WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

कर्मचारी सुरक्षा पर बवाल, अधिकारी पर कथित हमले से भड़का आक्रोश

कर्मचारी सुरक्षा को लेकर महासंघ ने अधिकारी पर कथित हमले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और सरकारी दफ्तरों में पुख्ता सुरक्षा की मांग की।

By अजय त्यागी
1 min read
Advertisement002309202602.jpg advertisement13Aug2026%20copy.jpg अधिकारी पर कथित हमले से भड़का आक्रोश

अधिकारी पर कथित हमले से भड़का आक्रोश

भीलवाड़ा, राजस्थान। आयुर्वेद विभाग में ऑन ड्यूटी अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी ओमप्रकाश शर्मा पर हुए कथित जानलेवा हमले को लेकर कर्मचारियों में आक्रोश है। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत ने जिला कलेक्ट्री पर प्रदर्शन कर उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। जिलाध्यक्ष लक्की ब्यावट के नेतृत्व में कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री, जिला कलेक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक और सीआईडी सीबी के प्रभारी अधिकारी को ज्ञापन भेजा। महासंघ ने कहा कि कर्मचारी सुरक्षा से जुड़ी इस घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

जांच की मांग

महासंघ पदाधिकारियों के अनुसार ड्यूटी के दौरान किसी सरकारी अधिकारी को कथित तौर पर निशाना बनाया जाना गंभीर मामला है। कार्यकारी जिलाध्यक्ष अमित व्यास ने बताया कि घटना से जिले के अलग अलग राजकीय विभागों में काम कर रहे अधिकारी और कर्मचारियों के बीच असुरक्षा की भावना बनी है। नर्सिंग ट्यूटर अखिलेश उपाध्यक्ष ने कहा कि शुरुआती जानकारी में नाम को लेकर कथित गलतफहमी की बात सामने आई है। यदि जांच में यह सही पाया जाता है कि रंजिश किसी दूसरे व्यक्ति से थी तो मामला और गंभीर हो जाता है।

ज्ञापन में भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत लोक सेवक को कर्तव्य निभाने से रोकने या भयभीत करने तथा कर्तव्य के कारण चोट पहुंचाने से जुड़े प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की मांग की गई। महासंघ ने स्पष्ट किया कि वास्तविक धाराएं जांच में सामने आने वाले तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर तय होनी चाहिए। संगठन ने दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई और किसी भी दबाव को जांच या कार्रवाई में बाधक नहीं बनने देने की मांग रखी।

सुरक्षा पर जोर

महासंघ ने ओमप्रकाश शर्मा से जुड़ी घटना की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने पर जोर दिया। साथ ही शर्मा और उनके परिवार की सुरक्षा का समुचित आकलन कर जरूरत के अनुसार सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई। संगठन का कहना है कि प्रभावी कार्रवाई से भविष्य के लिए स्पष्ट संदेश जाएगा और सरकारी कर्मचारियों में भरोसा बढ़ेगा। महासंघ ने कहा कि कर्मचारी सुरक्षा केवल एक व्यक्ति का विषय नहीं है, बल्कि सरकारी विभागों में काम करने वाले सभी लोगों के सुरक्षित माहौल से जुड़ा सवाल है।

संगठन ने जिले के सभी राजकीय कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की है। संवेदनशील कार्यालयों की पहचान कर जरूरत के अनुसार सुरक्षा बढ़ाने और कार्यालय समय के दौरान आवश्यक स्थानों पर होमगार्ड सुरक्षा कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। ज्ञापन में अनधिकृत प्रवेश पर प्रभावी नियंत्रण, आगंतुकों की पहचान और प्रवेश पंजी जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत करने की मांग भी शामिल है। महासंघ के अनुसार ऐसी व्यवस्थाएं मजबूत होने से कर्मचारियों और कार्यालयों की सुरक्षा बेहतर हो सकती है।

प्रशासन से मांग

कर्मचारी सुरक्षा के मद्देनजर महासंघ ने यह भी मांग रखी कि सरकारी कार्यालयों में अधिकारी या कर्मचारी के साथ मारपीट, धमकी, अभद्रता या हिंसा की घटना होने पर विभाग और पुलिस की तत्काल कार्रवाई के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल जारी किया जाए। संगठन ने कहा कि सरकारी कर्मचारी भयमुक्त वातावरण में अपने राजकीय दायित्व निभा सकें, इसके लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए। ज्ञापन में प्रभावी कार्रवाई के साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संस्थागत स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया।

ज्ञापन सौंपने के दौरान विभिन्न कर्मचारी और अधिकारी संगठनों से जुड़े कई लोग मौजूद रहे। इनमें वीरेंद्र सिंह, भेरू सिंह राजपूत, अशोक कुमार शर्मा, श्रवन कुमार सेन, मुकुट राज सिंह, चंद्र देव आर्य, आशीष पंचोली, महेंद्र गॉड, अरुण पुरोहित, नीरज व्यास, नवनीत सेन, राजकुमार शर्मा और मुरलीधर शर्मा सहित अन्य लोग शामिल रहे। महासंघ ने दोहराया कि मामले में कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर आधारित होनी चाहिए। साथ ही कर्मचारी सुरक्षा को लेकर प्रशासन से स्थायी और ठोस कदम उठाने की अपेक्षा जताई गई।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। कथित हमले से जुड़े आरोपों और घटना की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि संबंधित जांच और आधिकारिक कार्रवाई के आधार पर ही मानी जानी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

 

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief