ईडी की छापेमारी, राणा परिवार पर एक्शन, करोड़ों के लेनदेन की परतें खुली
ईडी की छापेमारी में राणा परिवार से जुड़े 9 ठिकाने जांच के घेरे में आए। फर्जी आईटीसी और 20 करोड़ से ज्यादा के कथित लेनदेन की पड़ताल जारी है।
ईडी की छापेमारी
मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश। ईडी की छापेमारी सोमवार को मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और हरियाणा के फरीदाबाद में एक साथ हुई। लखनऊ जोनल कार्यालय की टीम ने कुल 9 ठिकानों पर तलाशी ली। कार्रवाई राष्ट्रीय लोक दल नेता और बसपा के पूर्व विधायक शाहनवाज राणा से जुड़े परिसरों के साथ उनके भाई और पूर्व सांसद कादिर राणा तथा पूर्व विधायक नूर सलीम राणा के ठिकानों पर भी हुई। मामला जम्बूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इम्पोर्ट्स लिमिटेड से जुड़े कथित फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट और धन के लेनदेन की जांच से जुड़ा है। [विडियो]
फर्जी आईटीसी की जांच
ईडी के मुताबिक, कंपनी पर बिना सामान की वास्तविक आवाजाही के फर्जी चालान और ई वे बिल के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल करने और उसे आगे पास करने का आरोप है। जीएसटी अधिकारियों की जांच में 9.63 करोड़ रुपये का आईटीसी कथित तौर पर गलत तरीके से लेने और 10.28 करोड़ रुपये का आईटीसी आगे पास करने की बात सामने आई। जांच में कई फर्जी या कागजी कंपनियों के जरिए लेनदेन घुमाने और रकम को अलग अलग स्तरों पर भेजने की बात भी सामने आई है।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित लेनदेन में पैसा किन कंपनियों के जरिए घुमाया गया और इसका फायदा किसे मिला। शाहनवाज राणा के कारोबारी नेटवर्क को भी जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह जम्बूद्वीप इम्पोर्ट एक्सपोर्ट, गीतांजलि इंफ्राकॉन, दसना स्टील्स और राणा कोंकास्ट समेत 22 कंपनियों से जुड़े रहे हैं। फिलहाल वह धामपुर स्टील, तपस्या स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड और हरिद्वार आयरन इस्पात समेत 7 कंपनियों से जुड़े बताए जाते हैं।
राणा परिवार पर कार्रवाई
ईडी की छापेमारी में मुजफ्फरनगर में राणा हाउस भी कार्रवाई के प्रमुख ठिकानों में शामिल रहा। यहां शाहनवाज राणा के साथ कादिर राणा और नूर सलीम राणा के आवास बताए गए हैं। तलाशी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और अधिकारियों ने दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड तथा डिजिटल सामग्री की जांच की। ईडी की छापेमारी धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत की जा रही है। एजेंसी कथित फर्जी आईटीसी से जुड़े लेनदेन को अपराध से हुई कमाई से जोड़कर देख रही है और संबंधित रिकॉर्ड से पैसों की पूरी कड़ी समझने की कोशिश कर रही है।
शाहनवाज राणा इससे पहले भी जीएसटी से जुड़े मामले में कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। पिछले साल राणा स्टील्स से जुड़े कथित जीएसटी चोरी के मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया था और बाद में अगस्त 2025 में जेल से बाहर आए थे। अब ईडी की मौजूदा कार्रवाई में कथित फर्जी आईटीसी, फंड डायवर्जन और कंपनियों के बीच हुए लेनदेन की परतें खंगाली जा रही हैं। तलाशी के दौरान मिलने वाले दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य आगे की जांच की दिशा तय कर सकते हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट उपलब्ध तथ्यों, जांच एजेंसी से जुड़ी जानकारी और विश्वस्त समाचार स्रोतों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। फर्जी आईटीसी, धन के लेनदेन और संबंधित व्यक्तियों या कंपनियों की भूमिका से जुड़े आरोपों की जांच जारी है और जांच पूरी होने तक किसी भी आरोप को अंतिम रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
During the searches being conducted by the Lucknow zone in the Jambudwip Export & Import Limited case regarding the fraudulent availment and passing of bogus Input Tax Credit, cash amounting to more than Rs. 1.1 crore has been found at New Rana House, Muzaffarnagar, and at… pic.twitter.com/3e74HhkOA8
— IANS (@ians_india) August 24, 2026