साइबर हमले के मामले में NIA का बड़ा एक्शन, 3 लैपटॉप और 5 मोबाइल जब्त
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 54 सरकारी वेबसाइटों पर साइबर हमले की कोशिश के मामले में NIA ने 5 राज्यों और दिल्ली में तलाशी ली, 3 लैपटॉप और 5 मोबाइल जब्त किए।

प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली, दिल्ली। साइबर हमले से जुड़े मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA ने सोमवार को 5 राज्यों और दिल्ली में कई ठिकानों पर तलाशी ली। कार्रवाई महाराष्ट्र के जुन्नर, गुजरात के नडियाद, तेलंगाना के रामागुंडम, बिहार के गोपालगंज और दिल्ली में हुई। मामला ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत सरकार की 54 वेबसाइटों पर कथित DDoS हमले की कोशिश से जुड़ा है। IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, जांच में ऐसे संदिग्ध सामने आए जिन्होंने गिरफ्तार आरोपियों को हमले की तैयारी और तकनीकी क्षमता बढ़ाने में कथित मदद दी थी। [1]
54 साइटें निशाने पर
साइबर हमले के इस मामले में आरोप है कि भारत सरकार की 54 वेबसाइटों को अत्याधुनिक Distributed Denial of Service यानी DDoS हमलों से निशाना बनाने की कोशिश की गई। NIA के मुताबिक इन गतिविधियों में महत्वपूर्ण कंप्यूटर संसाधनों और Critical Information Infrastructure को निशाना बनाया गया था। एजेंसी का कहना है कि कथित हमलों का मकसद देश की संप्रभुता, सुरक्षा और एकता को प्रभावित करना तथा लोगों में डर पैदा करना था। इस मामले में 2 आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
यह मामला 25 जून 2025 को गुजरात में दर्ज हुआ था और शुरुआत में गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड ने इसकी जांच शुरू की थी। बाद में मामला NIA के पास आया। एजेंसी ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए उन संदिग्धों की पहचान की, जिन पर गिरफ्तार आरोपियों को DDoS हमलों की तैयारी और तकनीकी कौशल विकसित करने में सहायता देने का आरोप है। अदालत से तलाशी वारंट मिलने के बाद सोमवार सुबह संबंधित परिसरों में कार्रवाई की गई। संदिग्धों से गिरफ्तार आरोपियों के साथ उनके कथित संबंधों को लेकर भी पूछताछ की गई।
डिजिटल सबूत मिले
साइबर हमले की जांच के दौरान NIA ने कई डिजिटल डिवाइस और ऐसे दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनमें हैकिंग गतिविधियों से जुड़ी कथित आपत्तिजनक सामग्री मिली है। एजेंसी के मुताबिक तलाशी में 3 लैपटॉप, 5 मोबाइल फोन और पेन ड्राइव समेत दूसरे डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। अब इन उपकरणों की तकनीकी जांच अहम होगी, क्योंकि इससे कथित हमलों की तैयारी, संदिग्धों की भूमिका और गिरफ्तार आरोपियों से उनके संपर्क से जुड़े सुराग मिल सकते हैं। जांच एजेंसी ने आगे की कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरकारी डिजिटल ढांचे को निशाना बनाने के आरोपों के कारण यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। DDoS हमले में किसी वेबसाइट या सर्वर पर बहुत अधिक ट्रैफिक भेजकर उसकी सामान्य सेवा बाधित करने की कोशिश की जाती है। NIA की मौजूदा कार्रवाई में जब्त डिजिटल सामग्री और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर आगे की कड़ियां जोड़ी जाएंगी। फिलहाल साइबर हमले के मामले में जांच जारी है और आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगी।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। जांच एजेंसी द्वारा लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि सक्षम न्यायालय में होने वाली कानूनी प्रक्रिया के अधीन है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।