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Google Maps अलर्ट से हाईवे पर ब्लैक स्पॉट की मिलेगी चेतावनी

जयपुर रेंज में Google Maps अलर्ट के जरिए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहले जानकारी मिलेगी। 101 ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर उन्हें डिजिटल मैपिंग से जोड़ा गया है।

By अजय त्यागी
1 min read
अलर्ट की जानकारी देते आईजी राहुल प्रकाश

अलर्ट की जानकारी देते आईजी राहुल प्रकाश

जयपुर, राजस्थान। Google Maps अलर्ट अब जयपुर रेंज के प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर वाहन चालकों को दुर्घटना संभावित क्षेत्रों के बारे में पहले से सावधान करने में मदद करेगा। ऑपरेशन सेफर रोड के तहत पुलिस ने बीते 3 वर्षों के दुर्घटना और जनहानि के आंकड़ों का विश्लेषण कर 101 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए हैं। इन्हें जोखिम के आधार पर A, B और C श्रेणियों में बांटा गया है। पुलिस के मुताबिक, संबंधित स्थान के पास पहुंचने पर चालक को सड़क सुरक्षा चेतावनी मिल सकेगी। [1]

हादसों पर डिजिटल नजर

पुलिस के अनुसार, चिन्हित ब्लैक स्पॉट में A श्रेणी के 6, B श्रेणी के 32 और C श्रेणी के 63 स्थान शामिल हैं। इन जगहों का चयन केवल दुर्घटनाओं की संख्या देखकर नहीं किया गया, बल्कि पिछले 3 वर्षों में हुई मौतों की गंभीरता को भी आधार बनाया गया। जयपुर ग्रामीण में 28, दौसा में 24, कोटपूतली बहरोड़ में 19, अलवर में 11, सीकर में 10, भिवाड़ी में 5, खैरथल तिजारा में 3 और झुंझुनू में 1 स्थान चिन्हित किए गए हैं।

इस पहल के तहत पुलिस रिकॉर्ड, यातायात सूचनाओं और राजमार्गों से जुड़े दुर्घटना आंकड़ों का अध्ययन किया गया। इसके बाद हर दुर्घटना संभावित स्थान का भौगोलिक सत्यापन कर डिजिटल मैपिंग के लिए तकनीकी जानकारी तैयार की गई। Google Maps अलर्ट की व्यवस्था का मकसद चालक को खतरे की जानकारी उस जगह पहुंचने से पहले देना है। इससे चालक अपनी रफ्तार कम कर सकता है और मोड़, सड़क की स्थिति या दूसरे जोखिम को देखते हुए ज्यादा सावधानी बरत सकता है। 

QR कोड से भी जानकारी

पुलिस ने आम लोगों तक यह जानकारी पहुंचाने के लिए QR कोड आधारित सुविधा भी तैयार की है। इसे मोबाइल से स्कैन करने पर जयपुर रेंज के चिन्हित राजमार्गों और दुर्घटना संभावित स्थानों की जानकारी देखी जा सकती है। मानचित्र में जोखिम के अनुसार अलग रंगों के संकेतक रखे गए हैं। पीला संकेतक C श्रेणी यानी कम जोखिम, नारंगी B श्रेणी यानी मध्यम जोखिम और लाल A श्रेणी यानी अधिक जोखिम वाले स्थानों को दर्शाता है। इस व्यवस्था से यात्रियों को सफर से पहले मार्ग की स्थिति समझने में मदद मिलेगी।

Google Maps अलर्ट और QR कोड आधारित व्यवस्था को सड़क सुरक्षा की दिशा में तकनीक और पुलिसिंग के मेल के तौर पर देखा जा रहा है। जयपुर रेंज के आईजी राहुल प्रकाश के अनुसार, इस नवाचार का उद्देश्य केवल ब्लैक स्पॉट की पहचान करना नहीं बल्कि चालक को समय रहते सचेत करना है। पुलिस ने इस मॉडल को आगे प्रदेश और देशभर में लागू करने के लिए NHAI को पत्र भेजने की बात कही है। हालांकि सड़क सुरक्षा में चेतावनी के साथ गति नियंत्रण और यातायात नियमों का पालन भी जरूरी रहेगा। 

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट उपलब्ध कराए गए तथ्यों और विश्वस्त समाचार स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। दुर्घटना संभावित स्थानों की श्रेणी और उनकी संख्या उपलब्ध पुलिस आंकड़ों के आधार पर बताई गई है और समय के साथ इनमें बदलाव संभव है। वाहन चालकों को डिजिटल चेतावनी के बावजूद यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा मानकों का पालन करना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief