40 हजार की रिश्वत लेते हेड कांस्टेबल और दलाल ACB के जाल में फंसे
40 हजार की रिश्वत लेते जयपुर ग्रामीण में हेड कांस्टेबल और उसका कथित दलाल ACB के ट्रैप में पकड़े गए, जांच में राहत का आरोप है।

गिरफ्तार आरोपी हेडकांस्टेबल और दलाल
जयपुर, राजस्थान। 40 हजार की रिश्वत लेते अमरसर थाने में तैनात हेड कांस्टेबल रतनलाल आर्य और उसके कथित दलाल राकेश मीणा को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि थाने में लंबित मामले में परिवादी को राहत देने और जांच उसके पक्ष में करने के बदले रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत मिलने के बाद ACB ने सत्यापन कराया और मांग की पुष्टि होने पर ट्रैप की कार्रवाई की। मंगलवार को रकम का लेनदेन होते ही टीम ने दोनों को पकड़ लिया और 40 हजार रुपये की पूरी रकम बरामद की। [1]
शिकायत से खुला मामला
ACB के अनुसार परिवादी के खिलाफ अमरसर थाने में एक मामला लंबित था और उसकी जांच हेड कांस्टेबल रतनलाल आर्य कर रहा था। आरोप है कि जांच में फायदा पहुंचाने और मामले में राहत देने के बदले हेड कांस्टेबल ने रिश्वत मांगी। रकम लेने के लिए कथित तौर पर राकेश मीणा को माध्यम बनाया गया। परेशान परिवादी ने एसीबी में लिखित शिकायत दी। इसके बाद शिकायत का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान 40 हजार की रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद ACB ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी।
शिकायत की पुष्टि के बाद ACB के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र चौधरी के नेतृत्व में ट्रैप टीम गठित की गई। तय योजना के तहत परिवादी ने राकेश मीणा और हेड कांस्टेबल रतनलाल आर्य को 40 हजार रुपये की रिश्वत की रकम दी। जैसे ही रकम का लेनदेन हुआ ACB टीम ने दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया। अधिकारियों ने आरोपियों के कब्जे से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली। कार्रवाई के बाद दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े प्रकरण में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
ठिकानों पर भी जांच
गिरफ्तारी के बाद ACB की टीमें हेड कांस्टेबल रतनलाल आर्य के आवास और अन्य संभावित ठिकानों पर भी जांच कर रही हैं। अधिकारियों की ओर से आय से अधिक संपत्ति और संदिग्ध दस्तावेजों से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है। इस कार्रवाई का मकसद सिर्फ रिश्वत की रकम तक सीमित नहीं है बल्कि आरोपी की संपत्ति और अन्य वित्तीय गतिविधियों से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जा रही है। जांच में सामने आने वाले दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ACB अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि 40 हजार की रिश्वत का यह मामला केवल इसी एक लंबित प्रकरण तक सीमित था या आरोपियों पर पहले भी इसी तरह रकम लेने के आरोप रहे हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच आगे बढ़ रही है। ACB की कार्रवाई में रिश्वत की पूरी रकम बरामद होना मामले का अहम हिस्सा है। हालांकि आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होगी। जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित संलिप्तता की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। रिश्वत मांगने और लेने के आरोप ACB की शिकायत तथा कार्रवाई में सामने आए तथ्यों पर आधारित हैं और आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।