लायंस क्लब का नया संकल्प, सेवा के साथ स्वास्थ्य और सुरक्षा पर जोर
नई कार्यकारिणी ने संभाली कमान, लायंस क्लब का नया संकल्प सामने आया, स्वास्थ्य जागरूकता, सामाजिक सेवा और यातायात सुरक्षा को प्राथमिकता देने की तैयारी।

लायंस क्लब का शपथ ग्रहण समारोह
बीकानेर, राजस्थान। लायंस क्लब बीकानेर मल्टीविजन की नव निर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। नई टीम ने पद और दायित्व की शपथ लेते हुए सेवा गतिविधियों को व्यापक बनाने का संकल्प लिया। समारोह में मुख्य अतिथि बीकानेर बार एसोसिएशन अध्यक्ष अजय पुरोहित ने पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। उन्होंने साफ कहा कि शपथ लेना केवल औपचारिकता नहीं बल्कि जिम्मेदारी निभाने की शुरुआत है। लायंस क्लब का नया संकल्प अब स्वास्थ्य जागरूकता, सामाजिक सेवा और यातायात सुरक्षा जैसे मुद्दों पर काम को आगे बढ़ाने के रूप में सामने आया।
सेवा की असली कसौटी
मुख्य अतिथि अजय पुरोहित ने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता उसके पदाधिकारियों की सक्रियता, अनुशासन और सेवा भावना पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि सदस्यों को शपथ में लिए गए दायित्वों का ईमानदारी से पालन करना होगा और संगठन के सेवा कार्यों को व्यापक स्तर तक पहुंचाना होगा। उनके मुताबिक लायंस क्लब का नया संकल्प तभी प्रभावी होगा जब पदाधिकारी कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। उन्होंने सदस्यों से लॉयनवाद के नियमों और सेवा भावना को समझकर जिम्मेदारी के साथ काम करने की अपील की।
पुरोहित ने स्वास्थ्य क्षेत्र को भी प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, रक्तदान और स्वस्थ जीवनशैली को लेकर जनजागरूकता कार्यक्रम बढ़ाने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि सेवा संगठनों की पहुंच समाज के उन लोगों तक होनी चाहिए जिन्हें स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सहायता की जरूरत रहती है। लायंस क्लब का नया संकल्प इसी दिशा में आगे बढ़ता है तो स्थानीय स्तर पर लोगों को सीधा लाभ मिल सकता है। इसके लिए नियमित कार्यक्रम और मजबूत भागीदारी जरूरी होगी।
सड़क सुरक्षा पर फोकस
नवनिर्वाचित अध्यक्ष लायन नीरज कुमार भटनागर ने मानव सेवा को जीवन की सबसे बड़ी सेवा बताया। उन्होंने कहा कि समाज का हिस्सा होने के नाते प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लायंस क्लब से जुड़ने के लिए आर्थिक रूप से बहुत संपन्न होना जरूरी नहीं है। सामान्य वर्ग के लोगों को साथ लेकर भी प्रभावी सेवा कार्य किए जा सकते हैं। लायंस क्लब का नया संकल्प आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने और सेवा गतिविधियों को ज्यादा व्यापक बनाने पर आधारित रहेगा।
भटनागर ने आने वाले समय में यातायात सुरक्षा अभियान को प्राथमिकता देने की बात कही। स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात नियमों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बताई गई। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने और सड़क पर जिम्मेदारी से व्यवहार करने का संदेश भी लोगों तक पहुंचाने पर जोर रहेगा। लायंस क्लब का नया संकल्प अगर इन अभियानों को लगातार आगे बढ़ाता है तो युवाओं और आमजन के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर व्यवहारिक जागरूकता बढ़ाने की कोशिश को बल मिल सकता है।
नई टीम के सामने चुनौती
कार्यक्रम की संयोजक और नव निर्वाचित सचिव लायन डॉ. सुचित्रा कश्यप ने कहा कि किसी संगठन को आगे बढ़ाने के लिए उसके उद्देश्य और कार्यप्रणाली को समझना जरूरी है। उन्होंने पदाधिकारियों से संगठन को पर्याप्त समय देने और सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। मुख्य वक्ता प्रमोद बहादुर सक्सेना ने लॉयनवाद के उद्देश्यों और सिद्धांतों की जानकारी दी। उन्होंने सेवा कार्यों के मूल मंत्र और समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने की भावना पर विस्तार से बात रखी।
समारोह में अध्यक्ष नीरज कुमार भटनागर, सचिव डॉ. सुचित्रा कश्यप, उपाध्यक्ष विजय शर्मा और अंजू जैन सहित अन्य पदाधिकारियों को पद एवं दायित्व की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वज वंदना और विश्व शांति के लिए मौन प्रार्थना से हुई। संरक्षक लायन शशांक सक्सेना ने मातृशक्ति चंद्रकांता सोनी का सम्मान किया। कार्यक्रम में गीतों की प्रस्तुति भी हुई और क्लब सदस्यों के साथ गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। लायंस क्लब का नया संकल्प अब इन घोषणाओं को नियमित सेवा गतिविधियों में बदलने और समाज तक उनका असर पहुंचाने की परीक्षा से गुजरेगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। आगामी सेवा गतिविधियों और जागरूकता अभियानों से संबंधित बातें कार्यक्रम में व्यक्त योजनाओं और संकल्पों पर आधारित हैं तथा इनके क्रियान्वयन की समयसीमा या परिणाम की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।