IT सेक्टर की ग्रोथ में बड़ा बदलाव, AI के दौर में बदलेगा कारोबार
IT सेक्टर की ग्रोथ FY27 में 6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। AI अपनाने डिजिटल सर्विसेज और मजबूत टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट से सेक्टर को सहारा मिलेगा।
प्रतीकात्मक फोटो
मुंबई, महाराष्ट्र। IT सेक्टर की ग्रोथ वित्त वर्ष 2027 में 6 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमान है। AI अपनाने टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट और सरकारी नीतियों से भारतीय IT उद्योग को सहारा मिलने की उम्मीद है। IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, Brickwork Ratings ने FY27 के लिए सेक्टर की राजस्व वृद्धि 6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। FY26 में सेवाओं का निर्यात 418 अरब डॉलर रहा और राजस्व वृद्धि 6.1 प्रतिशत आंकी गई। रिपोर्ट के मुताबिक सेक्टर अब पारंपरिक वॉल्यूम आधारित कॉन्ट्रैक्ट से ज्यादा वैल्यू वाली डिजिटल सर्विसेज की ओर बढ़ रहा है। [1]
AI से बदलेगा कारोबार
IT सेक्टर की ग्रोथ के पीछे AI और हाइपर ऑटोमेशन बड़ी वजह बन रहे हैं। कंपनियां सिर्फ पारंपरिक IT सेवाओं पर निर्भर रहने के बजाय AI आधारित समाधान डिजिटल इंजीनियरिंग और ज्यादा वैल्यू वाली सेवाओं पर जोर दे रही हैं। हालांकि FY27 की शुरुआत बड़ी Tier 1 कंपनियों के लिए बहुत तेज नहीं रही। शुरुआती तिमाही में इन कंपनियों ने स्थिर मुद्रा के आधार पर मामूली वृद्धि दर्ज की जबकि रुपये में आय को मुद्रा में बदलाव से कुछ फायदा मिला।
मध्यम आकार की IT कंपनियों का प्रदर्शन कुछ बेहतर रहा है। लगातार मिल रहे सौदों और AI से जुड़ी आय में बढ़ोतरी ने सेक्टर के मध्यम अवधि के आउटलुक को मजबूत बनाए रखा है। दूसरी तरफ बड़ी कंपनियों के मार्जिन पर कर्मचारियों की सालाना वेतन वृद्धि और AI टैलेंट में निवेश का दबाव बना हुआ है। Brickwork Ratings के मुताबिक ऑपरेटिंग मार्जिन FY27 में 21.8 प्रतिशत तक सुधर सकता है जबकि सेक्टर की क्रेडिट स्थिति स्थिर रहने की उम्मीद है।
38 हजार GPUs का असर
IT सेक्टर की ग्रोथ को भारत की बढ़ती AI क्षमता से भी समर्थन मिल रहा है। Brickwork Ratings के मुताबिक AI स्किल डेवलपमेंट में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है और India AI Mission के तहत 38000 से ज्यादा GPUs तैनात किए जा चुके हैं। इससे कंपनियों को AI आधारित काम के लिए जरूरी कंप्यूटिंग क्षमता मिल रही है। देश में Global Capability Centres यानी GCCs की संख्या भी 1700 से ज्यादा हो चुकी है और इनकी क्षमता हर साल 20 प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ रही है।
सरकार की नीतियां भी IT कंपनियों के लिए मददगार साबित हो रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक Union Budget 2026 27 में consolidated IT categories के लिए 15.5 प्रतिशत common safe harbour margin की व्यवस्था की गई है। इससे कुछ कंपनियों को कर संबंधी निश्चितता और कारोबार की योजना बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के साथ कर्मचारियों के कौशल के पुराने पड़ने का खतरा भी बढ़ रहा है। कंपनियों को लगातार नए कौशल पर निवेश करना होगा।
अमेरिका यूरोप पर निर्भरता
IT सेक्टर की ग्रोथ के सामने सबसे बड़ा जोखिम बाजारों की भौगोलिक निर्भरता भी है। Brickwork Ratings के मुताबिक FY25 में अमेरिका और यूरोप मिलकर भारतीय IT खर्च का 85.7 प्रतिशत हिस्सा थे। अकेले अमेरिका की हिस्सेदारी 52.9 प्रतिशत और यूरोप की 32.8 प्रतिशत रही। इसका मतलब है कि इन बाजारों में टेक्नोलॉजी खर्च कमजोर पड़ता है तो भारतीय IT कंपनियों की आय पर सीधा असर पड़ सकता है। यही वजह है कि कंपनियां नए बाजारों और ज्यादा वैल्यू वाली सेवाओं पर जोर दे रही हैं।
आने वाले समय में IT सेक्टर की ग्रोथ इस बात पर काफी निर्भर करेगी कि कंपनियां AI को सिर्फ लागत घटाने के साधन के बजाय नई कमाई के स्रोत में कितनी तेजी से बदल पाती हैं। फिलहाल 6 प्रतिशत की FY27 वृद्धि का अनुमान सेक्टर के लिए स्थिर तस्वीर दिखाता है लेकिन AI निवेश कौशल की कमी और अमेरिका यूरोप पर निर्भरता बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। अगर AI आधारित सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ती है तो IT सेक्टर की ग्रोथ को आगे चलकर नई रफ्तार मिलने की उम्मीद बन सकती है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। IT सेक्टर के लिए दिए गए राजस्व वृद्धि और वित्तीय अनुमान Brickwork Ratings की रिपोर्ट पर आधारित हैं और वास्तविक परिणाम बाजार की स्थिति AI निवेश विदेशी मांग मुद्रा उतार चढ़ाव तथा अन्य आर्थिक परिस्थितियों के कारण अलग हो सकते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।