सीरिया पर हमला: इजरायल की कार्रवाई पर तुर्की और अमेरिका नाराज
इजरायल द्वारा सीरिया पर हमला करने से अंतर्राष्ट्रीय तनाव बढ़ा। अबू अल दूहुर एयरबेस पर 8 हवाई हमलों का तुर्की ने विरोध किया है।
सीरिया पर हमला
दमिश्क, सीरिया। इजरायल ने मंगलवार को उत्तर पश्चिमी सीरिया के अबू अल दूहुर एयरबेस को निशाना बनाया। सीरियाई सरकारी मीडिया के मुताबिक रनवे और भंडारण ठिकानों पर 8 हवाई हमले किए गए। सीरिया पर हमला होने की घटना में किसी के हताहत होने की तत्काल सूचना नहीं मिली। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई पर तुर्की ने सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन का आरोप लगाया, जबकि अमेरिका के सीरिया और इराक मामलों के विशेष दूत टॉम बराक ने इसे अनावश्यक तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाई बताया। [1]
तनाव की नई वजह
सीरियाई सरकारी टेलीविजन ने सैन्य सूत्र के हवाले से बताया कि अबू अल दूहुर एयरबेस के रनवे और वहां मौजूद भंडारण सुविधाओं पर लगातार 8 हमले हुए। एक अलग सैन्य सूत्र और पास में रहने वाले एक नागरिक ने भी कहा कि किसी की मौत नहीं हुई। यह ठिकाना तुर्की सीमा से करीब 70 किलोमीटर दूर है और 2013 से नियमित सैन्य हवाई अड्डे के रूप में इस्तेमाल नहीं हो रहा है। इसके बावजूद सीरिया में बदलते सैन्य समीकरणों के बीच इसकी रणनीतिक अहमियत बनी हुई है।
सीरिया पर हमला ऐसे समय हुआ है जब इजरायल और तुर्की के बीच सीरिया को लेकर तनाव पहले से बढ़ा हुआ है। तुर्की ने कहा कि इजरायल की कार्रवाई सीरिया की एकता और क्षेत्रीय अखंडता को नुकसान पहुंचाती है। अमेरिका के विशेष दूत टॉम बराक ने भी कहा कि अबू अल दूहुर पर हमले क्षेत्रीय स्थिरता को आगे नहीं बढ़ाते। उन्होंने सभी पक्षों से सैन्य घटनाओं के बजाय बातचीत और संयम को प्राथमिकता देने की अपील की। इससे साफ है कि इस कार्रवाई ने केवल दमिश्क ही नहीं बल्कि उसके सहयोगी देशों की चिंता भी बढ़ाई है।
इजरायल की सफाई
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि सीरिया ने इजरायल के साथ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बनी मौजूदा स्थिति का उल्लंघन करने की दिशा में कदम बढ़ाया था। कार्यालय के मुताबिक एयरबेस पर तुर्की सैनिकों की संभावित तैनाती इजरायल की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती थी। इजरायल ने कहा कि उसने सीरिया को पहले भी चेतावनी दी थी, लेकिन उसकी बात नहीं मानी गई। सीरियाई विदेश मंत्री असद अल शिबानी ने हमलों की निंदा करते हुए कहा कि उनका कोई सुरक्षा आधार नहीं है और दमिश्क कूटनीतिक रास्ते से दबाव बनाने की कोशिश जारी रखेगा।
सीरिया पर हमला उस बड़े बदलाव के बीच हुआ है जो बशर अल असद के सत्ता से हटने के बाद देश में आया है। इजरायल ने इसके बाद दक्षिण पश्चिमी सीरिया में कुछ इलाकों पर नियंत्रण किया और सीरियाई सेना के भारी हथियारों को भी निशाना बनाया। इजरायल का कहना है कि वह अपनी सीमा के पास किसी इस्लामी सशस्त्र मौजूदगी को स्वीकार नहीं करेगा। दूसरी ओर सीरिया के नए शासक अहमद अल शारा ने जुलाई में इजरायल के साथ सुरक्षा समझौते की कोशिश की बात कही थी। ताजा कार्रवाई से इन प्रयासों पर भी असर पड़ने की आशंका है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। सीरिया और इजरायल के बीच सैन्य घटनाक्रम तेजी से बदल सकता है, इसलिए किसी भी निष्कर्ष के लिए ताजा आधिकारिक जानकारी देखना जरूरी है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।