नेपाल में बाढ़ का कहर, अब तक 579 मौतें, नए सैलाब का खतरा फिर मंडराया
नेपाल में बाढ़ से मौतों का आंकड़ा 579 पहुंचा, जबकि भोटेकोशी नदी क्षेत्र में फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है और बचाव अभियान तेजी से चल रहा है।

नेपाल में बाढ़ का कहर
काठमांडू, नेपाल। नेपाल में बाढ़ से मौतों का आंकड़ा शुक्रवार को 579 पहुंच गया। PTI के अनुसार, मध्य नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद कई और शव बरामद होने पर मृतकों की संख्या बढ़ी है। कुछ समय तक नए सैलाब की आशंका के कारण खोज और बचाव अभियान की रफ्तार धीमी रही थी। भोटेकोशी नदी क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने के बाद अधिकारियों ने दोबारा खतरे की चेतावनी दी। इसके बाद राहत और बचाव दलों ने अभियान पूरी गति से शुरू कर दिया है। [1]
फिर बाढ़ का खतरा
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि बुधवार को जहां विनाशकारी बाढ़ आई थी उसी स्थान पर पानी और कीचड़ का स्तर फिर बढ़ गया है। प्राधिकरण ने क्षेत्र में दोबारा बाढ़ आने की आशंका जताई है। इस चेतावनी के बाद नदी के आसपास मौजूद लोगों और बचाव दलों को अत्यधिक सतर्क रहने को कहा गया है। नेपाल में बाढ़ की स्थिति पहले ही व्यापक तबाही ला चुकी है और नए जलस्तर ने प्रभावित क्षेत्रों में चिंता और बढ़ा दी है।
अधिकारियों ने भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्रों में मौजूद लोगों से खतरा महसूस होने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील की है। तेज बहाव के कारण प्रभावित इलाकों में सड़कें पुल बस्तियां और जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। बचावकर्मी नदी किनारों और नीचे की ओर बसे क्षेत्रों में लगातार तलाश कर रहे हैं। कई स्थानों पर कीचड़ और मलबा जमा होने से शवों की तलाश कठिन बनी हुई है। इसके बावजूद बचाव अभियान को पूरी गति से आगे बढ़ाया जा रहा है।
आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
नेपाल में बाढ़ के बाद अलग अलग प्रभावित जिलों से शव बरामद किए गए हैं। आधिकारिक और मीडिया अपडेट के अनुसार चितवन नवलपरासी पूर्व गोरखा धादिंग नुवाकोट तनहूं नवलपरासी पश्चिम और रसुवा समेत कई जिलों में बड़ी संख्या में शव मिले हैं। नेपाल पुलिस के अनुसार बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। इससे प्रभावित परिवारों की चिंता बढ़ी हुई है। राहत एजेंसियां और सुरक्षा बल मलबे तथा नदी क्षेत्रों में खोज अभियान जारी रखे हुए हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसियां लगातार नदी के जलस्तर और संभावित नए बाढ़ जोखिम की निगरानी कर रही हैं। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने भी बताया है कि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन एजेंसियां खोज बचाव निकासी चिकित्सा सहायता और राहत कार्यों में जुटी हैं। लगातार निगरानी का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में दोबारा किसी बड़े हादसे की आशंका को कम करना है। अधिकारियों की चेतावनी के बीच स्थानीय लोगों से नदी के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने और खतरे की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचने को कहा गया है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। प्राकृतिक आपदा की स्थिति में जलस्तर और मृतकों की संख्या जैसे आंकड़े लगातार बदल सकते हैं इसलिए नवीनतम आधिकारिक सूचना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।