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शेयर बाजार में कमजोरी, सेंसेक्स 223 अंक गिरा, निफ्टी 24128 पर पहुंचा

ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध, महंगा कच्चा तेल और निफ्टी की एक्सपायरी ने शेयर बाजार का मूड बिगाड़ा, सेंसेक्स 223 और निफ्टी 90 अंक तक फिसले, निवेशक सतर्क दिखे।

By अजय त्यागी
1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

मुंबई, महाराष्ट्र। शेयर बाजार में मंगलवार सुबह दबाव देखने को मिला। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 223 अंक यानी 0.28 प्रतिशत तक गिरकर 77146 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 90 अंक यानी 0.37 प्रतिशत फिसलकर 24128 तक आ गया। निवेशकों की नजर मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की आपूर्ति पर उसके संभावित असर पर रही। IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, निफ्टी 50 के मासिक डेरिवेटिव अनुबंधों की एक्सपायरी भी मंगलवार को होनी है, जिससे बाजार में सावधानी बढ़ी है। [1]

कच्चे तेल का दबाव

निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता कच्चे तेल को लेकर बनी हुई है। ईरान पर अमेरिका के नए प्रतिबंधों और उनके संभावित असर को लेकर बाजार सतर्क है। कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती बनी रही तो भारतीय कंपनियों की लागत और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। यही वजह है कि विश्लेषकों को निकट अवधि में शेयर बाजार में तेज और टिकाऊ तेजी की संभावना सीमित दिख रही है। बाजार के लिए 24100 से 24500 के बीच का दायरा अहम माना जा रहा है।

सेक्टरों का हाल भी मिला जुला रहा। निफ्टी मीडिया, पीएसयू बैंक और केमिकल्स में 0.6 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। दूसरी तरफ निफ्टी मेटल 0.48 प्रतिशत गिरा और ऑयल एंड गैस में 0.4 प्रतिशत की कमजोरी रही। आईटी 0.37 प्रतिशत नीचे रहा, जबकि ऑटो और रियल्टी में 0.32 प्रतिशत की गिरावट आई। FMCG, हेल्थकेयर, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फार्मा शेयरों पर भी दबाव रहा। इससे साफ है कि शुरुआती कारोबार में खरीदारी चुनिंदा हिस्सों तक सीमित रही।

निफ्टी एक्सपायरी पर नजर

निफ्टी 50 के मासिक डेरिवेटिव अनुबंधों की मंगलवार को एक्सपायरी बाजार में उतार चढ़ाव बढ़ा सकती है। विश्लेषकों के मुताबिक ऊपरी स्तर पर बिकवाली और निचले स्तर पर खरीदारी का रुझान बना रह सकता है। व्यापक बाजार में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर कॉरपोरेट गतिविधियों और सकारात्मक खबरों के चलते खरीदारी बनी हुई है। विदेशी संस्थागत निवेशक भी इन हिस्सों में सक्रिय हैं, हालांकि ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर चिंता कायम है। ऐसे माहौल में शेयर बाजार की चाल काफी हद तक वैश्विक संकेतों और तेल कीमतों पर निर्भर रहेगी।

सोमवार के कारोबार में विदेशी संस्थागत निवेशक शुद्ध खरीदार रहे और उन्होंने 1181 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी लगातार 10वें सत्र में खरीदारी जारी रखते हुए 2493 करोड़ रुपये का निवेश किया। इसके बावजूद मंगलवार सुबह वैश्विक और भू राजनीतिक चिंताओं का असर हावी रहा। सोमवार को तेज गिरावट के बाद कच्चे तेल की कीमतें मंगलवार को कुछ स्थिर हुईं, लेकिन ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इसलिए फिलहाल शेयर बाजार में निवेशकों का रुख सावधानी वाला बना हुआ है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। शेयर बाजार और व्यक्तिगत शेयरों में उतार चढ़ाव बना रह सकता है और यह रिपोर्ट किसी निवेश सलाह या खरीद बिक्री की सिफारिश के रूप में नहीं ली जानी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief