जबकि पिछले सप्ताह यह संख्या 55 थी। इस दौरान किसी भी सऊदी तेल शिपमेंट की आवाजाही ट्रैक नहीं की गई। इससे क्षेत्रीय समुद्री मार्गों पर बढ़ते दबाव का संकेत मिलता है।
तेल बाजार के लिए होर्मुज में आवाजाही का कमजोर होना अहम चिंता का विषय है, क्योंकि यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक गतिरोध के साथ समुद्री सुरक्षा संकट बना रहने से बाजार में अनिश्चितता बढ़ी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संघर्ष जारी रहने तक नागरिकों से पेट्रोल की कुछ ऊंची कीमतें स्वीकार करने की बात कही है। ऐसे में आगे तेल कीमतों की दिशा समुद्री यातायात और क्षेत्रीय तनाव की स्थिति पर निर्भर रह सकती है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट उपलब्ध स्रोतों और दिए गए तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। कच्चे तेल की कीमतें, जहाजों की आवाजाही और क्षेत्रीय घटनाक्रम तेजी से बदल सकते हैं तथा संबंधित आंकड़ों में आधिकारिक अपडेट के अनुसार बदलाव संभव है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।