WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

4 बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने वाले रुद्रांश, अर्जुन अवॉर्ड में नाम शामिल 

8 साल की उम्र में पैर गंवाने वाले रुद्रांश का अर्जुन अवॉर्ड में नाम आया है। 4 वर्ल्ड रिकॉर्ड और 25 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मेडल उनकी कहानी बताते हैं।

By अजय त्यागी
1 min read
रुद्रांश खंडेलवाल को मिलेगा अर्जुन अवॉर्ड

रुद्रांश खंडेलवाल को मिलेगा अर्जुन अवॉर्ड

भरतपुर, राजस्थान। अर्जुन अवॉर्ड में नाम शामिल होने से 19 वर्षीय पैरा शूटर रुद्रांश खंडेलवाल के परिवार में खुशी की लहर है। करीब 8 साल की उम्र में शादी समारोह के दौरान आतिशबाजी की चपेट में आने से रुद्रांश का पैर बुरी तरह जख्मी हो गया था और उन्हें अपना पैर गंवाना पड़ा। इस झटके से उबरने में करीब 3 साल लगे, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। मुश्किल दौर से निकलकर रुद्रांश ने निशानेबाजी को अपना लक्ष्य बनाया और लगातार मेहनत से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना ली। [1]

हिम्मत की उड़ान

रुद्रांश के लिए खेल सिर्फ एक पसंद नहीं बल्कि जिंदगी को नई दिशा देने का जरिया बना। परिवार ने मुश्किल समय में उनका साथ दिया और अभ्यास के दौरान हौसला बढ़ाया। लगातार मेहनत का असर यह रहा कि महज 3 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। वर्ष 2023 में 50 मीटर शूटिंग इवेंट में वह दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी बने। पैरालंपिक खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके रुद्रांश ने शारीरिक चुनौती को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया और निशानेबाजी में लगातार आगे बढ़ते रहे।

रुद्रांश की उपलब्धियों में 4 बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ना भी शामिल है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन के चलते उनका नाम अर्जुन अवॉर्ड के लिए मजबूत दावेदारों में आया। दिए गए तथ्यों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने नेशनल स्पोर्ट्स अवॉर्ड 2025 की अंतिम सूची जारी की है, जिसमें रुद्रांश का नाम भी शामिल है। उनके चयन की खबर सामने आते ही परिवार में उत्साह बढ़ गया। मां विनीता खंडेलवाल ने बताया कि करीब 8 महीने पहले पुरस्कार के लिए उनके नाम की सिफारिश की गई थी।

रिकॉर्ड का सफर

रुद्रांश का सफर सिर्फ एक खेल उपलब्धि तक सीमित नहीं है। आतिशबाजी की चपेट में आने के बाद उन्होंने जिस तरह अपनी जिंदगी को दोबारा संभाला, वही उनकी कहानी का सबसे मजबूत पहलू है। निशानेबाजी में पहचान बनाने के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 25 से ज्यादा मेडल अपने नाम किए हैं। लगातार अभ्यास और प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन ने उन्हें पैरा शूटिंग की दुनिया में अलग मुकाम दिया। परिवार का कहना है कि रुद्रांश ने मुश्किल परिस्थितियों को रास्ते की रुकावट नहीं बनने दिया और लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखा।

अर्जुन अवॉर्ड में नाम आने के बाद अब खंडेलवाल परिवार को सम्मान समारोह का इंतजार है। फिलहाल रुद्रांश दिल्ली में हैं और पुरस्कार प्रदान किए जाने की तारीख घोषित होने की इन्तेजार में है। एक पैर गंवाने के बाद खेल को अपना रास्ता बनाने वाले रुद्रांश ने मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल की। 4 वर्ल्ड रिकॉर्ड और 25 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मेडल उनके सफर की मजबूती दिखाते हैं। अब अर्जुन अवॉर्ड उनके संघर्ष और खेल उपलब्धियों के लिए एक बड़ा सम्मान बनने जा रहा है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। पुरस्कार चयन और सम्मान से जुड़ी अंतिम औपचारिक जानकारी संबंधित सरकारी घोषणा और समारोह के अनुसार ही मान्य होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief