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बच्चे को जन्म दिया, पेट में ग्लव्स रह गए, मां जिंदगी से जूझ रही

सीजेरियन के बाद पेट में ग्लव्स और पेपर नैपकिन मिले। 19 साल की मां की हालत गंभीर है। परिवार ने लापरवाही का आरोप लगाया, जांच शुरू।

By अजय त्यागी
1 min read
जिला सिविल सर्जन डॉ शेषराव जगताप

जिला सिविल सर्जन डॉ शेषराव जगताप

बीड़, महाराष्ट्र। 19 साल की संध्या सुरज गायकवाड़ की सीजेरियन सर्जरी के बाद पेट में ग्लव्स और पेपर नैपकिन मिलने का मामला सामने आया है। परिवार का आरोप है कि 1 अगस्त को जिला अस्पताल में ऑपरेशन के बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। घर लौटने के कुछ दिनों बाद तेज पेट दर्द और जी मिचलाने की शिकायत हुई। जांच में पेट के भीतर बाहरी वस्तु दिखाई दी। बाद में उन्हें पुणे के ससून अस्पताल ले जाया गया, जहां परिवार के मुताबिक सर्जरी में ग्लव्स और पेपर नैपकिन निकाले गए। [1]

ऑपरेशन का सच

संध्या को 1 अगस्त को बीड़ जिला अस्पताल में सीजेरियन के लिए भर्ती कराया गया था और 4 दिन बाद छुट्टी दे दी गई। घर पहुंचने के कुछ दिनों बाद उन्हें तेज पेट दर्द और जी मिचलाने की परेशानी होने लगी। परिवार ने निजी डॉक्टर से सलाह लेकर कई जांच कराईं। सोनोग्राफी रिपोर्ट में पेट के भीतर बाहरी वस्तु दिखाई दी। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल को रिपोर्ट दिखाई। जिला सिविल सर्जन डॉ शेषराव जगताप को जानकारी मिली तो उन्होंने मरीज को दोबारा भर्ती कराने की सलाह दी।

परिवार ने संध्या को उसी अस्पताल में दोबारा भर्ती कराने से इनकार कर दिया और इलाज के लिए पुणे के ससून अस्पताल पहुंचाया। परिवार का कहना है कि वहां बाद की सर्जरी में पेट से ग्लव्स और पेपर नैपकिन निकाले गए। इस बीच संध्या की हालत गंभीर होती गई और अब वह पुणे के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही हैं। परिवार के मुताबिक पेट में ग्लव्स और नैपकिन मिलने के बाद इलाज और जटिल हो गया। मां शीला उजगावे ने कहा कि 1 अगस्त से 13 अगस्त के बीच बेटी की कई सर्जरी हो चुकी हैं।

परिवार का दर्द

संध्या के पति सूरज गायकवाड़ ने कहा कि उनकी पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया, लेकिन अब उसमें बच्चे को गोद में उठाने तक की ताकत नहीं है। परिवार ने सीजेरियन करने वाली महिला डॉक्टर और अस्पताल के स्टाफ पर कथित लापरवाही का आरोप लगाया है। जिला सिविल सर्जन ने महिला के पेट में विदेशी वस्तु छूटने की पुष्टि की है। उन्होंने संबंधित डॉक्टर और स्टाफ को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। उनका कहना है कि मामले की विस्तृत रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी जाएगी।

डॉ शेषराव जगताप ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि ऐसी घटना स्वीकार नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने भी जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। हालांकि अभी जांच पूरी नहीं हुई है और जिम्मेदारी तय होना बाकी है। परिवार अपनी बेटी की हालत को लेकर बेहद चिंतित है। फिलहाल संध्या का इलाज पुणे में चल रहा है और मामले की जांच आगे बढ़ रही है। पेट में ग्लव्स मिलने की घटना ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। चिकित्सा लापरवाही से जुड़े आरोपों की अंतिम जिम्मेदारी जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही तय होगी और संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना जरूरी है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief