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पुलिसकर्मियों को राखी बांधने पहुंचे बच्चे, मिला सुरक्षा का भरोसा

स्कूली बच्चों ने पुलिसकर्मियों को राखी बांधी और उनसे सुरक्षा का भरोसा मांगा। पुलिस ने भी बच्चों को निडर रहने और परेशानी में तुरंत मदद लेने की सलाह दी।

By अजय त्यागी
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बच्चो ने पुलिसकर्मियों को राखी बांधी

बच्चो ने पुलिसकर्मियों को राखी बांधी

ठाणे, महाराष्ट्र। रक्षाबंधन पर कल्याण ईस्ट के कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन में बच्चों और पुलिस के बीच भरोसे की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। स्कूली बच्चे थाने पहुंचे और पुलिसकर्मियों को राखी बांधकर उनके प्रति सम्मान और अपनापन जताया। बच्चों ने पुलिसकर्मियों को राखी बांधने के साथ मिठाई भी खिलाई और उनसे अपनी सुरक्षा का भरोसा मांगा। IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा पुलिस की जिम्मेदारी है और जरूरत पड़ने पर वे बिना किसी डर के पुलिस से मदद मांग सकते हैं। [1]

राखी से बढ़ा भरोसा

बच्चों के लिए यह मुलाकात सिर्फ रक्षाबंधन मनाने तक सीमित नहीं रही। उन्होंने पुलिस स्टेशन का दौरा किया और वहां होने वाले कामकाज को करीब से समझा। बच्चों ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत की तथा सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की रोजमर्रा की जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी ली। पुलिसकर्मियों को राखी बांधने का यह सिलसिला अधिकारियों और बच्चों के बीच सहज बातचीत का जरिया भी बना। बच्चों के चेहरे पर उत्साह साफ नजर आया और उन्हें पुलिस स्टेशन की कार्यप्रणाली समझने का मौका मिला।

सहायक पुलिस निरीक्षक प्रमिला कावले ने बच्चों को निडर रहने और अपने आसपास की गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अगर कोई बच्चा मुश्किल या असुरक्षित स्थिति में फंसता है तो उसे बिना झिझक पुलिस से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने बच्चों को समाज में जिम्मेदारी से व्यवहार करने और परेशानी के समय सही कदम उठाने के बारे में भी समझाया। छात्राओं से खास तौर पर अपने आसपास होने वाली घटनाओं को लेकर सतर्क रहने और किसी खतरे की स्थिति में तुरंत मदद लेने को कहा गया।

बच्चों को मिला सुरक्षा पाठ

प्रमिला कावले ने बच्चों को यह भी बताया कि शिक्षा का मतलब केवल किताबों में पढ़ाई करना नहीं है। बच्चों को अपने आसपास के सामाजिक हालात को समझना भी जरूरी है ताकि वे कठिन परिस्थितियों में समझदारी से फैसला ले सकें। इस दौरान बच्चों ने पुलिसकर्मियों से सवाल किए और थाने में होने वाली अलग अलग गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। पुलिसकर्मियों को राखी बांधने से बनी आत्मीयता ने इस बातचीत को और सहज बनाया और बच्चों की पुलिस को लेकर झिझक भी कम करने में मदद की।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बच्चे हर साल रक्षाबंधन के दौरान कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन आते हैं और पुलिसकर्मियों को राखी बांधते हैं। इस पहल का मकसद बच्चों और पुलिस के बीच भरोसे और अपनापन बढ़ाना है। पुलिस चाहती है कि बच्चे वर्दी देखकर डरें नहीं बल्कि जरूरत के समय पुलिस को अपना भरोसेमंद सुरक्षा साथी समझें। पुलिसकर्मियों को राखी बांधने की यह परंपरा इसी भरोसे को मजबूत करने का माध्यम बन गई है और बच्चों को खुलकर अपनी परेशानी बताने का हौसला देती है।

राखी बनी सुरक्षा की डोर

रक्षाबंधन के इस आयोजन ने त्योहार को एक सामाजिक संदेश से भी जोड़ दिया। बच्चों की ओर से पुलिस को राखी बांधना सम्मान और विश्वास का प्रतीक रहा तो पुलिस की ओर से दिया गया भरोसा सुरक्षा की भावना से जुड़ा रहा। ऐसे कार्यक्रम बच्चों को यह समझाने में मदद कर सकते हैं कि खतरे या परेशानी के समय मदद मांगना कमजोरी नहीं है। साथ ही पुलिस और समुदाय के बीच सीधा संवाद मजबूत होने से बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने की कोशिश को भी बढ़ावा मिलता है।

पुलिसकर्मियों को राखी बांधकर बच्चों ने इस रक्षाबंधन पर रिश्ते का एक अलग रूप सामने रखा। यहां राखी सिर्फ भाई बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं रही बल्कि बच्चों और पुलिस के बीच सुरक्षा और भरोसे की डोर बन गई। पुलिस ने भी बच्चों से कहा कि वे बेखौफ रहें और किसी भी परेशानी में तुरंत मदद लें। कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन की यह पहल बताती है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए कानून व्यवस्था के साथ भरोसा और खुला संवाद भी उतना ही जरूरी है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी सलाह सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से है और वास्तविक आपात स्थिति में स्थानीय पुलिस या संबंधित आपातकालीन सेवा से तत्काल संपर्क किया जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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