जिंक फुटबॉल अकादमी में खेल का जोश, ग्रामीण बच्चों को मिला बड़ा मंच
जावर स्टेडियम में राष्ट्रीय खेल दिवस पर जिंक फुटबॉल अकादमी ने 100 से अधिक ग्रामीण बच्चों को जोड़ा, फुटबॉल और फिटनेस के साथ हाफ मैराथन की तैयारी भी शुरू हुई।

ग्रामीण बच्चों को मिला बड़ा मंच
उदयपुर, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर जावर के ऐतिहासिक स्टेडियम में जिंक फुटबॉल अकादमी की ओर से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। अकादमी के खिलाड़ियों के साथ आसपास के गांवों के 100 से अधिक बच्चों ने इसमें हिस्सा लिया। बच्चों ने अलग अलग फुटबॉल गतिविधियों में भाग लेकर फिटनेस और टीम भावना का संदेश दिया। अकादमी की आवासीय बालिका फुटबॉल टीम की खिलाड़ी भी आयोजन में शामिल रहीं। जिंक फुटबॉल ने इस आयोजन के जरिए ग्रामीण बच्चों को खेल से जोड़ने और उन्हें बेहतर अवसर देने का संदेश दिया।
गांवों की प्रतिभा को मौका
कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों से आए बच्चों ने अकादमी के खिलाड़ियों के साथ विभिन्न फुटबॉल गतिविधियों में हिस्सा लिया। खेल के साथ आपसी संवाद ने बच्चों को फुटबॉल के प्रति प्रोत्साहित किया और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना भी विकसित की। जिंक फुटबॉल अकादमी का लक्ष्य ग्रामीण इलाकों में छिपी प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी फुटबॉल का अवसर देना है। आधुनिक सुविधाओं और पेशेवर कोचिंग के जरिए युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मंच उपलब्ध कराया जा रहा है। अकादमी की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक यहां खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के साथ शिक्षा और पोषण की सुविधाएं भी दी जाती हैं।
खेल से बदलाव की राह
हिंदुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमरेंदु प्रकाश ने कहा कि खेल युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और समावेशी समाज बनाने का सशक्त माध्यम हैं। कंपनी का जोर केवल खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने तक सीमित नहीं है, बल्कि खेलों को अधिक से अधिक लोगों के लिए सुलभ बनाने पर भी है। अकादमी के खिलाड़ियों और ग्रामीण बच्चों को एक मंच पर लाकर स्वास्थ्य, फिटनेस और अवसरों की संस्कृति को मजबूत करने की कोशिश की गई। कार्यक्रम ने ग्रामीण बच्चों के लिए खेल को संभावनाओं और आत्मविश्वास से जोड़ने का काम किया।
अकादमी की मजबूत पहचान
वर्ष 2018 में स्थापित जिंक फुटबॉल अकादमी को AIFF से 3 स्टार रेटिंग मिली हुई है। अकादमी के खिलाड़ी राजरूप सरकार, साहिल पूनिया, प्रेम हंसदाक और मोहम्मद कैफ भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्ष 2025 में ग्रामीण क्षेत्र की 20 बालिकाओं के साथ देश की पहली आवासीय बालिका फुटबॉल अकादमी शुरू की गई। जावर में 1976 में स्थापित फुटबॉल स्टेडियम आज भी राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिताओं की मेजबानी करता है। फुटबॉल के अलावा एथलेटिक्स, कबड्डी और वॉलीबॉल में भी ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मैराथन का भी आगाज
राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन 6 सितंबर को होने वाली वेदांता जिंक सिटी हाफ मैराथन की तैयारियों की शुरुआत का भी प्रतीक बना। आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह आयोजन उदयपुर में 6 सितंबर 2026 को होगा और इसमें अलग अलग दौड़ श्रेणियां शामिल हैं। कंपनी के अनुसार उसके खेल कार्यक्रमों ने अब तक करीब 30 हजार लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। शिक्षा, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, आजीविका और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में भी सामाजिक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। खेल दिवस का यह आयोजन ग्रामीण प्रतिभाओं से लेकर बड़े फिटनेस आयोजन तक जुड़ी एक व्यापक पहल के रूप में सामने आया।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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