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35.72 लाख की ठगी में 3 गिरफ्तार, फर्जी ईमेल व लेटरहेड से रची साजिश

35.72 लाख की ठगी का खुलासा हुआ है। देवरिया में साइबर पुलिस ने 3 आरोपियों को पकड़ा है। फर्जी लेटरहेड और ईमेल से रकम ट्रांसफर कराने का आरोप है।

By अजय त्यागी
1 min read
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

देवरिया, उत्तर प्रदेश। 35.72 लाख की ठगी के मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने कथित गिरोह के 3 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। सीओ सलेमपुर गौरव सिंह के मुताबिक आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज और ईमेल के जरिए बैंक को गुमराह कर रकम ट्रांसफर कराई। रॉयटर्स का हवाला इस मामले में उपलब्ध तथ्यों में नहीं है इसलिए एजेंसी संबंधी पंक्ति नहीं जोड़ी गई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 1 मोटरसाइकिल बरामद की है।  [विडियो]

फर्जी कागजों से जाल

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने एक कंपनी के नाम से फर्जी लेटरहेड तैयार किया और उसके आधार पर बैंक को ईमेल भेजा। कथित तौर पर इसी तरीके से 35.72 लाख की ठगी करते हुए रकम एक खाते में ट्रांसफर कराई गई। जांच में सामने आए विवरण के मुताबिक रकम आगे दूसरे खाते में भेजी गई। पुलिस ने समय रहते 34.50 लाख रुपये की रकम सुरक्षित करा ली। अब इस रकम को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीड़ित तक पहुंचाने की कार्रवाई की जा रही है।

पूछताछ में खुला राज

पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने साइबर ठगी के तरीके के बारे में जानकारी दी। कथित तौर पर पहले फर्जी कंपनी दस्तावेज तैयार किए जाते थे और फिर बैंक अधिकारियों को ईमेल भेजकर रकम ट्रांसफर कराने की कोशिश की जाती थी। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों को शक है कि इस तरीके से दूसरे लेनदेन भी किए गए हो सकते हैं। उनकी पुष्टि के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

जांच का दायरा बढ़ा

35.72 लाख की ठगी के मामले में पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और संभावित बैंक लेनदेन की भी जांच कर रही है। पूछताछ में सामने आए विवरण और मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्य जांच की दिशा तय कर सकते हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। फिलहाल मामले में अंतिम जिम्मेदारी और दोष तय होना न्यायिक प्रक्रिया का विषय है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मामले में पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं और आरोपियों की अंतिम दोषसिद्धि सक्षम न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief