FBI की वांटेड लिस्ट में कमल का नाम, बिश्नोई गैंग पर बड़ा एक्शन
FBI की वांटेड लिस्ट में भारतीय नागरिक कमल का नाम आया है। एजेंसी को लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप से कथित जुड़ाव और जबरन वसूली की साजिश के मामले में तलाश है।
प्रतीकात्मक फोटो
वॉशिंगटन, अमेरिका। FBI की वांटेड लिस्ट में भारतीय नागरिक कमल का नाम आने से अमेरिका में भारत से जुड़े कथित संगठित अपराध नेटवर्क पर कार्रवाई फिर चर्चा में है। FBI के मुताबिक कमल पर ऐसे अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन से कथित जुड़ाव का आरोप है जो जबरन वसूली के जरिए कारोबार में दखल देने की साजिश में शामिल था। संगठन को लॉरेंस बिश्नोई ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप बताया गया है। FBI की वांटेड लिस्ट में उसका नाम शामिल करने के साथ एजेंसी ने मामले को सार्वजनिक किया है और उसकी तलाश तेज कर दी है। [1]
कमल पर क्या आरोप है
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक कमल के खिलाफ 1 जुलाई 2026 को लॉस एंजिल्स स्थित सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया की संघीय अदालत से गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था। उस पर जबरन वसूली के जरिए कारोबार में दखल देने की साजिश का आरोप लगाया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों में लॉरेंस बिश्नोई संगठन पर हत्या, गोलीबारी, अपहरण, जबरन वसूली और नशीले पदार्थों की तस्करी समेत कई गंभीर गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों का अंतिम फैसला अदालत में होना बाकी है।
अमेरिकी जांच के दस्तावेजों में कमल को संगठन के कथित जबरन वसूली नेटवर्क से जोड़ा गया है। उपलब्ध आरोप पत्र के मुताबिक वह कथित तौर पर वसूली की रकम लेने और संगठन से जुड़े लोगों तक धन पहुंचाने में मदद करता था। एक मामले में मई 2025 में कैलिफोर्निया के रिवरसाइड में 15,000 डॉलर की कथित वसूली रकम लेने का भी उल्लेख है। हालांकि इन आरोपों को अदालत में साबित किया जाना बाकी है। FBI की वांटेड लिस्ट में नाम आने का मतलब यह नहीं है कि आरोपी दोषी ठहराया जा चुका है।
Hard Ball में बड़ा एक्शन
कमल के खिलाफ कार्रवाई Operation Hard Ball के व्यापक अभियान के बीच हुई है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार इस अभियान में भारत से जुड़े 3 अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क पर कार्रवाई की गई है। इन मामलों में कुल 37 लोगों पर आरोप लगाए गए और समन्वित कार्रवाई के दौरान अमेरिका, कनाडा और यूरोप में 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियों ने नशीले पदार्थों, हथियारों और नकदी की जब्ती भी की है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अभियान का मकसद ऐसे नेटवर्क की गतिविधियों को रोकना है जो कई देशों में सक्रिय बताए गए हैं।
इस कार्रवाई का दायरा सिर्फ बिश्नोई संगठन तक सीमित नहीं है। अमेरिकी एजेंसियों ने जग्गू भगवानपुरिया और रविंदर धांडा से जुड़े कथित संगठित अपराध नेटवर्क पर भी कार्रवाई की है। FBI ने पहले भारतीय नागरिक नितेश कौशल और अन्य आरोपियों को भी वांटेड सूची में शामिल किया था। इन मामलों में हत्या, अपहरण, ड्रग तस्करी, हथियारों की तस्करी और जबरन वसूली जैसे आरोप लगाए गए हैं। ऐसे में FBI की वांटेड लिस्ट में कमल का नाम आना अमेरिका की इस व्यापक कार्रवाई की अगली कड़ी माना जा रहा है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। कमल और संबंधित संगठित अपराध समूहों के खिलाफ लगाए गए आरोप अदालत में अंतिम रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं और सभी आरोपियों को कानून के तहत दोषी साबित होने तक निर्दोष माना जाता है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।