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सोने के दाम में गिरावट, महंगा तेल और यील्ड ने बढ़ाया दबाव

सोने के दाम गिरे, महंगा तेल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ने बढ़ाया दबाव। फेड के मिनट्स से ब्याज दरों की दिशा का संकेत मिलेगा, बाजार की नजरें टिकीं।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

सोने के दाम पर मंगलवार को दबाव बढ़ गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 0.5 फीसदी फिसलकर 4391.14 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। दिसंबर डिलीवरी वाला अमेरिकी सोना वायदा भी 0.6 फीसदी गिरकर 4446.70 डॉलर प्रति औंस रहा। Reuters की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और तेल की कीमतों में उछाल ने बुलियन पर दबाव बनाया। निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की जुलाई बैठक के मिनट्स पर है, जिनसे ब्याज दरों की अगली दिशा का संकेत मिल सकता है। [1]

महंगे तेल से बढ़ा दबाव

अमेरिकी ट्रेजरी की 10 साल वाली बेंचमार्क यील्ड में तेजी जारी रहने से सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्ति रखने की लागत बढ़ गई। आसान भाषा में समझें तो जब सुरक्षित सरकारी बॉन्ड से बेहतर रिटर्न मिलने की उम्मीद बढ़ती है, तब निवेशक सोने से पैसा निकालने पर विचार करते हैं। इसी वजह से बाजार में सोने की मांग पर असर पड़ा। दूसरी तरफ कच्चे तेल की कीमतें भी ऊपर गईं। ईरान के सैन्य रुख और अमेरिका के साथ बातचीत टूटने से मध्य पूर्व में तनाव फिर बढ़ता दिखा है।

तेल की बढ़ती कीमतें सोने के दाम के लिए दूसरी बड़ी चिंता बन गई हैं। एएनजेड की विश्लेषक सोनी कुमारी के मुताबिक, मध्य पूर्व की अनिश्चित स्थिति के बीच तेल की कीमतें आगे भी सोने पर दबाव बनाए रख सकती हैं। महंगी ऊर्जा से महंगाई बढ़ने की आशंका मजबूत होती है। इसके बाद बाजार में अमेरिकी फेड से ऊंची ब्याज दरों की उम्मीद बढ़ सकती है। सामान्य तौर पर सोना महंगाई से बचाव का साधन माना जाता है, लेकिन ब्याज दरें ऊंची होने पर बिना ब्याज वाली इस धातु की आकर्षकता घट जाती है।

फेड के संकेत अहम

अब बाजार की सबसे बड़ी नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली चाल पर है। जुलाई की बैठक के मिनट्स बुधवार को जारी होने हैं। हालिया आंकड़ों ने सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की उम्मीद को कमजोर किया है। जुलाई में अप्रत्याशित रोजगार नुकसान, उम्मीद से कम महंगाई और कमजोर खुदरा बिक्री के बाद बाजार में सितंबर की दर बढ़ोतरी की संभावना घटकर करीब 35 फीसदी रह गई। यानी लगभग 65 फीसदी संभावना अब दरें स्थिर रहने की मानी जा रही है। यह बदलाव सोने के लिए आगे की दिशा तय करने में अहम हो सकता है।

तकनीकी संकेत भी फिलहाल सावधानी की तरफ इशारा कर रहे हैं। Reuters के तकनीकी विश्लेषक वांग ताओ के मुताबिक, हाजिर सोना 4381 डॉलर के आसपास बने सपोर्ट की जांच कर सकता है। अगर यह स्तर टूटता है तो कीमत 4320 से 4351 डॉलर के दायरे की ओर जा सकती है। बाजार में चांदी भी 1 फीसदी गिरकर 65.11 डॉलर प्रति औंस रही। प्लैटिनम 1.2 फीसदी टूटकर 1748.56 डॉलर और पैलेडियम 1.2 फीसदी गिरकर 1317.01 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। फिलहाल सोने के दाम पर नजर बनी रहेगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। सोने और अन्य कीमती धातुओं की कीमतें बाजार की परिस्थितियों के अनुसार तेजी से बदल सकती हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief