ICE एजेंट की जांच की मांग, अमेरिकी महिला पर बंदूक तानने का आरोप
ICE एजेंट की जांच की मांग तेज हो गई है। अमेरिकी महिला पर बंदूक तानने के आरोप में 6 सांसदों ने FBI जांच और नागरिक अधिकार समीक्षा की मांग की है।
ICE एजेंट की जांच की मांग
वॉशिंगटन, अमेरिका। अमेरिकी कांग्रेस के 6 सदस्यों ने वर्जीनिया में एक अमेरिकी नागरिक महिला पर इमिग्रेशन एजेंट द्वारा कथित तौर पर लोडेड बंदूक तानने के मामले में FBI (Federal Bureau of Investigation) जांच और न्याय विभाग की नागरिक अधिकार समीक्षा की मांग की है। ICE (U.S. Immigration and Customs Enforcement) एजेंट की जांच की मांग उस घटना के बाद उठी है जिसमें कैरोलिना मोलिना की कार को घेरकर उन्हें कथित धमकी दी गई थी। Migrant Insider की एक रिपोर्ट के अनुसार, घटना 10 अगस्त को फॉल्स चर्च में हुई। सांसदों ने एजेंसियों से 31 अगस्त तक जवाब मांगा है। [1]
सांसदों की मांग
कांग्रेस सदस्यों ने न्याय विभाग और होमलैंड सिक्योरिटी विभाग से घटना की पूरी जांच कराने को कहा है। मांग में शामिल एजेंटों के नाम और पद, वाहन रोकने की ट्रेनिंग का रिकॉर्ड और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानकारी शामिल है। सांसदों ने बॉडी कैमरा, मोबाइल फोन और वाहन से मिले पूरे और बिना संपादन वाले वीडियो भी मांगे हैं। यह मुद्दा इसलिए अहम है क्योंकि सांसदों के मुताबिक उपलब्ध वीडियो में मोलिना से किसी जानलेवा खतरे का स्पष्ट सबूत नहीं दिखता।
मोलिना एक लाइसेंस प्राप्त प्रोफेशनल काउंसलर हैं और इमिग्रेशन मामलों से जुड़े मानसिक स्वास्थ्य आकलन करती हैं। 10 अगस्त को वह बेली क्रॉसरोड्स के शॉपिंग सेंटर से निकल रही थीं, तभी बिना पहचान वाले वाहनों ने उनकी कार को आगे और पीछे से रोक दिया। इसके बाद नकाब पहने संघीय एजेंटों ने कार को घेर लिया। मोलिना के वीडियो में एक एजेंट को कथित तौर पर उनके सिर पर बंदूक ताने हुए देखा जा सकता है। यह मामला अब इसी टकराव के केंद्र में है।
जांच की तैयारी
वीडियो में एजेंट ने आरोप लगाया कि मोलिना ने कार से अधिकारियों को लगभग टक्कर मार दी थी और उन्हें गिरफ्तार करने की चेतावनी दी। मोलिना ने कहा कि उन्होंने किसी को टक्कर मारने की कोशिश नहीं की और वह कानूनी रूप से अमेरिकी नागरिक हैं। कांग्रेस के पत्र में कहा गया कि दोनों उपलब्ध वीडियो मोलिना के वाहन से किसी अधिकारी को जानबूझकर खतरे में डालने की बात साबित नहीं करते। ICE एजेंट की जांच के पीछे सांसदों ने इसी विरोधाभास को आधार बनाया है।
होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने अलग पक्ष रखते हुए मोलिना को एंटी ICE आंदोलनकारी बताया और आरोप लगाया कि उन्होंने वाहन को अधिकारियों के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल किया। सांसदों ने इस भाषा को गंभीर चिंता का विषय बताया है। उनका कहना है कि इसी तरह के दावे पहले भी जानलेवा बल के इस्तेमाल को सही ठहराने में सामने आए हैं, लेकिन बाद में वीडियो सबूतों से उन पर सवाल उठे। इसी वजह से ICE एजेंट की जांच को निष्पक्ष और दस्तावेज आधारित बनाने की मांग की गई है।
जवाबदेही पर जोर
वर्जीनिया से कांग्रेस सदस्य सुहास सुब्रमण्यम ने कहा कि संघीय एजेंसियां कार्रवाई नहीं करतीं तो सांसद सार्वजनिक दबाव के जरिए भी जवाबदेही तय करेंगे। उन्होंने कहा कि संबंधित एजेंट को कांग्रेस के सामने अपने कदमों की वजह बतानी चाहिए और जरूरत पड़ने पर समन की कार्रवाई हो सकती है। यह कदम संघीय एजेंसियों की जवाबदेही को लेकर बड़ा सवाल खड़ा करता है। ICE एजेंट की जांच की मांग अब सिर्फ स्थानीय घटना नहीं, बल्कि व्यापक निगरानी का मुद्दा बन गई है।
सांसदों ने ICE के उन निर्देशों का हवाला दिया है जिनके मुताबिक बल का इस्तेमाल तभी होना चाहिए जब सुरक्षित और प्रभावी विकल्प उपलब्ध न हो। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन कार्रवाई शुरू होते ही बॉडी कैमरा सक्रिय किया जाना चाहिए। मोलिना के वीडियो में कम से कम 3 अधिकारियों को बॉडी कैमरा पहने देखा गया। मोलिना ने बताया कि घटना के बाद उन्हें जान का डर लगा। ऐसे में ICE एजेंट की जांच से यह पता चल सकता है कि नियमों का पालन हुआ था या नहीं।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इसमें लगाए गए आरोपों और संबंधित पक्षों के दावों की स्वतंत्र जांच और आधिकारिक निष्कर्ष आने तक इन्हें अंतिम तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।