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विज्ञान में नवाचार का जलवा, 30 मॉडल से छात्राओं ने दिखाई नई सोच

विज्ञान में नवाचार की शानदार झलक, 30 प्रोजेक्ट में छात्राओं ने जल संरक्षण, साइबर सुरक्षा, ऊर्जा और प्रदूषण जैसे मुद्दों के समाधान दिखाए।

By अजय त्यागी
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विज्ञान मेले का आयोजन

विज्ञान मेले का आयोजन

भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। पीएम श्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय बापूनगर में राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत आयोजित विज्ञान मेले में छात्राओं की रचनात्मक सोच सामने आई। मेले में 30 प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए गए, जिनमें 17 जूनियर और 13 सीनियर वर्ग के रहे। कई मॉडल ऐसे थे जिन्हें काम करते हुए भी प्रदर्शित किया गया। विज्ञान में नवाचार को केंद्र में रखकर तैयार इन प्रोजेक्ट में रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर पर्यावरण और तकनीक से जुड़े मुद्दों तक को जगह मिली। विद्यालय परिसर में सजे मॉडल विद्यार्थियों और स्टाफ के बीच आकर्षण का केंद्र बने।

मॉडल में दिखी नई सोच

मेले में हाइड्रोलिक लिफ्ट, साइबर सेफ्टी, वर्षा जल संरक्षण, जीवनोपयोगी गैजेट्स, प्रदूषण नियंत्रण और गैर पारंपरिक ऊर्जा जैसे विषयों पर मॉडल तैयार किए गए। खास बात यह रही कि छात्राओं ने ऐसे विषय चुने जिनका संबंध सीधे आम जीवन से है। किसी मॉडल में पानी बचाने का संदेश था तो किसी में तकनीक के सुरक्षित इस्तेमाल पर जोर दिया गया। विज्ञान में नवाचार की यह कोशिश केवल किताबों में पढ़े सिद्धांतों को दोहराने तक सीमित नहीं रही, बल्कि छात्राओं ने अपनी समझ को मॉडल और प्रयोग के जरिए सामने रखने का प्रयास किया।

प्रधानाचार्य सुनीता ननकानी ने बताया कि मेले का उद्घाटन जिला शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र कुमार गग्गड़ ने किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों में सृजनात्मकता, तार्किक चिंतन और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। मेले का अवलोकन विद्यालय के स्टाफ के साथ करीब 750 छात्राओं ने किया। परिसर को विशेष रूप से सजाया गया और छात्राओं के उत्साह को बढ़ाने के लिए सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया। इससे शैक्षणिक गतिविधि के साथ आयोजन में उत्सव जैसा माहौल भी देखने को मिला।

अब जिला स्तर की चुनौती

कार्यक्रम संयोजक गौरव कुमारी ने बताया कि आयोजन को सफल बनाने में रेणु, सीमा कोहली, शुभम खोईवाल, लक्ष्मी शर्मा, अमर ज्योति, सौरभ सिंह और हर्षित शर्मा का विशेष योगदान रहा। मेले में चयनित छात्राएं अब जिला स्तर पर विद्यालय का प्रतिनिधित्व करेंगी। उनके सामने अब अपने मॉडल को ज्यादा प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने और उसकी उपयोगिता समझाने की चुनौती होगी। विज्ञान में नवाचार को आगे ले जाने के लिए केवल मॉडल तैयार करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उसके पीछे की वैज्ञानिक सोच और समस्या के समाधान को स्पष्ट तरीके से बताना भी जरूरी होगा।

जिला स्तर पर होने वाली अगली प्रस्तुति छात्राओं के लिए अपने विचारों को और निखारने का अवसर होगी। स्कूल स्तर के मेले में अलग अलग विषयों पर सामने आए मॉडल यह संकेत देते हैं कि छात्राओं की रुचि पारंपरिक विज्ञान से आगे बढ़ रही है। जल संरक्षण, साइबर सुरक्षा, प्रदूषण और वैकल्पिक ऊर्जा जैसे विषय वर्तमान जरूरतों से सीधे जुड़े हैं। विज्ञान में नवाचार का यही पक्ष इस आयोजन को महत्वपूर्ण बनाता है कि छात्राओं ने विज्ञान को केवल विषय के रूप में नहीं देखा, बल्कि उसे आसपास की समस्याओं से जोड़कर समाधान तलाशने की कोशिश की।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। आयोजन से संबंधित प्रोजेक्ट और छात्राओं की संख्या जैसे आंकड़े उपलब्ध कराए गए स्थानीय समाचार विवरण पर आधारित हैं और स्वतंत्र ऑनलाइन स्रोतों से इन सभी आंकड़ों की पुष्टि उपलब्ध नहीं हो सकी है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief