मासूम से मारपीट, प्ले स्कूल में हंगामा, 4 पर POCSO में केस दर्ज
मासूम से मारपीट के आरोप ने दिल्ली के प्ले स्कूल पर सवाल खड़े किए। 4 लोगों पर POCSO में केस, CCTV और मेडिकल रिपोर्ट से जांच जारी है।

प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली, दिल्ली। जाफराबाद के एक प्ले स्कूल में साढ़े 3 साल के मासूम से मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने स्कूल प्रबंधन और स्टाफ के 4 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। परिवार का आरोप है कि बच्चे को पीटा गया और उसके साथ अनुचित व्यवहार किया गया। पुलिस ने POCSO एक्ट, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट और BNS की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। जांच में CCTV फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और दूसरे सबूत खंगाले जा रहे हैं। [1]
मासूम की हालत
बच्चे के पिता के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से बेटा रात में ठीक से सो नहीं पा रहा था और टॉयलेट जाने से भी डर रहा था। डॉक्टर को दिखाने पर दोनों कान के पर्दों में काफी सूजन मिली और मारपीट से चोट की आशंका जताई गई। इसके बाद परिवार ने स्कूल से CCTV फुटेज दिखाने की मांग की। पिता का आरोप है कि पहले फुटेज खराब होने की बात कही गई और अगले दिन बुलाया गया। परिवार का दावा है कि 1500 रुपये देने के बाद फुटेज दिखाई गई।
परिवार के अनुसार CCTV में बच्चे को थप्पड़ मारने, कुर्सी से बांधने और लात मारने जैसी हरकतें दिखाई दीं। बच्चे को खाना नहीं देने का आरोप लगाया गया है। एक दूसरे फुटेज को लेकर परिवार ने स्कूल की आया पर बच्चे के साथ आपत्तिजनक व्यवहार का आरोप लगाया। पिता का कहना है कि शिकायत करने पर स्कूल निदेशक ने कथित तौर पर बच्चों को रोज पीटे जाने जैसी बात कही। मासूम से मारपीट के इन आरोपों की पुलिस अब फुटेज और मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर जांच कर रही है।
फुटेज की जांच
जाफराबाद पुलिस ने स्कूल की निदेशक, प्रिंसिपल, एक शिक्षिका और आया के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपों की पुष्टि के लिए CCTV फुटेज, मेडिकल जांच के नतीजे और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा की जा रही है। पुलिस ने बच्चे की चिकित्सकीय जांच भी कराई है। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
मामले में मासूम से मारपीट के आरोपों की पुष्टि या खंडन अभी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस CCTV फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट को अहम साक्ष्य मानकर आगे बढ़ रही है। बच्चे की उम्र कम होने के कारण मामले में POCSO और बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों के तहत कार्रवाई की जा रही है। परिवार की शिकायत के बाद दर्ज केस ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस ने फिलहाल जांच जारी रहने की बात कही है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के परिणाम के बाद ही होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।