मजदूरों का वेतन अटका, 407 दावों के बीच भारतीय कारोबारी दिवालिया
407 प्रवासी मजदूरों के मजदूरों का वेतन बकाया होने के मामले में 7 कंपनियों के निदेशक रामू पलानी वेलु को दिवालिया घोषित किया।
प्रतीकात्मक फोटो
सिंगापुर। सिंगापुर में मजदूरों का वेतन बकाया रहने के बड़े मामले में भारतीय मूल के कारोबारी रामू पलानी वेलु को दिवालिया घोषित कर दिया गया है। वह 7 स्थानीय कंपनियों के निदेशक हैं और सिंगापुर के स्थायी निवासी हैं। इन कंपनियों से जुड़े 407 प्रवासी मजदूरों ने बकाया सैलरी के दावे किए हैं। द स्ट्रेट्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 13 अगस्त को रामू के खिलाफ दिवालियापन आदेश जारी किया गया। इनमें भारतीय नागरिकों समेत कई प्रवासी कर्मचारी शामिल हैं और कुछ का मजदूरों का वेतन 2 महीने से अधिक समय तक अटका बताया गया है। [1]
मामला कैसे खुला
मजदूरों का वेतन नहीं मिलने की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी थीं। वर्ष 2025 में KPA Engineering के 5 कर्मचारियों ने अलग अलग समय पर वेतन बकाया होने की शिकायत की थी। अधिकारियों की मदद से ये मामले एक हफ्ते के भीतर सुलझ गए और कर्मचारियों को भुगतान मिला। लेकिन मई और जून 2026 में 4 अन्य कर्मचारियों ने फिर वेतन दावे दाखिल किए। इसके बाद 22 जून को 196 प्रवासी मजदूर एक साथ सिंगापुर के मानवशक्ति मंत्रालय के पास पहुंचे और मजदूरों का वेतन दिलाने की मांग रखी।
इस मामले में KPA Engineering, SK Industries और VVR Plant Engineering नाम की 3 कंपनियां जांच के दायरे में हैं। तीनों कंपनियों के साझा निदेशक रामू पलानी वेलु हैं। अधिकारियों के मुताबिक, 407 वेतन दावे इन कंपनियों के खिलाफ दर्ज हुए हैं। मानवशक्ति मंत्रालय ने तीनों कंपनियों के खिलाफ Employment Act और Employment of Foreign Manpower Act के तहत जांच शुरू की है। इससे पहले KPA Engineering और VVR Plant Engineering के विदेशी कर्मचारियों की भर्ती संबंधी अधिकार भी लेवी डिफॉल्ट के कारण सीमित किए जा चुके थे।
मजदूरों को मिली मदद
मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने प्रभावित कर्मचारियों के रहने और रोजगार की व्यवस्था पर भी काम किया। जिन मजदूरों को वैकल्पिक आवास की जरूरत थी, उन्हें दोबारा ठिकाना दिया गया और कर्मचारियों को सिंगापुर में रहकर नया रोजगार तलाशने के लिए Special Pass भी जारी किए गए। ताजा सरकारी जानकारी के अनुसार 130 से ज्यादा प्रभावित मजदूरों को नए नियोक्ताओं के साथ काम मिल चुका है। बाकी कर्मचारियों को भी नई नौकरियों में स्थानांतरित कराने की कोशिश जारी है, जबकि मजदूरों का वेतन वापस दिलाने के दावे प्रक्रिया में हैं।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि रामू जून में कुछ समय के लिए सिंगापुर से बाहर थे और 26 जून को लौटने के बाद अधिकारियों की जांच में सहयोग कर रहे थे। उन्होंने 9 जुलाई को खुद दिवालियापन के लिए आवेदन किया था। अब 13 अगस्त को उनके खिलाफ दिवालियापन आदेश जारी हो चुका है। सिंगापुर के नियमों के मुताबिक कर्मचारियों को वेतन नहीं देने पर नियोक्ताओं पर प्रत्येक आरोप के लिए 3,000 से 15,000 डॉलर तक जुर्माना और 6 महीने तक की जेल हो सकती है। मजदूरों का वेतन दिलाने की प्रक्रिया अब भी अहम बनी हुई है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मजदूरों का वेतन बकाया होने और कंपनियों के खिलाफ चल रही जांच से जुड़े कानूनी निष्कर्ष संबंधित अधिकारियों और अदालत की प्रक्रिया पर निर्भर करेंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।