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करिबा हादसा: 180 यात्रियों से भरी नौका पलटी, 94 मौतों से देश दहला

करिबा हादसा: 180 यात्रियों वाली नौका तेज लहरों से पलट गई। मृतकों की संख्या 94 हुई, 77 लोगों को बचाया गया, तलाश अभी जारी है।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg करिबा हादसा

करिबा हादसा

हरारे, जिम्बाब्वे। करिबा हादसा अब देश के सबसे भीषण परिवहन हादसों में शामिल हो गया है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सप्ताह करिबा झील में पलटी सरकारी नौका में करीब 180 यात्री सवार थे, जो पुलिस द्वारा बताई गई 90 यात्रियों की क्षमता से लगभग दोगुने हैं। मंगलवार को सरकार ने बताया कि हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 94 हो गई है। नौका करिबा शहर से झील के एक दूरदराज ग्रामीण समुदाय की ओर जा रही थी, तभी तेज लहरों की चपेट में आकर पलट गई। [1]

सबसे घातक हादसा

सरकारी बयान में कहा गया कि नौका में मौजूद करीब 180 यात्रियों के साथ सामान भी था और यह उसकी वहन क्षमता से अधिक था। पुलिस ने हादसे से पहले नौका की क्षमता 90 यात्रियों की बताई थी। सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया कि तय सीमा के अनुसार अधिकतम कितने लोगों को एक साथ सवार होना चाहिए था। हादसे के बाद बचाव और खोज अभियान जारी है। मंगलवार तक 77 लोगों को सुरक्षित बचाए जाने की जानकारी दी गई। खोज दल अब भी झील में तलाश कर रहे हैं।

राज्य नियंत्रित समाचार पत्र द हेराल्ड ने इसे दक्षिणी अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे के इतिहास का सबसे घातक परिवहन हादसा बताया है। इसके अनुसार, इस घटना ने 1991 में हुए उस बस हादसे को पीछे छोड़ दिया, जिसमें 89 लोगों की मौत हुई थी। करिबा झील में नौका के पलटने के बाद पूरे सप्ताह मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती रही। मंगलवार को पुलिस ने मृतकों का आंकड़ा 94 बताया। सरकार के मुताबिक, खोज और बचाव दल अभी भी लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।

झील में तलाश

करिबा झील जिम्बाब्वे और जाम्बिया की सीमा पर स्थित है और दुनिया के सबसे बड़े मानव निर्मित जलाशयों में गिनी जाती है। एक नौका उत्तरी जिम्बाब्वे के करिबा शहर से झील के एक दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र की ओर जा रही थी जब करिबा हादसा हुआ। तेज लहरों से नौका पलटने के बाद कई लोग पानी में गिर गए। सरकारी जानकारी के अनुसार 77 लोगों को बचाया जा चुका है, जबकि खोज और बरामदगी का काम अभी जारी है। हादसे ने नौका की क्षमता और सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं।

करिबा हादसा मृतकों की बढ़ती संख्या और नौका में क्षमता से अधिक यात्रियों के सवार होने के कारण गंभीर चिंता बन गया है। सरकार ने बताया कि नौका करीब 180 यात्रियों और सामान के साथ चल रही थी, जबकि पुलिस ने इसकी क्षमता 90 यात्रियों की बताई थी। हादसे में 94 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 77 लोगों को बचाया गया है। खोज और बरामदगी अभियान जारी है। करिबा झील पर हुए इस हादसे ने जिम्बाब्वे में परिवहन सुरक्षा को लेकर सवाल खड़ा किया है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट रॉयटर्स और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में दिए गए तथ्यों के आधार पर तैयार की गई है। मृतकों, बचाए गए लोगों और खोज अभियान से जुड़े आंकड़े बदल सकते हैं। झील या जलमार्ग में यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की ताजा सुरक्षा जानकारी को प्राथमिकता देनी चाहिए। खबर में दी गई जानकारी की अंतिम जिम्मेदारी संबंधित स्रोतों की है।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief