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रुद्राभिषेक में दिखी आस्था, शिवभक्तों ने 1008 किलो दूध चढ़ाया

रुद्राभिषेक में हजारों श्रद्धालु उमड़े और 1008 किलो दूध से भगवान शिव का अभिषेक हुआ। हर हर महादेव के जयघोषों के बीच महाआरती और प्रसाद वितरण से माहौल भक्तिमय रहा।

By अजय त्यागी
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सहस्त्रधारा एवं रुद्राभिषेक

सहस्त्रधारा एवं रुद्राभिषेक

भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। श्री बाबा धाम में सहस्त्रधारा एवं रुद्राभिषेक के अवसर पर श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे और भगवान ऋणमुक्तेश्वर गौरी शंकर महादेव के दर्शन कर पूजा अर्चना की। हर हर महादेव और ओम नमः शिवाय के जयघोषों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। श्री बाबाधाम के अध्यक्ष विनीत अग्रवाल के सानिध्य में भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर को रोशनी, फरियों और फल फूलों से आकर्षक रूप से सजाया गया।

दूध से शिव अभिषेक

शाम 4.15 बजे से 1008 किलो दूध से रुद्राभिषेक शुरू हुआ जो शाम 7.15 बजे तक चला। जल, दूध, पंचामृत और गन्ने के रस से भगवान शिव का अभिषेक किया गया। बिल्वपत्र, आक के फूल और धतूरा भी अर्पित किए गए। पंडित गौतम गोविन्द एवं अन्य पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ विधि विधान से पूजा कराई। हजारों श्रद्धालुओं ने ओम नमः शिवाय और हर हर महादेव के जयघोष के साथ रुद्राभिषेक में भाग लिया। उपलब्ध प्रकाशित जानकारी में भी 1008 किलो दूध से अभिषेक और हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी का उल्लेख मिलता है।

श्री बाबाधाम में स्थापित ऋणमुक्तेश्वर गौरी शंकर महादेव को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था है। मान्यता है कि प्रत्येक गुरुवार को महादेव को चने की दाल अर्पित करने से पितृ ऋण, मातृ ऋण और सखा ऋण से मुक्ति मिलती है। मंदिर की ओर से श्रद्धालुओं को चने की दाल निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। यहां स्थापित शिवलिंग को लेकर भी मान्यता है कि भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश एक ही स्वरूप में विद्यमान माने जाते हैं। इसी आस्था के चलते धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।

भक्ति में रंगा धाम

श्री मां अन्नपूर्णा वैष्णो देवी का भी भव्य श्रृंगार किया गया। महिला मंडल की ओर से भजन प्रस्तुत किए गए और मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल बना रहा। वहीं मां मंशापूर्ण माताजी के त्रिशूल पर राखी बांधने के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। मंदिर ट्रस्ट की ओर से राखियां निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। रक्षाबंधन के अवसर पर पूजा और पर्व की भावनाएं एक साथ देखने को मिलीं। श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में उत्साह के साथ हिस्सा लिया और मंदिर परिसर में लगातार जयघोष गूंजते रहे।

रुद्राभिषेक के बाद महाआरती हुई और श्रद्धालुओं को ठंडाई का प्रसाद वितरित किया गया। बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने के बावजूद सेवादारों ने व्यवस्थाएं संभालते हुए दर्शन और अनुष्ठान को सुचारू बनाए रखा। पूरे मंदिर परिसर में जय माता दी और जय बाबा बालाजी के जयघोष भी सुनाई देते रहे। आयोजन में धार्मिक आस्था और उत्साह का माहौल बना रहा। सहस्त्रधारा के दौरान भक्तों ने भगवान ऋणमुक्तेश्वर गौरी शंकर महादेव के दर्शन किए और पूजा में भाग लिया। रुद्राभिषेक ने पूरे आयोजन को विशेष धार्मिक रंग प्रदान किया।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। धार्मिक मान्यताओं का उल्लेख श्रद्धालुओं की आस्था और उपलब्ध जानकारी के संदर्भ में किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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