प्रोस्टेट कैंसर के अध्ययन में कामयाबी, डॉ. आर्य और टीम को मिला सम्मान
प्रोस्टेट कैंसर के क्लिनिकल अध्ययन में सर्वाधिक भर्ती पर डॉ. मुकेश चंद्र आर्य और टीम को अमेरिकन रीजेंट ने प्रतिष्ठित सम्मान दिया।
डॉ. मुकेश चंद्र आर्य और उनकी टीम को प्रतिष्ठित सम्मान मिला
बीकानेर, राजस्थान। प्रोस्टेट कैंसर के क्लिनिकल अध्ययन में उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए बीकानेर के डॉ. मुकेश चंद्र आर्य और उनकी टीम को प्रतिष्ठित सम्मान मिला है। 23 अगस्त 2026 को मुंबई के जेडब्ल्यू मैरियट होटल में आयोजित समारोह में अमेरिकन रीजेंट ने टीम को हाईस्ट रिक्रूटर साइट सम्मान से नवाजा। समारोह में देशभर से करीब 90 यूरोलॉजिस्ट, ऑन्कोलॉजिस्ट और रिसर्च एसोसिएट्स मौजूद रहे। यह सम्मान अध्ययन में सर्वाधिक प्रतिभागियों की भर्ती और बेहतर प्रदर्शन के आधार पर मिला है।
रिकॉर्ड भर्ती बनी वजह
इस उपलब्धि के पीछे प्रोस्टेट कैंसर से जुड़े ल्यूप्रोलाइड 30 एमजी के क्लिनिकल अध्ययन में टीम की सक्रिय भागीदारी रही। आंकड़ों के अनुसार अब तक 23 मामलों की सफल स्क्रीनिंग की जा चुकी है और 13 रोगियों का रैंडमाइजेशन पूरा हुआ है। सार्वजनिक क्लिनिकल ट्रायल रिकॉर्ड में भी अमेरिकन रीजेंट से जुड़ा 30 एमजी ल्यूप्रोलाइड अध्ययन दर्ज है। इस अध्ययन का उद्देश्य संबंधित दवा की जैवसमतुल्यता और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का आकलन करना है।
टीम की इस उपलब्धि में डॉ. अजय गांधी, डॉ. योगेंद्र, डॉ. शेखर गोयल और सुनील सारस्वत सहित पूरी टीम की भूमिका रही। डॉ. मुकेश चंद्र आर्य ने सम्मान का श्रेय व्यक्तिगत उपलब्धि के बजाय पूरी टीम की मेहनत और सामूहिक प्रयास को दिया। डॉ. आर्य की यूरोलॉजी से जुड़ी शैक्षणिक और शोध पृष्ठभूमि का उल्लेख सार्वजनिक चिकित्सा शोध रिकॉर्ड में भी मिलता है। ऐसे में यह सम्मान उनकी टीम के क्लिनिकल रिसर्च कार्य की पहचान के तौर पर देखा जा रहा है जो बीकानेर के लिए भी गौरव की बात है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान
समारोह में देशभर से आए विशेषज्ञों की मौजूदगी ने इस उपलब्धि को खास बना दिया। अमेरिकन रीजेंट अमेरिका की एक दवा कंपनी है जो स्टेराइल इंजेक्टेबल दवाओं के निर्माण और आपूर्ति के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी की आधिकारिक जानकारी के अनुसार उसका फोकस जरूरी और उच्च गुणवत्ता वाली इंजेक्टेबल दवाओं पर है। इससे यह स्पष्ट होता है कि आयोजन और सम्मान का संदर्भ चिकित्सा अनुसंधान तथा दवा विकास से जुड़ा हुआ है।
टीम के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि क्लिनिकल अध्ययन में प्रतिभागियों की पहचान और भर्ती शोध प्रक्रिया का अहम हिस्सा होती है। हालांकि किसी अध्ययन में अधिक भर्ती होना अपने आप में उपचार की प्रभावशीलता या मरीजों के अंतिम परिणाम की गारंटी नहीं माना जा सकता। प्रोस्टेट कैंसर के 23 मामलों की स्क्रीनिंग और 13 रोगियों के रैंडमाइजेशन का आंकड़ा इसी अध्ययन की अब तक की भर्ती प्रगति को दर्शाता है। इस सम्मान से टीम के शोध प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की बात सामने आई है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। सम्मान और अध्ययन से जुड़े 23 मामलों की स्क्रीनिंग तथा 13 रोगियों के रैंडमाइजेशन के आंकड़े उपलब्ध कराए गए विवरण पर आधारित हैं और इन्हें अध्ययन के अंतिम परिणाम या उपचार की प्रभावशीलता का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।