खून की कमी पर चिंता, महिलाओं को आयरन और संतुलित आहार की सलाह
कच्ची बस्ती में 40 से अधिक महिलाओं और बालिकाओं की जांच में खून की कमी सामने आई। आयरन और संतुलित आहार अपनाने की सलाह दी गई।
एनीमिया जागरूकता, महिला स्वास्थ्य और संस्कार विषय पर कार्यक्रम
बीकानेर, राजस्थान। भारत विकास परिषद मुख्य शाखा बीकानेर की ओर से 24 अगस्त को डी मार्ट के पास कच्ची बस्ती में एनीमिया जागरूकता, महिला स्वास्थ्य और संस्कार विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 40 से अधिक महिलाएं और बालिकाएं शामिल हुईं। महिला सहभागिता संयोजिका डॉ विजयलक्ष्मी व्यास ने क्लीनिकल जांच के आधार पर बताया कि अधिकतर महिलाओं और बालिकाओं में खून की कमी पाई गई। उन्होंने आयरन की गोली या पीने की दवा लेने और संतुलित आहार अपनाने की सलाह दी।
स्वास्थ्य पर चिंता
डॉ विजयलक्ष्मी व्यास ने छोटी उम्र की बालिकाओं में कुपोषण और एनीमिया की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बच्चों के खानपान और स्वास्थ्य पर परिवार को लगातार ध्यान देना चाहिए। महिलाओं से संतुलित भोजन लेने और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की गई। कार्यक्रम में रोजमर्रा की सेहत से जुड़ी आदतों पर भी बातचीत हुई। खासतौर पर बालिकाओं के पोषण पर ध्यान देने की जरूरत बताई गई। वक्ताओं ने स्वास्थ्य जांच और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेने को भी महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में महिलाओं को यह संदेश दिया गया कि खून की कमी से जुड़ी समस्या को केवल कमजोरी मानकर छोड़ना ठीक नहीं है। समय पर जांच कराने और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार लेने की जरूरत बताई गई। संतुलित आहार को भी स्वास्थ्य का अहम हिस्सा बताया गया। गुटखा नहीं खाने की सलाह के साथ महिलाओं और बालिकाओं को अपनी दिनचर्या पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया गया। आयोजन का उद्देश्य बस्ती की महिलाओं तक स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी आसान भाषा में पहुंचाना और उन्हें अपनी सेहत को लेकर जागरूक बनाना रहा।
संस्कार की सीख
प्रांतीय प्रभारी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ श्रीमती मधुरिमा सिंह ने बच्चों में संस्कार की भूमिका पर बात रखी। उन्होंने कहा कि बच्चों में अच्छे संस्कार माता पिता से आते हैं और मां बालिका के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने बालिकाओं से माता पिता की सेवा करने, उनके कामों में सहयोग देने और विद्यालय में गुरुजनों का सम्मान करने की अपील की। साथ ही मोबाइल से दूरी बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, अनुशासन और संस्कार पर साथ साथ ध्यान देना जरूरी है।
डॉ अर्पिता गुप्ता ने बालिकाओं को व्यक्तिगत स्वच्छता का पूरा ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने अच्छी तरह हाथ धोने और रोज दांत साफ करने जैसी आदतों को जीवन का हिस्सा बनाने की बात कही। उन्होंने महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन वितरित किए। डॉ विजयलक्ष्मी व्यास ने भारत विकास परिषद की ओर से चॉकलेट बांटी, जबकि श्रीमती मधुरिमा सिंह ने बिस्कुट के पैकेट वितरित किए। श्रीमती नेहा कपूर ने कार्यक्रम के अंत में सभी का धन्यवाद किया। आयोजन में स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और संस्कार के जरिए खून की कमी को लेकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। आयरन या किसी अन्य दवा का सेवन चिकित्सकीय सलाह और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार ही किया जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।