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न कंपनी खोली न सूरत गए, फिर भी दर्जी को 974 करोड़ का नोटिस!

15 हजार रुपये महीने कमाने वाले दर्जी को टैक्स देनदारी का 974 करोड़ का नोटिस। दावा है कि पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल कर कंपनियां बनाई गईं।

By अजय त्यागी
1 min read
दर्जी रेखराज

दर्जी रेखराज

अजमेर, राजस्थान। 974 करोड़ का नोटिस मिलने के बाद अजमेर के गोविंदगढ़ इलाके में रहने वाले दर्जी रेखराज और उनका परिवार हैरान है। रेखराज का कहना है कि वह सिलाई की दुकान से करीब 15 हजार रुपये महीना कमाते हैं। उन्होंने कभी कोई कंपनी शुरू नहीं की और न ही सूरत गए हैं। इसके बावजूद सूरत आयकर विभाग के नोटिस में उन्हें एक डायमंड कंपनी और जय बाबेरी डायमंड प्राइवेट लिमिटेड का निदेशक बताया गया है। नोटिस में उनके खिलाफ 974,97,25,457 रुपये की टैक्स देनदारी बताई गई है। [1]

पैन का खेल

रेखराज के मुताबिक उन्हें यह नोटिस 13 अगस्त को मिला। इसके बाद उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंट से दस्तावेजों की जांच कराई। उनका दावा है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके पैन कार्ड की जानकारी का गलत इस्तेमाल किया और 2011 से उनके नाम पर फर्जी डायमंड कंपनियां बनाकर कारोबार किया। रेखराज का कहना है कि उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी तब हुई जब सूरत आयकर विभाग का नोटिस उनके पास पहुंचा। नोटिस में सामने आई कंपनियों से उनका कोई संबंध होने से उन्होंने साफ इनकार किया है।

रेखराज ने 974 करोड़ का नोटिस मिलने पर जवाब ईमेल के जरिए भी भेजा है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी रकम की टैक्स देनदारी सामने आने के बाद पूरा परिवार तनाव में है। उनके 2 बेटे और एक भाई लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। परिवार यह समझने की कोशिश कर रहा है कि आखिर उनके पैन कार्ड का इस्तेमाल किसने किया और उनके नाम से कथित तौर पर कंपनियां कैसे खड़ी कर दी गईं। मामले में अब दस्तावेजों और संबंधित रिकॉर्ड की जांच के जरिए वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।

पुलिस तक पहुंचा मामला

रेखराज ने शुरुआत में पिसांगन थाने में शिकायत दी थी। उनका कहना है कि पुलिस ने लिखित शिकायत तो ले ली, लेकिन तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके बाद वह मामले को लेकर अजमेर ग्रामीण के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लालचंद से मिले। एएसपी ने उन्हें शिकायत दर्ज करने और पूरे मामले की जांच कराने का भरोसा दिया। इसके बाद पुलिस स्तर पर भी मामला जांच के दायरे में आ गया। रेखराज का आरोप है कि उनके पैन कार्ड की जानकारी का इस्तेमाल करके उनके नाम से कथित फर्जी कारोबार खड़ा किया गया।

अजमेर ग्रामीण एएसपी लालचंद ने बताया कि दर्जी की ओर से औपचारिक शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह स्पष्ट होना बाकी है कि रेखराज के पैन कार्ड का इस्तेमाल किसने किया, संबंधित कंपनियों में उनके नाम और दस्तावेज किस तरह दर्ज हुए और आयकर रिकॉर्ड में उनकी भूमिका कैसे दिखाई गई। जांच के बाद ही इन सवालों का जवाब सामने आएगा। फिलहाल 974 करोड़ का नोटिस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। आयकर देनदारी और पैन कार्ड के कथित दुरुपयोग से जुड़े दावों की अंतिम पुष्टि संबंधित विभागीय और पुलिस जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief