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कासिम बीकानेरी सम्मानित, ग़ज़ल से नाटक तक दिखा रचनात्मक रंग

कासिम बीकानेरी की सृजनात्मक यात्रा विषयक समारोह में उनके बहुआयामी लेखन को सराहा। कार्यक्रम मे उनके साहित्यिक योगदान की चर्चा हुई और कासिम बीकानेरी सम्मानित हुए।

By अजय त्यागी
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कासिम बीकानेरी सम्मानित

कासिम बीकानेरी सम्मानित

बीकानेर, राजस्थान। नगर के बहुआयामी सृजनधर्मी कासिम बीकानेरी की सृजनात्मक यात्रा पर आयोजित दो दिवसीय समारोह के पहले दिन साहित्यकारों ने उनके रचनात्मक सफर पर विस्तार से चर्चा की। प्रज्ञालय संस्थान और अदब सराय बीकानेर की ओर से आयोजित समारोह में कासिम बीकानेरी सम्मानित हुए। उन्हें शॉल, श्रीफल, उपरणा और माल्यार्पण के साथ सम्मान दिया गया। इस मौके पर उनकी प्रकाशित और संपादित पुस्तकों का प्रदर्शन भी किया गया। समारोह की अध्यक्षता टोंक के वरिष्ठ उर्दू लेखक डॉ. अज़ीज़ुल्लाह शीरानी ने की।

बहुआयामी लेखन की सराहना

डॉ. अज़ीज़ुल्लाह शीरानी ने कहा कि कासिम बीकानेरी केवल शायरी तक सीमित नहीं हैं बल्कि कहानी, अनुवाद और नाटक में भी लगातार बेहतर काम कर रहे हैं। मुख्य अतिथि वरिष्ठ व्यंग्यकार बुलाकी शर्मा ने उनके गद्य और पद्य लेखन के साथ अनुवाद कार्य की भी सराहना की। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ उर्दू शायर ज़ाकिर अदीब ने कहा कि उर्दू, हिंदी और राजस्थानी तीनों भाषाओं की कई विधाओं में समान रूप से काम करना आसान नहीं है। उन्होंने कासिम की इस उपलब्धि को खास बताया और उनकी रचनात्मकता की सराहना की।

तीन दशक का साहित्यिक सफर

वरिष्ठ कवि कथाकार कमल रंगा ने कहा कि कासिम बीकानेरी पिछले तीन दशकों से साहित्य, कला और समाज सेवा के क्षेत्र में समर्पित होकर काम कर रहे हैं। समारोह में कासिम ने अपनी चुनिंदा ग़ज़लें, क़तआत, राजस्थानी लघुकथा और हिंदी कहानी एक रिश्ता ऐसा भी प्रस्तुत की। उनकी प्रस्तुतियों को श्रोताओं ने खूब पसंद किया। डॉ. मोहम्मद फ़ारूक़ चौहान ने पत्रवाचन के जरिए उनके साहित्यिक व्यक्तित्व पर अपनी बात रखी। वरिष्ठ कवि कथाकार प्रमोद कुमार शर्मा ने उनके प्रकाशित गद्य संग्रहों पर चर्चा करते हुए उन्हें संवेदनशील और जागरूक दृष्टि वाला लेखक बताया।

साहित्यिक सफर की गूंज

कासिम बीकानेरी सम्मानित होने के साथ समारोह में उनकी रचनात्मक यात्रा पर हुई चर्चा ने बीकानेर के साहित्यिक माहौल को भी खास रंग दिया। कार्यक्रम की शुरुआत तिलावते कलामे पाक से हाफ़िज़ सय्यद ज़िया मोहम्मद बीकानेरी ने की। स्वागत उद्बोधन डॉ. नृसिंह बिन्नाणी ने दिया और संचालन कवि गिरिराज पारीक ने किया। आभार डॉ. ज़िया उल हसन क़ादरी ने जताया। समारोह में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रबुद्ध लोगों ने कासिम बीकानेरी की साहित्यिक यात्रा और योगदान की भरपूर सराहना की।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। समारोह में व्यक्त विचार संबंधित वक्ताओं के विचार हैं और साहित्यिक मूल्यांकन को किसी आधिकारिक पुरस्कार या संस्थागत निर्णय के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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