गोचर भूमि पर अवैध खनन लीज का आरोप, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
गोचर भूमि में अवैध खनन लीज के आरोप से ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन से शिकायत के बाद तत्काल कार्रवाई और लीज निरस्त करने की मांग उठी, आंदोलन की चेतावनी भी दी।

ग्रामीणों की विशाल जनसभा
नीमकाथाना, राजस्थान (शिंभू सिंह शेखावत)। तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत दयाल का नांगल में चारागाह भूमि पर कथित अवैध खनन लीज आवंटन के विरोध में ग्रामीणों ने विशाल जनसभा की। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ महिलाएं और युवा भी पहुंचे। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि गोचर भूमि में नियमों को दरकिनार कर खनन लीज दी गई है। उनका कहना है कि जिस पहाड़ी पर लीज आवंटित होने की बात सामने आई है, वहां प्राचीन धार्मिक स्थल भी मौजूद हैं।
मंदिर को लेकर चिंता
ग्रामीणों के मुताबिक संबंधित पहाड़ी पर सैकड़ों वर्ष पुराना एक प्राचीन मंदिर और करीब 500 वर्ष से अधिक पुराना सिद्ध श्री भैरू बाबा मंदिर स्थित है। स्थानीय लोगों के लिए यह क्षेत्र गहरी आस्था का केंद्र है। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन गतिविधि से पहाड़ी और इन धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। उनका कहना है कि क्षेत्र की धार्मिक और सामुदायिक महत्ता को देखते हुए किसी भी खनन गतिविधि से पहले नियमों और भूमि की वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी नीमकाथाना, तहसीलदार और जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपने की बात कही है। शिकायत में कथित अवैध लीज को तत्काल निरस्त करने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग रखी गई है। ग्रामीणों ने कथित अनियमितता में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करने और दोषी पाए जाने पर मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई का आग्रह किया है। राजस्थान में खनन गतिविधियां संबंधित खनिज और भूमि की श्रेणी के अनुसार निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत संचालित होती हैं।
आंदोलन की चेतावनी
बैठक में ग्राम पंचायत सरपंच मनीराम बड़सरा, दिनेश गौतला, विश्व हिंदू परिषद नीमकाथाना प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मनोज बंसिया, विजय गुर्जर और जयराम सिंह तंवर डाबला सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। ग्रामीणों ने कहा कि यह मामला केवल जमीन या खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय आस्था और सामुदायिक संसाधनों का सवाल भी जुड़ा है। महिलाओं और युवाओं की बड़ी मौजूदगी ने विरोध को व्यापक जनसमर्थन का रूप दिया और प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप की मांग उठाई।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कथित अवैध खनन लीज को निरस्त नहीं किया गया और शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल ग्रामीण प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दस्तावेजों की जांच के आधार पर फैसला लेने की मांग कर रहे हैं। इस पूरे विवाद में अवैध खनन लीज का आरोप ग्रामीणों की शिकायत का मुख्य आधार है। अब नजर प्रशासनिक कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष पर रहेगी।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। दयाल का नांगल में खनन लीज की वैधता और कथित अनियमितताओं से जुड़े आरोपों का अंतिम निर्धारण सक्षम प्रशासनिक या न्यायिक प्राधिकरण की जांच और निर्णय के बाद ही माना जाएगा। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।