महिला टिकट पर बवाल, भाजपा कार्यालय के बाहर खुलकर हुआ विरोध
नगर निगम चुनाव में महापौर पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने के बाद भाजपा में महिला दावेदारों की सक्रियता बढ़ी है। महिला टिकट पर बवाल खुलकर सामने आया।

महिला टिकट पर बवाल
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। नगर निगम चुनाव में महापौर पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने के बाद भाजपा में टिकट को लेकर हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को भाजपा कार्यालय के बाहर महिला टिकट पर बवाल हुआ और महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने कथित अनदेखी के आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। महिला कार्यकर्ताओं का आरोप है कि संगठन में लंबे समय से सक्रिय महिलाओं की जगह पुरुष कार्यकर्ताओं की पत्नियों को टिकट देने में प्राथमिकता दी जा रही है। प्रदर्शन के दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी नाराजगी रखी और सक्रिय महिलाओं को चुनावी मैदान में मौका देने की मांग की।
महापौर टिकट पर नाराजगी
नगर परिषद की पूर्व सभापति मंजू चेचाणी ने कहा कि महिला मोर्चा की मांग साफ है कि महापौर पद पर किसी पुरुष कार्यकर्ता की पत्नी के बजाय पार्टी की सक्रिय महिला कार्यकर्ता को अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा कि वार्डों से दावेदारी कर रही महिलाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। चेचाणी के मुताबिक महिला कार्यकर्ता वर्षों से संगठन के लिए मेहनत कर रही हैं और ऐसे में टिकट वितरण में उनकी अनदेखी उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि शनिवार दोपहर 3 बजे तक मांग पर निर्णय नहीं लिया गया तो वह महिला कार्यकर्ताओं के हक के लिए आत्मदाह करने को मजबूर होंगी।
महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष रेखापुरी गोस्वामी ने कहा कि वह पिछले 25 वर्षों से भाजपा के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष के साथ प्रदेश स्तर पर भी 2 बार जिम्मेदारी निभाने की बात कही। उनका कहना है कि टिकट वितरण के समय महिला कार्यकर्ताओं को हर बार उम्मीद रहती है कि इस बार उन्हें अवसर मिलेगा, लेकिन बार बार निराशा हाथ लगती है। महिला टिकट पर बवाल इस बात को लेकर मचा कि भाजपा सरकार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण की बात करती है, लेकिन राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मौका आने पर सक्रिय महिला कार्यकर्ताओं की अनदेखी क्यों होती है।
कार्यकर्ताओं में गहरी पीड़ा
गोस्वामी ने कहा कि महिला कार्यकर्ता 5 5 साल तक संगठन के लिए मेहनत करती हैं और चुनाव लड़ने के अवसर की उम्मीद रखती हैं। टिकट नहीं मिलने से उनमें आक्रोश के साथ गहरी पीड़ा भी है। विरोध प्रदर्शन में मंजू पालीवाल, ज्योति आशीर्वाद, शोभिका जागेटिया, निशा जैन, इंदु टाक, अनुराधा कंवर, दीपा सोनी, सीमा चौधरी, शिखा नवल जागेटिया और लक्ष्मी कंवर राणावत सहित कई महिला और पुरुष कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के जरिए कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व से टिकट वितरण में सक्रिय महिला कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने की मांग रखी।
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा ने कहा कि नगर निगम चुनाव में अभी किसी भी वार्ड का टिकट अंतिम नहीं हुआ है। वार्डवार पैनल तैयार किए गए हैं और कार्यकर्ताओं तथा मातृशक्ति की भावनाओं व शिकायतों को गंभीरता से सुनकर वरिष्ठ स्तर तक पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि टिकट चयन में सर्वे, कार्यकर्ताओं की राय, सामाजिक संतुलन और संगठन की जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा। लोकतंत्र में हर कार्यकर्ता को अपनी बात रखने का अधिकार है। संगठन कार्यकर्ताओं के मान सम्मान का ध्यान रखते हुए उनकी बात उचित स्तर तक पहुंचाकर समाधान निकालने का प्रयास करेगा। महिला टिकट पर बवाल के बीच अब सबकी नजर पार्टी के अंतिम फैसले पर टिकी है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इसमें शामिल राजनीतिक आरोप संबंधित महिला कार्यकर्ताओं के बयानों पर आधारित हैं और पार्टी की ओर से भाजपा जिलाध्यक्ष का पक्ष भी शामिल किया गया है। आत्मदाह की चेतावनी से संबंधित किसी भी कदम को प्रोत्साहित नहीं किया जा रहा है और संकट की स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन या आपातकालीन सहायता से संपर्क करना उचित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।