जैन विधि से रक्षाबंधन, मंत्रोच्चार के बीच गूंजा मंगल भाव का संदेश
डागलिया निवास पर जैन विधि से रक्षाबंधन मनाया गया। मंत्रोच्चार के बीच मंगल भावना यंत्र की स्थापना हुई और स्वर्गीय पूनमचंदजी डागलिया को भावपूर्ण स्मरण किया गया।

जैन विधि से रक्षाबंधन
मुंबई, महाराष्ट्र। गिरगांव स्थित डागलिया निवास पर 27 अगस्त 2026 को भाई बहन के प्रेम और पारिवारिक एकता का पर्व रक्षाबंधन श्रद्धा के साथ मनाया गया। जैन विधि से रक्षाबंधन की धार्मिक प्रक्रिया संपन्न हुई और परिवार के सदस्यों ने पूरे विधि विधान के साथ इसमें सहभागिता की। मंत्रोच्चार के बीच हुए आयोजन में पारिवारिक सुख शांति, समृद्धि और आपसी सौहार्द की मंगल कामना की गई। इस दौरान धार्मिक आस्था के साथ परिवार के संस्कार और एकजुटता भी प्रमुखता से नजर आई।
धार्मिक विधि से पर्व
कार्यक्रम के दौरान दर्शन डागलिया ने मंत्रोच्चार के साथ जैन विधि से रक्षाबंधन की धार्मिक प्रक्रिया संपन्न कराई। परिवार के सदस्यों ने श्रद्धापूर्वक इसमें हिस्सा लिया और पर्व के आध्यात्मिक महत्व को समझने का प्रयास किया। धार्मिक वातावरण के बीच विधि विधान से कार्यक्रम आगे बढ़ा। परिवारजनों ने एक दूसरे को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और पर्व को प्रेम तथा स्नेह के साथ मनाया। आयोजन में धार्मिक परंपरा के साथ पारिवारिक आत्मीयता भी देखने को मिली।
इस अवसर पर चंद्रप्रकाश डागलिया ने मंगल भावना यंत्र की विधिवत स्थापना की। यंत्र स्थापना के साथ परिवार की सुख शांति, समृद्धि और स्वास्थ्य की मंगल भावना की गई। परिवारजनों ने आपसी प्रेम और सौहार्द बनाए रखने की कामना भी की। धार्मिक प्रक्रिया के दौरान सभी सदस्यों ने श्रद्धा के साथ सहभागिता की। जैन विधि से रक्षाबंधन के इस आयोजन में परिवार की धार्मिक मान्यताओं और संस्कारों की झलक देखने को मिली।
मुखिया को किया याद
रक्षाबंधन के अवसर पर डागलिया परिवार ने अपने आदरणीय मुखिया स्वर्गीय पूनमचंदजी डागलिया को भी भावपूर्ण तरीके से याद किया। परिवारजनों ने उनके स्नेह, संस्कार और मार्गदर्शन को स्मरण किया। इस दौरान उनके आशीर्वाद की मंगल भावना करते हुए परिवार के सदस्यों ने उनके बताए पारिवारिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। आयोजन में उनकी स्मृतियों ने भावनात्मक माहौल बनाया और परिवार के सदस्यों ने एकजुट होकर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया।
परिवार के सदस्यों ने कहा कि पूर्वजों से मिले संस्कार परिवार को जोड़कर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी भावना के साथ स्वर्गीय पूनमचंदजी डागलिया के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। धार्मिक आयोजन के बीच उनके योगदान और पारिवारिक मार्गदर्शन को याद किया गया। परिवारजनों ने सभी के मंगलमय जीवन की कामना की और प्रेम तथा सौहार्द को आगे भी बनाए रखने का संकल्प दोहराया। इस तरह पर्व धार्मिक परंपरा के साथ पारिवारिक स्मृतियों से भी जुड़ा रहा।
साथ दिखा पूरा परिवार
समारोह में धापूबाई, दिनेश, अरुणा, इंदु और महावीर डागलिया, संगीता और प्रेम कोठारी, नूतन, संयम और कृशा सोनी तथा पलक धाकड़ सहित परिवार के सदस्य मौजूद रहे। सभी ने धार्मिक विधि में हिस्सा लिया और एक दूसरे को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। परिवार के सदस्यों की मौजूदगी से आयोजन में आत्मीयता का माहौल बना रहा। धार्मिक अनुष्ठान के साथ सभी ने पारिवारिक प्रेम और आपसी सद्भाव को महत्व दिया।
जैन विधि से रक्षाबंधन के इस आयोजन में मंत्रोच्चार, मंगल भावना और पारिवारिक एकता का सुंदर संगम देखने को मिला। मंगल भावना यंत्र की स्थापना के साथ परिवार की सुख शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की गई। स्वर्गीय पूनमचंदजी डागलिया को याद करते हुए उनके संस्कारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। पूरे परिवार ने प्रेम और सौहार्द के साथ पर्व मनाया। इस अवसर ने डागलिया परिवार के लिए धार्मिक आस्था, संस्कार और एकता को मजबूत करने वाला यादगार अवसर पेश किया।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। धार्मिक विधि विधान और मंगल भावनाओं से संबंधित विवरण परिवार द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं और इन्हें संबंधित धार्मिक परंपरा के संदर्भ में समझा जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।