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भावनगर शराब कांड में 31 गिरफ्तार, दिल्ली से आया था मेथनॉल

भावनगर शराब कांड में मेथनॉल सप्लाई का दिल्ली कनेक्शन सामने आया। तीन आरोपी गिरफ्तार हुए और कुल गिरफ्तारी 31 हो गई। जांच में कई अहम सुराग मिले हैं।

By अजय त्यागी
1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

भावनगर, गुजरात। भावनगर शराब कांड की जांच में गुजरात पुलिस के स्टेट मॉनिटरिंग सेल ने मेथनॉल के कथित स्रोत का पता दिल्ली तक लगाया है। पुलिस के अनुसार, दिल्ली निवासी प्रमोदकुमार बुडाकोटी ने कथित तौर पर रोहित प्रधान और केशव जाटव को अवैध रूप से मेथनॉल उपलब्ध कराया था। इसके बाद दोनों आरोपियों ने अन्य लोगों की मदद से रसायन को अहमदाबाद की एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम तक पहुंचाने की कथित व्यवस्था की। आईएएनएस के अनुसार, दिल्ली पुलिस की मदद से तीनों को गिरफ्तार किया गया है। [1]

दिल्ली से जुड़ी सप्लाई चेन

स्टेट मॉनिटरिंग सेल ने जांच के दौरान मेथनॉल की खरीद, परिवहन और गुजरात पहुंचने के रास्ते पर विशेष ध्यान दिया। पुलिस ने बताया कि दिल्ली में कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को गुजरात लाने के लिए ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया चल रही है। इस कार्रवाई के साथ भावनगर शराब कांड में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 31 हो गई है। पुलिस के मुताबिक, जहरीली शराब के निर्माण और वितरण से जुड़े पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने के लिए अलग अलग टीमों ने कई राज्यों में छानबीन की है।

जांच में सामने आया कि रसायन को अहमदाबाद पहुंचाने के लिए अन्य आरोपियों की मदद ली गई थी। पुलिस ने आरोपियों की पहचान करने, गिरफ्तारी करने और सबूत जुटाने के लिए दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात के विभिन्न जिलों में 16 टीमें तैनात की थीं। अधिकारियों का कहना है कि मेथनॉल के कथित स्रोत तक पहुंचना जांच में महत्वपूर्ण सफलता है। अब पुलिस रसायन की खरीद से लेकर जहरीली शराब बनाने और उसके वितरण तक पूरी सप्लाई चेन की पड़ताल कर रही है।

जहरीली शराब से 13 मौतें

भावनगर शराब कांड का मामला 18 अगस्त को सामने आया, जब घोघा तालुका के खरकड़ी गांव और आसपास के इलाकों में संदिग्ध शराब पीने के बाद कई लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। पुलिस ने शुरुआती तौर पर आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया था। बाद की जांच में शराब में मेथनॉल होने की पुष्टि हुई और 21 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 तथा गुजरात निषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। इस घटना में 13 लोगों की मौत हुई है।

जांच में जब्त एक बोतल के रासायनिक विश्लेषण में 38.59 प्रतिशत मेथनॉल और 0.94 प्रतिशत इथेनॉल पाया गया। पुलिस के अनुसार, संदिग्ध शराब की बोतलों पर रॉयल स्टैग जैसे ब्रांड से मिलते जुलते स्टिकर लगाए गए थे। घटना के संबंध में लापरवाही के आरोप में सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की गई है। अधिकारियों ने कहा कि मेथनॉल की खरीद, परिवहन, जहरीली शराब के निर्माण और उसके वितरण से जुड़े नेटवर्क की जांच जारी है और आगे भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मामले में आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं और अंतिम दोषसिद्धि सक्षम न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief