बारिश का कहर: 40 गांव कटे, 100 किमी का बढ़ा सफर, लोग बेहाल
बारिश का कहर: पुलिया टूटने से 40 गांवों का संपर्क कटा, ग्रामीणों को 100 किमी अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है, प्रशासन ने फिलहाल मार्ग बंद किया है।
पुलिया टूटी
करौली, राजस्थान। जिले के मंडरायल क्षेत्र में शनिवार को हुई तेज बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। करीब डेढ़ घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद मंडरायल करणपुर मार्ग पर टोड़ा सिमारा के पास बनी पुलिया तेज बहाव में टूट गई। सड़क का हिस्सा धंसने से गहरी खाई बन गई और करीब 40 गांवों का मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हो गया। ग्रामीणों को अब वैकल्पिक रास्तों से करीब 100 किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है। बारिश का कहर इस इलाके में बड़ी परेशानी बन गया है। [1]
पुलिया टूटी
पुलिया टूटने के बाद मंडरायल, करणपुर और आसपास के करीब 40 गांवों के लोगों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। मुख्यालय पहुंचने के लिए ग्रामीणों को लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है। कई लोगों के सामने करीब 100 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करने की मजबूरी है। इससे रोजमर्रा के काम, जरूरी यात्राएं और स्थानीय आवागमन प्रभावित हो रहा है। सड़क के बीच बनी गहरी खाई और बह गए पाइप के कारण सामान्य यातायात रोक दिया गया है, जिससे परेशानी और बढ़ गई है।
बारिश के दौरान पानी का बहाव इतना तेज था कि पुलिया में लगे बड़े सीमेंट पाइप भी बह गए। सूचना मिलने के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं तथा स्थिति का जायजा लिया। सुरक्षा के मद्देनजर मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया गया है। बारिश का कहर देखते हुए प्रशासन की ओर से रास्ते की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बरसात में इस मार्ग पर समस्या सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया।
मार्ग हुआ बंद
ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त पुलिया का जल्द पुनर्निर्माण कराने और मार्ग पर आवागमन बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस रास्ते से बड़ी आबादी जुड़ी है और लगातार लंबा वैकल्पिक सफर करना हर परिवार के लिए आसान नहीं है। रास्ता बंद रहने से समय और आर्थिक नुकसान दोनों बढ़ रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक स्थायी समाधान के लिए पुलिया की मजबूती और जल निकासी व्यवस्था पर भी ध्यान देना जरूरी है, ताकि अगली बारिश में फिर ऐसी स्थिति न बने।
बारिश का कहर थमने के बाद अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। ग्रामीण चाहते हैं कि टूटे मार्ग और पुलिया की मरम्मत जल्द शुरू हो तथा सुरक्षित आवागमन बहाल किया जाए। उनका कहना है कि करीब 40 गांवों के लोगों को लंबे समय तक वैकल्पिक रास्तों पर निर्भर रहना पड़ा तो रोजमर्रा की जरूरतों के साथ व्यापार और अन्य काम भी प्रभावित होंगे। प्रशासन के सामने राहत देने के साथ स्थायी समाधान की चुनौती है, ताकि क्षेत्र का संपर्क सामान्य हो सके।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। पुलिया और मार्ग की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक निरीक्षण तथा आगामी कार्रवाई के अनुसार बदल सकती है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।