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चार हाथ चार पैर वाला नवजात, डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए भेजा

चार हाथ चार पैर वाले नवजात के जन्म से डॉक्टर हैरान हैं। हालत स्थिर होने के बाद बेहतर इलाज के लिए बच्चे को जबलपुर मेडिकल कॉलेज भेजा है।

By अजय त्यागी
1 min read
चार हाथ चार पैर वाला नवजात

चार हाथ चार पैर वाला नवजात

छतरपुर, मध्य प्रदेश। लवकुशनगर सिविल अस्पताल में एक महिला ने ऐसे नवजात को जन्म दिया जिसके 4 हाथ और 4 पैर हैं। इनमें 1 हाथ और 1 पैर पूरी तरह विकसित नहीं हैं। प्रसव के बाद बच्चे की स्थिति देखकर अस्पताल में मौजूद स्टाफ ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद छतरपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरपी गुप्ता ने मामले की जानकारी ली और बच्चे को पहले जिला अस्पताल रेफर कराया। इस दुर्लभ जन्म की पुष्टि करते हुए बच्चे को बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र भेजे जाने की बात सामने आई है। [1]

डॉक्टरों ने की जांच

सीएमएचओ डॉ. आरपी गुप्ता के मुताबिक महिला को प्रसव के लिए लवकुशनगर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डिलीवरी के बाद नवजात में जन्मजात शारीरिक विकृति दिखाई दी। बच्चे को तत्काल निगरानी और जरूरी चिकित्सकीय आकलन के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने पहले नवजात की हालत को स्थिर किया और उसकी स्थिति का आकलन किया। इसके बाद विशेषज्ञ उपचार की जरूरत को देखते हुए उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज भेजने का फैसला लिया गया। वहां बच्चों की जटिल चिकित्सा के लिए विशेषज्ञ और पीडियाट्रिक सर्जन उपलब्ध हैं।

सीएमएचओ ने बताया कि बच्चे की शुरुआती जांच और स्थिरीकरण के बाद आगे का इलाज विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में कराया जाएगा। अस्पताल स्तर पर फिलहाल प्राथमिकता नवजात की स्थिति को सुरक्षित रखना और उसे समय पर उच्च केंद्र तक पहुंचाना है। स्थानीय स्तर पर यह मामला सामने आने के बाद अस्पताल में लोगों की भीड़ भी जुट गई। हालांकि अंतिम चिकित्सकीय स्थिति और आगे की उपचार योजना विशेषज्ञ जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। इसलिए बच्चे की हालत को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

जबलपुर में होगा इलाज

डॉ. गुप्ता के अनुसार नवजात को अब जबलपुर मेडिकल कॉलेज भेजने की तैयारी की जा रही है। वहां पीडियाट्रिक सर्जन की उपलब्धता को देखते हुए बच्चे के लिए बेहतर उपचार की उम्मीद है। जरूरत के मुताबिक विशेषज्ञ डॉक्टर जन्मजात विकृति की प्रकृति, अंगों के विकास और आगे की चिकित्सा प्रक्रिया का आकलन करेंगे। ताजा मीडिया रिपोर्ट में भी बच्चे को उच्च चिकित्सा केंद्र भेजे जाने और एयर एंबुलेंस की तैयारी का उल्लेख है। फिलहाल डॉक्टरों का ध्यान नवजात को सुरक्षित रखते हुए विशेषज्ञ उपचार तक पहुंचाने पर है।

चार हाथ चार पैर वाला यह मामला बेहद दुर्लभ बताया जा रहा है। शुरुआती मीडिया रिपोर्टों में इसे कंजॉइन्ड ट्विन्स से जुड़ी दुर्लभ स्थिति बताया गया है, लेकिन नवजात की वास्तविक चिकित्सकीय स्थिति की पुष्टि विशेषज्ञ जांच के बाद ही मानी जाएगी। परिवार और अस्पताल प्रशासन के लिए इस समय सबसे जरूरी बात बच्चे को उचित उपचार दिलाना है। डॉक्टरों की निगरानी में आगे की जांच के बाद ही यह साफ होगा कि अतिरिक्त अंगों की संरचना कैसी है और इलाज के लिए किस तरह की प्रक्रिया की जरूरत पड़ेगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। नवजात की जन्मजात स्थिति और उपचार से जुड़ी अंतिम चिकित्सकीय जानकारी विशेषज्ञ जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief