नेत्रदान जागरूकता के लिए हिंदुजा कॉलेज में हुआ खास सेमिनार
मुंबई के हिंदुजा कॉलेज में नेत्रदान जागरूकता सेमिनार हुआ। विद्यार्थियों को नेत्रदान की प्रक्रिया और आई बैंक की भूमिका समझाई गई। AI वीडियो से भी संदेश दिया गया।
नेत्रदान जागरूकता अभियान
मुंबई, महाराष्ट्र। नेत्रदान जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तेरापंथ युवक परिषद, दक्षिण मुंबई की ओर से हिंदुजा कॉलेज के सहयोग से 25 अगस्त 2026 को वर्ली स्थित कॉलेज में सेमिनार आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के निर्देशन में चल रहे नेत्रदान पखवाड़ा Vision For Visionless 2.0 के तहत हुआ। सुबह 10:00 बजे से 11:30 बजे तक चले कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद उपाध्यक्ष दर्शन डागलिया ने स्वागत भाषण दिया।
विद्यार्थियों से संवाद
कार्यक्रम में सहमंत्री मिखिल डागलिया ने कॉलेज विद्यार्थियों के साथ रोचक और संवादात्मक गतिविधि कराई। इसके बाद AI की मदद से तैयार वीडियो के जरिए नेत्रदान से जुड़ी प्रेरणादायी कहानी दिखाई गई। वीडियो में अभातेयुप के जोनल कोऑर्डिनेटर कमलेश भंसाली की महत्वपूर्ण भूमिका और आवाज रही। इस प्रस्तुति का मकसद विद्यार्थियों को नेत्रदान के महत्व से भावनात्मक रूप से जोड़ना और इस विषय को लेकर उनके मन में मौजूद सवालों तथा जिज्ञासाओं को सामने लाना था।
प्रक्रिया समझाई गई
Eye Bank Coordination and Research Centre, वडाला के Eye Technician नंदिप मिस्त्री ने TV स्क्रीन के जरिए विद्यार्थियों को नेत्रदान और आई बैंक से जुड़ी तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने सरल भाषा में नेत्रदान की पूरी प्रक्रिया, मृत्यु के बाद होने वाली प्रक्रिया और इससे जुड़े जरूरी पहलुओं को समझाया। विद्यार्थियों ने भी उत्साह के साथ सवाल पूछे और नंदिप मिस्त्री ने उनके सवालों का विस्तार से जवाब दिया। इस संवाद से नेत्रदान को लेकर विद्यार्थियों को व्यावहारिक जानकारी मिली और कई भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास हुआ।
नेत्रदान जागरूकता कार्यक्रम का संचालन हिंदुजा कॉलेज के अध्यापक कुलदीप सर और दुर्गेश सर ने किया। समापन पर तेरापंथ युवक परिषद, दक्षिण मुंबई के मंत्री श्रेयांस मुनोत ने सभी सहयोगियों, वक्ताओं, अध्यापकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम में अध्यक्ष सुमीत सुराणा, मंत्री श्रेयांस मुनोत, उपाध्यक्ष पूरन चपलोत और दर्शन डागलिया, सहमंत्री मिखिल डागलिया और दीपेश बोराना, संगठन मंत्री दीपक कच्छारा तथा नेत्रदान प्रभारी विनीत बोलिया मौजूद रहे।
युवाओं को जोड़ने की पहल
आयोजकों के मुताबिक कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में नेत्रदान जागरूकता बढ़ाना और नेत्रदान की वास्तविक प्रक्रिया को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना रहा। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को संवादात्मक बनाया। जानकारी, AI वीडियो और विशेषज्ञ से सीधे सवाल पूछने के अवसर के जरिए विद्यार्थियों को नेत्रदान के महत्व से जोड़ने की कोशिश की गई। इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने और नेत्रदान जैसे विषय पर जागरूकता बढ़ाने में उपयोगी भूमिका निभा सकते हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट आयोजकों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी और संबंधित स्रोतों पर आधारित है। नेत्रदान से संबंधित चिकित्सकीय प्रक्रिया और उसके परिणाम संबंधित चिकित्सा संस्थान तथा विशेषज्ञों की देखरेख में निर्धारित नियमों के अनुसार होते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।