अमेरिका ईरान युद्ध फिर भड़का, 2 लॉन्चर तबाह, जॉर्डन पर मिसाइलें
अमेरिका ईरान युद्ध फिर भड़का, होर्मुज में अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं, तेल जहाजरानी पर खतरा बढ़ा।

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स
वॉशिंगटन, डीसी। अमेरिका ईरान युद्ध एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। अमेरिकी बलों ने रविवार को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास लारक द्वीप पर ईरान के 2 रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स इन लॉन्चरों से समुद्री बारूदी सुरंगें डालने की तैयारी कर रहे थे। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई के आखिर के बाद यह ईरान पर पहली ज्ञात अमेरिकी सैन्य कार्रवाई है। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की घोषणा कर दी। [1]
सैन्य टकराव बढ़ा
लारक द्वीप पर कार्रवाई को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सीमित और सटीक कदम बताया। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगें डालने की तैयारी कर रहे थे। इसी वजह से वहां मौजूद लॉन्चरों को तत्काल खतरा माना गया। रॉयटर्स की रिपोर्ट में बताया गया कि अमेरिका ने कार्रवाई को समुद्री जहाजों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की सुरक्षा से जोड़ा है। ईरानी गार्ड्स ने हमले में कई सैनिकों और नागरिकों के मारे जाने और घायल होने की बात कही है, लेकिन सटीक आंकड़ा नहीं दिया।
इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया। ईरानी मीडिया के मुताबिक, जॉर्डन में मौजूद 2 अमेरिकी ठिकानों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया। जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसके हवाई क्षेत्र में दाखिल 8 मिसाइलें रोक ली गईं। अमेरिकी पक्ष से भी संकेत मिला कि अधिकांश मिसाइलें रोक ली गईं और बड़ा नुकसान सामने नहीं आया। हालांकि ईरानी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस घटनाक्रम ने कई हफ्तों से अपेक्षाकृत शांत पड़े मोर्चे को फिर सक्रिय कर दिया है और आगे तनाव बढ़ने की आशंका पैदा हुई है।
होर्मुज पर संकट
अमेरिका ईरान युद्ध के इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा असर होर्मुज जलडमरूमध्य पर पड़ सकता है। यह रास्ता दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम है और युद्ध से पहले वैश्विक कच्चे तेल तथा तरलीकृत प्राकृतिक गैस की करीब एक पांचवीं खेप यहीं से गुजरती थी। शिपिंग आंकड़ों के मुताबिक, सप्ताहांत में यहां दिखने वाले मालवाहक जहाजों की संख्या घटकर रोज 5 रह गई। कुछ जहाजों ने अपनी पहचान बताने वाली स्वचालित प्रणाली बंद कर दी है, इसलिए वास्तविक आवाजाही इससे ज्यादा हो सकती है। तेल कीमतों में भी ताजा तनाव के बाद उछाल दर्ज हुआ है।
सैन्य दबाव के साथ अमेरिका आर्थिक मोर्चे पर भी ईरान को घेरने की तैयारी में है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने रॉयटर्स से कहा कि ईरान पर नए द्वितीयक प्रतिबंध हर सप्ताह लगाए जा सकते हैं और शुरुआती निशाना बैंक होंगे। अमेरिकी प्रशासन ऐसे संस्थानों को डॉलर आधारित वित्तीय व्यवस्था से काटने की चेतावनी दे रहा है जिन पर ईरान से आर्थिक संबंध रखने का आरोप है। यानी अब लड़ाई सिर्फ मिसाइलों तक सीमित नहीं दिख रही। अमेरिका ईरान युद्ध का अगला असर तेल, शिपिंग और वैश्विक बाजारों पर भी पड़ सकता है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। सैन्य कार्रवाई, हताहतों और जवाबी हमलों से जुड़े कुछ दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं होने के कारण घटनाक्रम बदलने की स्थिति में जानकारी अपडेट की जा सकती है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।